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विशाखापट्टनम में संपन्न हुआ सम्मेलन, इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज ने की पदाधिकारियों की घोषणा

विशाखापट्टनम के गीतम विश्वविद्यालय के सभागार में दुनिया की सबसे बड़ी ज्योतिष संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंसेज की बैठक बीते रविवार को संपन्न हुई। इस दौरान अगले तीन वर्ष के लिए पदाधिकारियों की घोषणा की गई। साथ ही एक ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।

सम्मेलन के दौरान चौथी बार संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने श्री शुक्ला ने विभिन्न शहरों में 11 खंड खोलने की घोषणा की, जहां ज्योतिष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। अब कुल मिलाकर 60 से अधिक केंद्र हो जाएंगे। हिंदी क्षेत्रों में गोरखपुर में अजय कुमार गौतम, लखनऊ में एस. के. मिश्रा व कलकत्ता में नीरज अग्रवाल ज्योतिष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगे।

ज्योतिष सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गोवा के निवर्तमान मुख्य सचिव परिमल राय ने कहा कि ज्योतिष के क्षेत्रों में विद्वानों को वेदों की स्थापनाओं को समाज के विकास में प्रयुक्त करना चाहिए। वर्ष 2020 में पूरे विश्व ने एक अघोषित सा युद्ध झेला है, जिसने अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया और वस्तुओं का अभाव हो गया।

उन्होंने कहा कि ज्योतिषियों को सरकार की मदद के लिए भी भविष्यवाणियों का उपयोग करना चाहिए। महामारी के दौरान जो ऑनलाइन शिक्षा दी गई है उसमें परस्पर विमर्श के तत्व का अभाव रहा है तथा परंपरागत शिक्षा पद्धति का उपयोग नहीं हो पाया है। यह कक्षाओं में ही संभव हो पाता है।

काउंसिल के नवनियुक्त अध्यक्ष ने बताया कि वेदों को समझने के लिए संस्कृत अनिवार्य है। यह संस्था वैदिक शोध व अनुवाद पर ध्यान केंद्रित कर रही है। गीतम विश्वविद्यालय के अध्यक्ष एम सिद्धार्थ ने बताया कि यह संस्था स्वेच्छा नाम का स्कूल प्रारंभ कर रही है जिसमें बच्चों का भविष्य संवारा जाएगा।

ज्योतिष सम्मेलन में कानपुर के भोलानाथ शुक्ला व रमेंश चिंतक, दिल्ली से प्रदीप चतुर्वेदी, रोहित वेदी, फरीदाबाद से परशुराम वरिष्ठ, बेंगलुरु से गायत्री देवी वासुदेव, बेंगलुरु से ही नरसिंह आलसे, उदयपुर से आरपी शर्मा, जयपुर से जगदीश तिवारी, अलवर से राजेंद्र प्रसाद शर्मा, चंडीगढ़ से अनिल कौशिक, दिल्ली से एम. अंजनेयुलु,आशीष शर्मा, नवनीत कौशिक व जयपुर से वास्तु विद्वान पंडित सतीश शर्मा उपस्थित रहे। 
Feb 17 2021

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  • Rakesh Tikait Kundali : कृषि कानून को लेकर क्या इशारा कर रहे हैं राकेश टिकैत के ग्रह - नक्षत्र?- आचार्य राजेश जी महाराज


    देश में इन दिनों किसान आंदोलन का सैलाब आया हुआ है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा व देश के अनेक संभागों में किसान एवं सरकार के बीच रस्सा-कस्सी की स्थिति बनी हुई है। राकेश टिकैत सर्वमान्य किसान नेता के रूप में देश में उभरे हैं। राकेश टिकैत कृषि किसान तथा आम जनमानस के लिए नई आशा से कम नहीं हैं। ज्योतिषाचार्य राजेश जी महाराज (निदेशक, लोकमंगल ज्योतिष अनुसंधान संस्थान, बांदा, उत्तर प्रदेश) के अनुसार किसान आंदोलन का निश्चित समाधान कब तक होगा इस आशय से जुड़ा किसान नेताओं का ज्योतिष इस प्रकार है :- 

    श्रवण नक्षत्र मकर राशि में जन्मे राकेश टिकैत का जन्म लग्न कर्क है। चंद्रमा की दृष्टि गुरु, चंद्र का केंद्र त्रिकोण योग तथा वर्गोत्तम शुक्र, मंगल के प्रभाव से सर्वमान्य किसान नेता के रूप में देश में उन्हें प्रसिद्धि मिलेगी। इनकी जन्मपत्री में शनि महादशा में शनि अंतर तथा शनि, शुक्र युति किसान आंदोलन के मध्य से मशहूर कर रही है। भारतवर्ष की लग्न राशि मकर, राकेश की राशि मकर तथा उत्तर प्रदेश की राशि मकर पंचग्रही एवं षडग्रही विरोधी ग्रहों से पीड़ित है। जो किसी क्रांति या आंदोलन से जनहित को सूचित करती है। 

