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Rakshabandhan: राखी से जुड़ी कुछ रोचक कहानियां खोलती हैं इस दिन की शुभता का रहस्य

Myjyotish Expert Updated 12 Aug 2022 10:12 AM IST
राखी से जुड़ी कुछ रोचक कहानियां खोलती हैं इस दिन की शुभता का रहस्य
राखी से जुड़ी कुछ रोचक कहानियां खोलती हैं इस दिन की शुभता का रहस्य - फोटो : Google

राखी से जुड़ी कुछ रोचक कहानियां खोलती हैं इस दिन की शुभता का रहस्य 

 
भाई-बहनों के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षा बंधन सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है. इस शुभ दिवस के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी का पवित्र धागा बांधती है और उसके सुख और अच्छे जीवन की कामना करती है. बदले में, भाई अपनी बहन की हर तरह से रक्षा करने का वादा करता है. वर्षों से चली आ रही ये परंपरा भाई बहन के प्रेम की अनुठी सौगात है. रक्षा बंधन से जुड़ी कुछ आकर्षक कहानियों जो बताती हैं इसकी विशेषता और देती हैं संबंधों का नया रंग. 

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आईये जानते हैं राखी से जुड़ी विशेष कहानियां

यमुना ने अपने भाई यम को राखी बांधी
यम की बहन यमुना दुखी थी जब उसका भाई कई वर्षों तक उससे मिलने नहीं आया. जब यम को अपनी बहन यमुना का स्मरण हुआ तो वह अपनी बहन से मिलने का फैसला करते हैं. वह यमुना जी के पास जाते हैं यम को देख तो वह इतनी खुश हुई कि उसके लिए एक भव्य भोजन तैयार करती हैं. उसकी कलाई पर राखी बांधती हैं. यम ने अपनी बहन के प्रेम से प्रभावित होकर उन्हें अमरता का आशीर्वाद देते हैं 

भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा करने का वादा किया
महाभारत के अनुसार, एक बार जब भगवान कृष्ण पतंग उड़ा रहे थे, उन्होंने अपनी उंगली काट दी. यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी से कपड़े का एक टुकड़ा फाड़ दिया और उसे श्री कृष्ण की उंगली के चारों ओर बांध दिया. इस श्रृद्धा एवं प्रेम को देख श्री कृष्ण प्रभावित होकर उसने उसकी रक्षा करने का वादा करते हैं. इस वादे को श्री कृष्ण ने पूरा भी किया और द्रौपदी की रक्षा की जब कौरवों ने उनका अपमान किया तब भगवान श्री कृष्ण उनकी सुरक्षा की थी. 

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देवी लक्ष्मी भगवान बलि को पवित्र धागा बांधती हैं
विष्णु पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु के एक भक्त बाली ने उनसे सुरक्षा मांगी. भगवान विष्णु ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया और वे एक द्वारपाल के रूप में उनके साथ रहे. देवी लक्ष्मी, को जब अपने पति श्री विष्णु की याद आई तो वह उन्हें लेने के लिए बाली के पास जाती हैं. वह एक महिला के रूप में भेष बदल कर बाली के पास चली गईं. जब बाली ने उसके लिए अपने दरवाजे खोले, तो उसने उसकी रक्षा के लिए उसकी कलाई पर एक रंगीन सूती धागा बांध दिया. जब बाली ने उससे पूछा कि वह बदले में उपहार के रूप में क्या चाहती है, तो लक्ष्मी ने अपने पति को मुक्त करने के लिए कहती हैं. तब लक्ष्मी की पहचान सामने आती है चूंकि लक्ष्मी अब उसकी बहन बन जाती हैं और उनकी इच्छा पूरी करती हैं. 

इंद्राणी ने अपने पति इंद्र को राखी बांधी
हिंदू पौराणिक कथाओं में, यह माना जाता है कि इंद्राणी ने अपने पति इंद्र को बांधी थी, देवताओं और राक्षसों के बीच युद्ध के दौरान इंद्र की पत्नी शुची ने भगवान कृष्ण से अपने पति इंद्र को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा तब सभी बुराईयों से बचाने के लिए भगवान ने इंद्र की कलाई में बांधने के लिए एक पवित्र सूती रक्षा सूत्र दिया. तब पवित्र रक्षा सूत्र से इंद्र की रक्षा होती है. यही रक्षाबंधन की महत्ता विशेष होती है. 

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