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Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कल, ग्रहण काल में रहें सावधान, सूतक काल में भी न करें ये काम

Myjyotish Expert Updated 08 Nov 2022 05:43 PM IST
Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कल, ग्रहण काल में रहें सावधान, सूतक काल में भी न करे
Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कल, ग्रहण काल में रहें सावधान, सूतक काल में भी न करे - फोटो : google

Chandra Grahan 2022: साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कल, ग्रहण काल में रहें सावधान, सूतक काल में भी न करें ये काम


साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को मंगलवार के दिन पड़ रहा है.  ग्रहण दोपहर 2.39 बजे से शुरू होगा ग्रहण शाम 6.19 बजे समाप्त होगा. ग्रहण के कारण देव दिवाली और कार्तिक पूर्णिमा से जुड़े शुभ कार्यों के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा.

ग्रहण के समय क्या करना चाहिए और किन कार्यों से बचना चाहिए, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन ग्रहण के सूतक काल में भी कुछ कार्यों को करने की मनाही होती है. सूतक काल ग्रहण काल से अधिक लंबा होता है. सूतक काल सुबह 8.30 बजे से शुरू होगा सूतक, में सावधान रहना चाहिए. 

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सूतक काल ग्रहण काल से अधिक लंबा होता है. चंद्र ग्रहण की सूतक अवधि 9 घंटे की होती है. यह ग्रहण से पहले शुरू होता है. पूर्णिमा पर ग्रहण का सूतक सुबह से ही शुरू होकर शाम को ग्रहण खत्म होने तक रहेगा. आइए जानते हैं ग्रहण में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.

ग्रहण काल में किये जाने वाले कार्य 
खगरा चंद्र ग्रहण के सूतक काल में दान और जप इत्यादी का महत्व बताया गया है. पवित्र नदियों या झीलों में स्नान किया जाता है. इस दौरान मंत्रों का जाप किया जाता है और मंत्र सिद्धि भी की जाती है.

इस दौरान किए गए तीर्थ स्नान, हवन और ध्यान आदि शुभ कार्य शुभ और लाभकारी सिद्ध होते हैं. धार्मिक कर्मों से जुड़े लोगों को चाहिए कि वे अपनी राशि के अनुसार या किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली चीजों को इकट्ठा करें और उन चीजों को योग्य व्यक्ति को दृढ़ संकल्प के साथ देना उत्तम होता है.

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सूतक में निषिद्ध कार्य
सूतक के दौरान और ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति को छूना मना होता है. खाना, पीना, सोना, नाखून काटना, खाना बनाना, तेल लगाना आदि भी इस समय वर्जित होता हैं.
इस दौरान झूठ बोलना, छल करना, बेकार की बातें करना और पेशाब करने से बचना चाहिए.

सूतक काल में बच्चों, बूढ़ों, अस्वस्थ महिलाओं आदि को उचित आहार लेने में कोई परहेज नही होता है. सूतक शुरू होने से पहले अचार, मुरब्बा, दूध, दही या अन्य खाद्य पदार्थों में कुश घास डाल देनी चाहिए ताकि ग्रहण से ये खाद्य पदार्थ दूषित न हों. यदि कुशा न हो तो तुलसी के पत्ते भी डाल सकते हैं. 

 

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