    2021, फरवरी मास का दूसरा व तीसरा सप्ताह किसान आंदोलन के लिए निर्णायक हो सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से महाउपद्रवकारी (हिंसा, तोड़-फोड़, राजनैतिक अस्थिरता, प्राकृतिक प्रकोप आदि) तारीखें 9, 10, 11, 12 एवं 13 फरवरी होंगी। सरकार को विपक्ष एवं किसानों के विरोध का जबरदस्त सामना करना होगा। 

    25 फरवरी, 2021 के बाद 31 मार्च आने तक नया कृषि कानून अंशिक सुधारों के साथ सरकार व किसान के बीच समन्वय के रास्ते से देश में लागू होगा। ऐसे हैं ज्योतिषीय ग्रह योग। सरकार को इस कृषि कानून को नए सिरे से लागू करने में कामयाबी मिलेगी। यह किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश की राजनैतिक दिशा को परिवर्तीत करने वाला होगा।
    Feb 04 2021
  • Sushant Singh Rajput Kundali: 34 साल की उम्र में कैसे बने सुशांत सुपरस्टार, जानिए उनका कुंडली विश्लेषण


    1. वृश्चिक राशि का स्वामी बारहवें घर के स्वामी मंगल के साथ , दसवें भाव का स्वामी है। यह इस तथ्य को स्थापित करता है कि वह अपने मूल स्थान से बाहर चले गए और मुंबई में अपना करियर बनाया।
    2. आरोही स्वामी मंगल शिक्षा के पाँचवें देवता बृहस्पति से भी जुड़ा है, जो कि शिक्षा का भी अक्षुण्ण है, यह इस तथ्य को स्पष्ट करता है कि मूल निवासी अपने गृहनगर से बाहर की शिक्षा प्राप्त करेगा। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और कॉलेज नई दिल्ली से किया था।
    3. तीसरा घर प्रदर्शन कलाओं का है। यहां प्रोफेशन के दसवें स्वामी को रचनात्मक कार्यों के साथ रखा गया है। शुक्र और बृहस्पति की शिक्षा भी इसमें शामिल है। इसलिए, उन्हें एक्टिंग और डांसिंग का शौक था।
    4. 2003 के बाद से उनका राहु प्रमुख काल शुरू हो गया था। यह संघर्ष के छठे घर में तैनात था और उन्हें सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ने के लिए सहनशक्ति और साहस प्रदान करता था । क्योंकि राहु 6/12 अक्ष में आरोही स्वामी मंगल को प्रेरित कर रहा है, जिससे वह अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भयंकर प्राप्त करतें थे।
    5. राहु उप अवधि के दौरान उन्हें 51 वें फिल्मफेयर पुरस्कारों में पृष्ठभूमि नर्तक  के रूप में चुना गया था। फिर बाद में बृहस्पति उप अवधि में वह बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ जुड़ गए और टेलीविजन धारावाहिकों से जुड़ी उनकी यात्रा शुरू हुई।
    6. इस दौरान करियर में उनकी निरंतरता बनी रही और दर्शकों का ध्यान आकर्षित हुआ जिससे उनकी प्रतिभा को पहचान मिली। इस समय कुंडली में शनि उप काल चल रहे थे। आत्म प्रयासों, साहस और कड़ी मेहनत के तीसरे घर के स्वामी के रूप में, उन्होंने खुद को एक अभिनेता के रूप में हासिल किया और स्थापित किया। शनि दसवें घर और दसवें भगवान सूर्य और शुक्र, बृहस्पति और चंद्रमा को भी प्रभावित कर रहा था।
     7. बुध उप काल में, जो नाम और प्रसिद्धि के ग्यारहवें घर का स्वामी है, उसे फिल्मों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। जैसा कि बुध का प्रभाव होता है उन्हें जबरदस्त नाम, प्रसिद्धि और पैसा मिला। लाभ के ग्यारहवें घर के बुध भगवान के रूप में, बैंक बैलेंस के दूसरे घर में रखा गया, उनकी संपत्ति कई गुना बढ़ने लगी।
    8. उनके पेशेवर ग्राफ में लगातार वृद्धि हुई क्योंकि ग्रहों की दशा पूरी तरह से सहायक थी। साथ ही बुध, केतु, शुक्र, सूर्य उप काल के बाद भी प्रत्येक काम में सफलता और निरंतरता देने में पूरी तरह से सक्षम थे।
     
