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Home ›   Blogs Hindi ›   Gupt Navratri 2022: Don't make these mistakes even by mistake in The Gupta Navratri of Ashadha

Gupt Navratri 2022 : आषाढ़ का गुप्त नवरात्रि में भूल से भी न करें ये गलतियां

Myjyotish Expert Updated 07 Jul 2022 11:53 AM IST
आषाढ़ का गुप्त नवरात्रि में भूल से भी न करें ये गलतियां
आषाढ़ का गुप्त नवरात्रि में भूल से भी न करें ये गलतियां - फोटो : google

आषाढ़ का गुप्त नवरात्रि में भूल से भी न करें ये गलतियां , मां लक्ष्मी हो जाती है नाराज़


हिंदू धर्म में हर साल कोई न कोई त्योहार पड़ते ही रहते है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल में चार बार नवरात्रि पर्व आते है। ये चारों नवरात्रि अलग अलग रूपों में होते है। जिनमें चैत्र नवरात्रि,शरद नवरात्रि,आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, माघ गुप्त नवरात्रि। इन चारों नवरात्रि में से चैत्र नवरात्रि और शरद नवरात्रि का खास महत्व माना जाता हैं। नवरात्रि पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता हैं। नवरात्रि के दिन मां दुर्गा के नव रूपों का पूजन किया जाता है।

आषाढ़ महीने का गुप्त नवरात्रि इस बार 30 जून से शुरू हो रहा है। 8 जुलाई नवमी के दिन इसका समापन है। इस दिन जो पूजा पाठ की जाती है वो सब गुप्त रखा जाता है। मान्यता है की इस दिन गुप्त पूजा अर्चना करने से पूजा फलदाई होता है। इस दिन तंत्र मंत्र दोनों ही विधि से पूजा की जाती है।इस दौरान उत्तर दिशा की ओर मुंह कर के पूजा करना चाहिए। मान्यता है की इस दिन दस महाविद्या की पूजा की जाती है। हम आपको बताते हैं कि इस दिन कौन सी गलतियां ना करें जिससे मां दुर्गा नाराज हो ; 

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सार्वजनिक पूजा करना

गुप्त नवरात्रि की सबसे अहम बात की उस दिन पूजा सार्वजनिक नहीं अपितु गुप्त होनी चाहिए। क्योंकि इस दिन  पूजा का फल गुप्त पूजा करने से ही मिलता है। इस दिन हम मां दुर्गा को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। उनका फलदाई वर पाना चाहते है। इस दिन भूल कर भी सार्वजनिक पूजा ना करे और ना ही आप ने जो द्वार पर गुप्त पूजा की है उसके बारे में किसी को बताएं। पूजा बता देने से सार्वजनिक हो जाता है जिससे मां दुर्गा नाराज हो जाती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी के नाराजगी का भी सामना करना पड़ता हैं। जिसकी वजह से धन की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

तामसी भोजन करना 

कहा जाता है की व्रत के  दिन स्वच्छ मन के साथ व्यक्ति को शुद्ध भोजन करना चाहिए। लेकिन गुप्त नवरात्रि में ऐसा कुछ नहीं है। यहां तामसी भोजन से तात्पर्य लहसुन, प्याज जैसी चीजों से है। लोग गुप्त नवरात्रि को व्रत नहीं रखते है लेकिन इस नवरात्रि से जुड़े सारे पूजा पाठ करते है। गुप्त नवरात्रि के दिन पूरी तरह से व्यक्ति को सात्विक होना चाहिए और सात्विक हो भोजन करना चाहिए। तामसी प्रवृत्ति का भोजन देवी देवताओं को प्रिय नहीं है ,उन्हें सात्विक भोजन ही भाता है। आप व्रत नहीं रखते है पर इस बात का ध्यान जरूर रखें कि इस दिन भोजन में सदा नमक और अन्न ना हो।

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सफाई का ख्याल 

गुप्त नवरात्रि के दिन साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें। जो व्यक्ति इस बात का ध्यान नहीं रखता है उस के घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता है। साथ ही वो अगर नाराज हो गई तो कई तरह के परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवन की तरक्की में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। धन की कमियों को भी देखना पड़ता है। जिस भी घर में साफ सफाई का  ध्यान रखा जाता है वहा पर मां लक्ष्मी का सदैव वास होता है कभी भी धन की कमी नहीं होता है।
 

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