myjyotish

9818015458

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   saturday Pooja shani dev significance Benefits

शनिवार के दिन करें यह दान, शीघ्र ही प्रसन्न होंगे शनि देव

Myjyotish Expert Updated 09 Oct 2020 04:51 PM IST
Astrology
Astrology - फोटो : Myjyotish

न्याय के देवता और यमराज के भाई हैं सूर्यपुत्र शनिदेव । यह एक ऐसे देवता हैं जिनके क्रोध से इंसान तो क्या देवता भी कांप उठते हैं। सभी बने बनाए काम बिगड़ जाते है,जिस किसी पर भी शनिदेव की वक्री दृष्टि पड़ जाती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि शनिदेव सिर्फ बुरे कर्मों का फल देते है। सच्चे और ईमानदार लोगों को शनिदेव उनके सही कर्मों का फल देते हैं। कहते हैं शनिदेव की कृपा से तो भिकारी भी राजा बन जाता है।  जो भी व्यकित शनिदेव से जुड़े दान और उनके मंत्रों का जाप करता है,उसे बढ़ते कर्ज से मुक्ति पाने में मदद मिलती है।

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है साथ ही बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है यहीं नहीं शनिदेव की पूजा से साढ़ेसाती के प्रकोप से भी निजात मिलती है। शनिदेव सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पत्तों की पूजा का बहुत महत्व हैं। माना जाता है इससे धन संबंधी परेशानियां ख़त्म हो जाती हैं।

 अधिक मास में वृन्दावन के बांके बिहारी जी मंदिर में कराएं श्री कृष्ण की अत्यंत फलदायी सामूहिक पूजा : 13-अक्टूबर-2020

पीपल के पेड़ पर सारे देवी - देवताओं की कृपा मानी जाती है । खासकर के भगवान विष्णु की । पीपल के पेड़ का पूजन खासकर शनि दोष मिटाने के लिए भी किया जाता हैं । कहा जाता है कि शनिवार को पीपल के पेड़ को जल अर्पित करने से शनि देव को शांति मिलती है और शनि दोष दूर हो जाता हैं । शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की परिक्रमा का भी बहुत महत्व बताया गया है और पीपल के पेड़ के पत्तों के बहुत से उपाय बताए गए हैं । यह उपाय आर्थिक परेशानी को दूर करते हैं।

शनिवार की शाम को विधिवत शनिदेव की पूजा करें इसके बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दिया जलाएँ । उसी पीपल के पेड़ के कुछ पत्तों को तोड़कर घर ले आए और उन्हें गंगाजल से धो लें फिर पानी में हल्दी डालकर एक गाढ़ा घोल बना लें और दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली से इस घोल को लेकर पीपल के पत्ते पर छिड़के । इसे अपने घर के पूजास्थल पर रखें और धूप-बत्ती आदि से इसकी पूजा करें। 

यह भी पढ़े :-  

 Adhik Maas 2020: अधिक मास क्यों है महत्वपूर्ण जानें पौराणिक कथा

Adhik Maas 2020: इस वर्ष बन रहें है ख़ास संयोग, जानें क्यों विशेष है अधिक मास

Adhik Maas 2020: अधिक मास में भूलकर भी नहीं करने चाहिए यह काम
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X