    Aug 29 2020
  • Rhea Chakraborty Kundali: कुंडली की यह दशा बनी है रिया चक्रवर्ती के लिए अभिशाप, जानें कुंडली विश्लेषण

    कुंडली के अनुसार जो वास्तव में हड़ताली है वह 10 वें घर में सूर्य, चंद्रमा, शुक्र और केतु है। 10 वें घर में मजबूत ग्रहों के होने का अर्थ है एक व्यक्ति जो आसानी से स्थिति प्राप्त कर सकता है या जो समाज में उच्च स्थिति वाले लोगों से अच्छी तरह से जुड़ा होगा। ऐसी कुंडली के जातक अचानक सही या गलत कारण से लाइमलाइट को आकर्षित करेंगे।

    यह सूर्य के साथ एक जटिल कुंडली है, 12 वें स्वामी, चंद्रमा 11 वें स्वामी, शुक्र 2 वें और 9 वें स्वामी और केतु सभी 10 वें घर में एक साथ हैं। इसलिए, उन्हें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और महेश भट्ट के नाम से प्रसिद्धि मिली।

    10 वें घर में ग्रहों के इस तरह के एक स्टेलियम के कारण उन्हें बॉलीवुड में बड़े नामों के साथ पहचान मिला, यहां तक कि सुशांत सिंह राजपूत जैसे उभरते सितारे ने अपनी पहली प्रेमिका अंकिता लोखंडे के साथ संबंध तोड़ दिया और रिया चक्रवर्ती को अपनी प्रेमिका के रूप में चुना।

    चतुर्थ भाव राहु उनकी कुंडली में पाया जाता है जिसका अर्थ है कि उन्हें घर से कम खुशी मिलेगी और माँ या मातृभूमि से स्नेह मिलेगा।

    मकर राशि के 5 वें घर में 5 वें स्वामी शनि एक ऐसे व्यक्ति को इंगित करते हैं जो बहुत बुद्धिमान है और स्वाभाविक रूप से फिल्म उद्योग के लिए इच्छुक है।

    8 वें घर में मंगल होते हैं जो जीवन के लिए खतरे का संकेत देते हैं।

    11 वें घर में लग्न स्वामी और 10 वें स्वामी बुध एक और संकेत है कि उसके पास दोस्तों का बहुत शक्तिशाली नेटवर्क है जो स्वयं प्रभावशाली और उद्योगों के मूवर्स और शेकर हैं।


     
    Aug 26 2020
  • गोरखपुर के पंडित सचींद्र नाथ से अभिनेत्री कंगना रणौत लेती हैं सलाह, देखें तस्वीरें


    फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हैं। दरअसल मुंबई में बने कंगना के ऑफिस (मणिकर्णिका फिल्म्स) पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को बुलडोजर चला दिया। बता दें कि कंगना का यह ऑफिस गोरखपुर के पंडित सचींद्र पांडेय की सलाह पर बनाया गया था। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए कि इस मामले में पंडित सचींद्र नाथ पांडेय का क्या कहना है?

    बता दें कि फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत हर शुभ कार्य जिले के रामजानकी नगर निवासी पंडित सचींद्र नाथ पांडेय की ही सलाह पर करती हैं। तनु वेड्स मनु, क्वीन, मणिकर्णिका, कृष-3 जैसी दर्जनों फिल्मों में कंगना के किरदार का नाम, शूटिंग और लांचिंग का मुहूर्त तय करने वाले पंडित सचींद्र पांडेय की ही देखरेख में मुंबई स्थित कंगना का ऑफिस बना था। सचींद्र पांडेय ने कहा कि इस पर बुलडोजर चलने के पीछे ग्रहों की वह युति है, जो कंगना के हर बड़े काम में बाधा बनती है।

    पंडित सचींद्र पांडेय ने बताया कि मणिकर्णिका नाम कंगना रणौत के जीवन का टर्निंग प्वाइंट है। इस नाम से बनी फिल्म से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट पहचान बनी तो इसी को लेकर कंगना ने मणिकर्णिका नाम से अपना ऑफिस भी बनवाया। सिंह राशि की कंगना रणौत के साथ इस नाम से एक मजबूत पहचान उनके कुंडली के ग्रह दशा के अनुकूल है।

