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त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में जलाभिषेक से प्राप्त होता है शांत व समृद्ध जीवन का सुख

My Jyotish Expert Updated 06 Apr 2020 08:31 PM IST
In Trimbakeshwar Jyotirlinga, one gets happiness from a peaceful and prosperous life through Jalabhishek
त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र राज्य के नासिक शहर में गोदावरी नदी के पास स्थित है। मान्यताओं के अनुसार गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के आग्रह पर भगवान शिव यहां ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसी कारण इस स्थान की बड़ी महिमा है। शिवपुराण के ब्रह्मगिरि पर्वत के दर्शन के लिए सात सौ चौड़ी -चौड़ी सीढ़ियों पर चलकर ऊपर जाना होता है। इन सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद रामकुण्ड और लक्ष्मणकुण्ड मिलते हैं जिससे और ऊपर जाने पर भगवती गोदावरी के दर्शन होते हैं।

इस ज्योतिर्लिंग की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है की यहाँ ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही विराजित हैं। यह मंदिर काले पत्थरों से बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण तीसरे पेशवा बालाजी अर्थात नाना साहब पेशवा ने करवाया था। इस मंदिर का निर्माण सन 1755 से शुरू हो कर 31 साल के लम्बे समय के बाद 1786 में पूरा हुआ था। इस मंदिर को बनाने में करीब 16 लाख रुपयों की लागत लगी थी। प्राचीन काल में त्र्यंबक गौतम ऋषि की तपोभूमि थी। अपने ऊपर लगे गौहत्या के पाप से मुक्ति प्राप्त करने के लिए उन्होंने भगवान शिव को प्रसन्नकर माँ गंगा को वहाँ अवतरित करने के लिए कठोर तपस्या की थी।

यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। यहां वर्षभर भक्तों का मेला सा लगा रहता है। खासकर सावन के पहले सोमवार के दिन भक्तगण यहां दूर दूर से महादेव के दर्शन करने आते हैं। महादेव अपने भक्तों से सरलता से प्रसन्न हो जातें है ऐसे में उनकी कृपा प्राप्ति के लिए भक्त अनेकों प्रकार के पूजा अर्चना से महाकाल को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। इस मंदिर के आस पास गाय को हरा घास खिलाने का बहुत अधिक प्रचलन है। इस मंदिर की नक्काशी बहुत ही सुन्दर व आकर्षक है। 
इस क्षेत्र में आहिल्या नाम की एक नदी है जो गोदावरी नदी के साथ जाकर मिल जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस संगम स्थल पर नदी में स्नान करके दंपति संतान प्राप्ति की कामना करते हैं। इस स्थान पर महादेव के त्रिनेत्र रूप में विराजमान होने के कारण उन्हें त्रयम्बक कहा जाता है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर में महादेव का अभिषेक व महाभिषेक करने से महादेव की कृपा दृष्टि सदैव बनी रहती है। भगवान शिव भक्तों के सभी कष्टों को दूरकर उन्हें आजीवन सुख -समृद्ध व शांति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

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