myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Hindu Mythology: Know what Hindus have lost by swearing not to cross the sea

Hindu Mythology: जानें समुद्र पार न जाने  की कसम से हिंदुओ ने क्या कुछ खोया 

Myjyotish Expert Updated 23 May 2022 05:06 PM IST
समुद्र पार न जाने  की कसम से हिंदुओ ने बहुत कुछ खोया 
समुद्र पार न जाने  की कसम से हिंदुओ ने बहुत कुछ खोया  - फोटो : google

समुद्र पार न जाने  की कसम से हिंदुओ ने बहुत कुछ खोया 


समुद्र पार न जाने की वजह से बहुत कुछ खोया है तो पाया भी है। जैसे इंडोनेशिया में ही हिंदुओ की मंदिर का प्रमाण मिला है ।इस प्रतिबद्ध की वजह से उनके व्यापार के साथ साथ ,कही न कही उनके भोजन पर भी प्रभाव पड़ा था क्योंकि कई बार उन्हें पार भी जाना पड़ता था। हिंदुस्तानी उदार स्वभाव  के होते थे।  यही  उनकी कमजोरी थी।जब उन पर विदेशी हमले हुए तो वो अपनी समझ भूल चुके थे।

वो लगता ही नहीं था की इतने ज्ञाता भी हो सकते है। गजनी ने भी भारत आया और वह सोमनाथ मंदिर लूट के ले गया पूरा मंदिर का सोना ले गया ( जितना उससे हो सके) । अल बेरुनी ने अपने पुस्तक में बताया है कि  भारतीयों की बखूबी से व्याख्या की है उसने भारतीयों को समझने की काफी हद तक कोशिश की है।

आज ही करें देश के प्रतिष्ठित ज्योतिषियों से बात, मिलेगा हर परेशानी  का हल

गाय का वध न करने की परंपरा तब भी थी

गाय की वध करने की परंपरा पहले थी भी और नहीं भी। प्राचीन काल में पाया जाता है की  गाय की क्या क्या उपयोगिता हो सकती है ।वैदिक काल में तो गाय धन का साधन था । एक विचारक के अनुसार वासुदेव जी ने भी अपने समय में गाय की हत्या पर प्रतिबंध लगाया था। कई राजाओं ने तो युद्ध में कई शर्ते मान भी ली ताकि गया की हत्या रुक जाए उसमे  से पाल भी है और शर्त के मुताबिक गजनवी भी मन गया ।

कई राजाओं ने गया की हत्या पर रोक लगाने में सफल भी हुए है ।  माना जाता है की राम जी  के समय जब अश्वमेध यज्ञ हो रहा था तब उन्होंने भी गया की बलि प्रथा को समाप्त किया था । विचरको के अनुसार गया को कई जगह देवी मान कर पूजा जाता था ।

देश के जाने - माने ज्योतिषी करेंगे आपकी समस्या का समाधान, आज ही बात करें  

भारत में गिनती 18 घात तक की जाती है 

हिंदुओ की उस समय गणित बहुत अच्छी होती थी आज की अपेक्षा अल बेरुनी ने भी इसकी तारीफ की है।  18 घात  गिनती से तात्पर्य  एकम ,दशम ,शतम, सहस्त्रम, लछ, प्रयूत, कोटि  etc और भी नाम है ।कुछ विचारकों ने तो अपनी पुस्तक में भी इसकी व्याख्या की है । बेरुनी  गजनवी के  साथ पर उसकी ज्यादा बात नहीं कि है।जबकि गजनवी ने सोमनाथ मन्दिर में सोना लगभग 1700 ऊट ,हीरे जवाहरात सब ले  कर चला गया ।

आगे वह रेगिस्थान पार नहीं कर  सका और उसका सारा लूटा खजाना गिर रेगिस्थान में गिर गया। किसी तरह वह गिरते पड़ते वह गजनी पहुंचा जहा उसकी मृत्यु 1030 में हो गया।अगर बेरुनी ने सुलतान की व्याख्या की है तो जाहिर है की उस समय  वह था और सुलतान के अत्याचार से उसका पाला पड़ा था।
 

ये भी पढ़ें

  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X