    पंडित सचींद्र नाथ के मुताबिक, मणिकर्णिका का टूटा कार्यालय भी उन्हें प्रसिद्धि देगा। अगर किसी को लगता है कि मौजूदा स्थितियां कंगना को विचलित करेंगी तो वह भ्रम में है। बाधाएं कंगना को मजबूत करेंगी। 'मणिकर्णिका' पर चला बुलडोजर कंगना को राजनीतिक मुकाम दिलाने का पायदान बनेगा। अगर कंगना ने राजनीति में जाने का निर्णय लिया तो वहां भी सफलता मिलनी तय है।

    पंडित सचींद्र पांडेय ने बताया कि कंगना रणौत की कुंडली में ग्रहों की चाल और दशाएं बता रही हैं कि यह वह वक्त है, जब लोग कंगना की हिम्मत देखेंगे और उनके साथ जुड़ेंगे। बता दें कि, पंडित सचिंद्र नाथ कंगना को वैष्णों माता और कामाख्या धाम में धार्मिक अनुष्ठान करवा चुके हैं।
     
    Sep 11 2020
  • अभिषेक बच्चन के जन्मदिन पर जानते हैं उनके जीवन में ग्रह - नक्षत्रों का विशेष स्थान !


    कुम्भ राशि के जातक अभिषेक बच्चन का जन्म 5 फरवरी, 1976 को हुआ था, जो बॉलीवुड के मेगा-स्टार, जया भादुरी और अमिताभ बच्चन के बेटे थे, स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे ऐग्लोन कॉलेज में अपनी पढ़ाई करने चले गए। उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स में बिजनेस का भी अध्ययन किया, लेकिन अपना मन बदल लिया और बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। 2000 में '' रिफ्यूजी '' से शुरू होकर, उन्होंने कई अन्य फिल्मों में अभिनय किया। वह 'ब्लफ़मास्टर', और 'धूम' में एक गायक भी रहे हैं। 

    इन भूमिकाओं के बाद जनता ने उनकी सराहना करना शुरू कर दिया, विशेष रूप से '' युवा '', बंटी और बबली '', '' सरकार '' और '' कभी अलविदा ना कहना '' में उनकी भूमिका के लिए उन्होंने कुल 6 पुरस्कार जीते। उनकी निजी लव लाइफ में उन्होंने बॉलीवुड करिश्मा कपूर से सगाई की थी, लेकिन सगाई टूट गई थी। फिर उनकी मुलाकात ऐश्वर्या राय से हुई, जो कई फिल्मों में उनकी सह-कलाकार थीं, और 20 अप्रैल, 2007 को जुहू, बॉम्बे में उन्होंने उनसे शादी कर ली। 

    अभिषेक बच्चन बहुत ही व्यवहारिक व्यक्ति हैं और उतने ही सक्षम भी। अभिषेक बच्चन स्वभाव से बहुत चुस्त-दुरुस्त हैं। यह भी संभव है कि अभिषेक में ये गुण बहुत अधिक विकसित हों और यह हो सकता है कि मिनट विवरण में भाग लेने के दौरान, अभिषेक जीवन के कुछ बड़े अवसरों को खो देते हैं। अभिषेक संवेदनशील और उदार हैं। 

    अभिषेक बच्चन में कुछ भी या किसी के भी माध्यम से देखने की क्षमता है, इसलिए उनसे कुछ भी छुपाना बहुत मुश्किल है। अंतर्दृष्टि की यह स्पष्टता विरोध पर काबू पाने और संतुष्टि की उपलब्धि में सहायता करती है। अभिषेक बच्चन के पास किसी भी स्थिति की त्वरित समझ है और किसी भी समस्या को हल करने की क्षमता है।  हमारी ओर से उन्हें जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई, हम उनके मंगल भविष्य की कामना करते हैं।
    Feb 05 2021
  • नरेंद्र मोदी कैसे बने सर्वश्रेठ नेता, जानें उनका कुंडली विश्लेषण

    नरेंद्र मोदी का नाम और पहचान आज किसी से छुपा नहीं है । 17 सितम्बर 1950 को जन्मे नरेंद्र मोदी एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो 2014 से भारत के 14वें और वर्तमान प्रधान मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 2001 से 2014 तक और वाराणसी के लिए संसद सदस्य हैं। मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्य हैं। वह एक हिंदू राष्ट्रवादी स्वयंसेवी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी हैं। वह 1947 में भारत की आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधान मंत्री हैं, अटल बिहारी वाजपेयी के बाद लगातार दो बार जीतने वाले दूसरे गैर-कांग्रेसी और लोकसभा में बहुमत के साथ कांग्रेस के बाहर से दोनों बार जीतने वाले पहले व्यक्ति हैं। नरेंद्र मोदी की प्रसिद्धि किसी से छिपी नहीं है परन्तु क्या कोई वास्तविक में जानता है की वह इतने मशहूर कैसे हुए। आइये जानते है उनकी कुंडली विश्लेषण से।

