myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Chaitra Navratri 2022: This time Durga will come on horse, will go on buffalo

Chaitra Navratri 2022: इस बार अश्व पर आएंगी दुर्गा, भैंसे पर जाएंगी

Myjyotish Expert Updated 30 Mar 2022 04:21 PM IST
Chaitra Navratri 2022: इस बार अश्व पर आएंगी दुर्गा, भैंसे पर जाएंगी
Chaitra Navratri 2022: इस बार अश्व पर आएंगी दुर्गा, भैंसे पर जाएंगी - फोटो : google

Chaitra Navratri 2022: इस बार अश्व पर आएंगी दुर्गा, भैंसे पर जाएंगी


चैत्र नवरात्रि में इस बार देवी दुर्गा का आगमन अश्व पर होगा और प्रस्थान भैंसे पर होगा। नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 से प्रारंभ हो रही है और इस दिन शनिवार है इसलिए देवी के आगमन का वाहन अश्व होगा। इसी प्रकार नवरात्रि का समापन 10 अप्रैल रविवार को होगा इसलिए देवी के प्रस्थान का वाहन भैंसा होगा। देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन के अनुसार आगामी छह माह का देश का भविष्य तय होता है।

इस नवरात्रि कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन। 

देवी भागवत पुराण के अनुसार देवी के आगमन का वाहन नवरात्रि प्रारंभ होने के वार से तय होता है और जाने का वाहन नवरात्रि समाप्त होने के वार के तय होता है। इसके लिए देवी भागवत पुराण में एक श्लोक भी दिया गया है-

*शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे ।
*गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता ।।


अर्थात्- सोमवार या रविवार से नवरात्रि प्रारंभ होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती है। मंगलवार या शनिवार को नवरात्रि प्रारंभ होने पर देवी का वाहन अश्व होता है। गुरुवार या शुक्रवार से नवरात्रि प्रारंभ हो तो देवी डोली में बैठकर आती है। बुधवार से नवरात्रि प्रारंभ होने पर देवी मां नाव पर सवार होकर आती है।

अधिक जानकारी के लिए आप Myjyotish के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें।

आगमन के वाहन का फल

देवी के आगमन के वाहन के अनुसार शुभ-अशुभ फल का वर्णन भी किया गया है। माता दुर्गा जिस वाहन पर सवार होकर कैलाश पर्वत से पृथ्वी पर आती है उसके अनुसार आगामी छह माह में होने वाली घटनाओं का निर्धारण किया जाता है। देवी भागवत पुराण का एक श्लोक कहता है-

*गजे च जलदा देवी क्षत्र भंगस्तुरंगमे ।
*नौकायां सर्वसिद्धिस्या दोलायां मरणंध्रुवम् ।।


अर्थात्- देवी का आगमन हाथी पर होता है तो मेघ खूब बरसते हैं। अश्व पर आती है तो पड़ोसी देशों से और देश के भीतर युद्ध जैसे हालात बनते हैं। देवी नौका पर आती है तो सभी के लिए सुखद और सर्वसिद्धिप्रद होता है और डोली पर आती है तो किसी महामारी की आशंका बनी रहती है।

अष्टमी पर माता वैष्णों को चढ़ाएं भेंट, प्रसाद पूरी होगी हर मुराद

नवरात्रि समाप्ति होने के दिन जो वार होता है, उसके अनुसार देवी के प्रस्थान करने का वाहन तय होता है।

*शशिसूर्ये दिने यदि सा विजया महिषागमने रुज शोककरा ।
*शनि भौमे दिने यदि सा विजया चरणायुध या निकरी विकला ।।
*बुध शुक्र दिने यदि सा विजया गजवाहन गा शुभ वृष्टिकरा ।
*सुरराजगुरौ यदि सा विजया नरवाहन गा शुभ सौख्यकरा ।।
अर्थात्- नवरात्रि का समापन रविवार या सोमवार को हो तो देवी भैंसे पर सवार होकर जाती हैं। इससे देश में रोग और शोक में वृद्धि होती है। शनिवार या मंगलवार को देवी के जाने वाहन मुर्गा होता है, इससे कष्टों में वृद्धि होती है। बुधवार या शुक्रवार को नवरात्रि का समापन होने पर देवी हाथी पर जाती हैं जिससे वर्षा अधिक होती है। गुरुवार को नवरात्रि का अंतिम दिन हो तो मां दुर्गा मनुष्य की सवारी पर जाती है। इससे सुख और शांति होती है।

अधिक जानकारी के लिए, हमसे instagram पर जुड़ें ।

अधिक जानकारी के लिए आप Myjyotish के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें।
 
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X