    नरेंद्र मोदी का कुंडली विश्लेषण (Narendra Modi Janam Kundali and Horoscope Analysis Hindi)


    नरेंद्र मोदी की राशि वृश्चिक है। तथ्य की बात के रूप में, राशि चक्र पर हस्ताक्षर करने वाले लोग गुप्त व्यक्तित्व रखते हैं। फिर भी, पी.एम. मोदी को हमेशा अपने चारों ओर रहस्य की अनुभूति होती है, जिसे वह अपने व्यक्तित्व लक्षणों से प्राप्त करते हैं।

    इसके साथ-साथ, उनकी कुंडली ग्रहन योग, पितृ दोष, मांगलिक दोष और केंद्र योग से प्रभावित है। इसके अलावा, उन्होंने अपने कुंडली में बुधादित्य योग, रुचक योग, महालक्ष्मी योग और नीच भंग राजयोग का लाभ भी उठाया है , जो उन्हें अपने जीवन और करियर में अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव प्रदान करता है।

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    वर्तमान में, वह चंद्रमा की अवधि और केतु की अंतर अवधि के तहत है। इसके अलावा, वह शनि के 7.5 वर्ष की अवधि (शनि के साढ़ेसाती) के प्रभाव में भी  है। यह उनके लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों मोर्चे पर मिश्रित परिणामों की अवधि है।

    नरेंद्र मोदी एक जन्मजात नेता हैं। वह महत्वाकांक्षी है; विचार और कारवाई की स्वतंत्रता में विश्वास, एक दृढ़ निर्णय-निर्माता, कमांडिंग, मजबूत, साहसी, बलशाली, काम करने वाला, एक विचारक, और अलंकारिक वक्ता है।

    उनकी सोच और भावनाओं के बीच एक सामंजस्य है, जो उन्हें वास्तविकता पर दृढ़ पकड़ बनाने में सक्षम बनाता है। वह बहुत ही व्यावहारिक है, खुद को समझने में सक्षम है ।

    इसके अलावा, वह यह देखने में सक्षम है कि उनकी अंतर्निहित प्रकृति उन्हें आंतरिक संतुष्टि प्राप्त करने से क्या रोकती है और वह इस बात को सत्यापित करने में सक्षम है।

    अपार आत्म-अनुशासन, आत्म-विश्वास और बौद्धिक क्षमताओं के साथ, उनके पास जबरदस्त मानसिक क्षमता और विचार की तेजता है। इसके अलावा, वह बहुत ही सूक्ष्म और बहुमुखी दिमाग के साथ धन्य है।

    इसके अलावा, पी.एम. मोदी के स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और सामान्य व्यक्तित्व के नीचे, उनकी विशिष्ट रूढ़िवादी सोच है। इस के एक उत्पाद के रूप में, उनके काम और सांस्कृतिक नैतिकता, कड़ी मेहनत वाली प्रकृति, करिश्माई व्यक्तित्व, और सरासर अहंकार उन्हें भीड़ से बाहर खड़ा करता है।
     
    इसके अलावा, व्यावहारिक और तार्किक दृष्टिकोण के उनके लक्षण उन्हें अपनी महत्वाकांक्षाओं को महसूस करने में मदद करते हैं और सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ते हुए वह चुनौतियों पर काबू पाने में सफल होते हैं। वह दृढ़ विश्वास रखने वाले व्यक्ति है और वह जो करते है उस पर विश्वास करते है।
     
    नरेंद्र मोदी को उनके प्रयासों की दूरगामी मान्यता और स्वीकार्यता मिलेगी और उनकी लोकप्रियता और प्रसिद्धि कई गुना बढ़ जाएगी। यह आत्म-अभिव्यक्ति और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी रचनात्मक क्षमताओं के उपयोग के लिए एक अच्छा समय होगा।
     
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    उनके प्रयास निश्चित रूप से उन्हें उचित परिणाम दिलाएंगे और उनकी व्यक्तिगत वृद्धि पूरी संतुष्टि देगी।
     
    उनकी स्पष्टता और धारणा बहुत तेज होगी। साथ ही नए शुरुआती काम, अच्छे और वांछित परिणाम लाएंगे और उनकी सभी पोषित इच्छाओं को पूरा करेंगे।
     
    वह शांति और सद्भाव के साथ आनंद लेने में सक्षम होंगे और उनका पारस्परिक कौशल भविष्य के विकास के लिए सहायक होगा।

    हम आगे आने वाले जीवन के लिए नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं देते है।
     

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    Aug 06 2020

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