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Home ›   Blogs Hindi ›   Saphala Ekadashi 2024: Worshiping Shri Hari on the first Ekadashi of the year will destroy all troubles.

Saphala Ekadashi 2024: साल की पहली एकादशी पर श्रीहरि का पूजन कर देगा सभी कष्टों का नाश

my jyotish expert Updated 30 Dec 2023 11:37 AM IST
Saphala Ekadashi
Saphala Ekadashi - फोटो : my jyotish

खास बातें

Saphala Ekadashi 2024: साल की पहली एकादशी पर श्रीहरि का पूजन कर देगा सभी कष्टों का नाश 
हिंदू पंचांग के गणना अनुसार पौष माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है. 

saphala ekadashi 2024 puja kab hai इस साल 2024 की पहली एकादशी 7 जनवरी के दिन सफला एकादशी के रुप में पूजी जाएगी. 

saphala ekadashi 2024 puja साल का आरंभ इस एकादशी से होना अत्यंत ही शुभ होगा. इस एकादशी के शुभ दिन यदि पूरी आस्था के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
 

Saphala Ekadashi 2024: साल की पहली एकादशी पर श्रीहरि का पूजन कर देगा सभी कष्टों का नाश 

हिंदू पंचांग के गणना अनुसार पौष माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है. 

saphala ekadashi 2024 puja kab hai इस साल 2024 की पहली एकादशी 7 जनवरी के दिन सफला एकादशी के रुप में पूजी जाएगी. 

saphala ekadashi 2024 puja साल का आरंभ इस एकादशी से होना अत्यंत ही शुभ होगा. इस एकादशी के शुभ दिन यदि पूरी आस्था के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है.
 
एकादशी पर सोई हुई किस्मत जगाने का समय -लक्ष्मी नारायण मंदिर, दिल्ली  
 

सफला एकादशी पूजा नियम

हिंदू पंचांग के गणना अनुसार पौष माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस साल 2024 की पहली एकादशी 7 जनवरी के दिन सफला एकादशी के रुप में पूजी जाएगी. इस दिन यदि पूरी आस्था के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है तो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. आइये जानें कब और कैसे मनाया जाएगा एकादशी क अयह शुभ पर्व 

saphala ekadashi fast यह एकादशी जनवरी में कृष्ण पक्ष के ग्यारहवें दिन मनाई जाएगी. भगवान विष्णु की पूजा के साथ इस दिन उपवास करने से भगवान का आशीर्वाद मिल सकता है. भक्त एकादशी की सुबह से उपवास शुरू करते हैं और अगली सुबह इसे समाप्त करते हैं. व्रत के दौरान सात्विकता का आचरण अपने रहन सहन तथा खान पान में भी किया जाता है. इस समय पर भक्त उपवास के सख्त नियमों का पालन करते हुए भक्ति में रमे होकर भगवान के नाम का सुमिरन करते हैं. 
 

सफला एकादशी मुहूर्त 

सफला एकादशी व्रत 7 जनवरी को मनाई जाएगी. पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 7 जनवरी को 12:41 पर होगा और सफला एकादशी तिथि की समाप्ति 08 जनवरी सोमवार को 12:46 पर होगी. उदया तिथि के अनुसार व्रत 7 जनवरी को संपन्न होगा. इस शुभ समय पर सर्वार्थ सिद्धि नामक योग भी निर्मित होगा. एकादशी पूजा के लिए समय सुबह से आरंभ होगा तथा रात्रि जागरण से पूर्ण होगा. एकादशी के दिन श्री हरि की पूजा करना शुभ होगा. व्रत के पारण का समय 8 जनवरी को सुबह 07:15 बजे से सुबह 09:20 बजे तक रहेगा.

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एकादशी माता की आरती (Ekadashi Mata Ki Aarti)

 
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता।
विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥
ॐ जय एकादशी…॥
तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी।
गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी॥ ॐ जय एकादशी…॥

मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना, विश्वतारनी जन्मी।
शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा, मुक्तिदाता बन आई॥ ॐ जय एकादशी…॥

पौष के कृष्णपक्ष की, सफला नामक है।
शुक्लपक्ष में होय पुत्रदा, आनन्द अधिक रहै॥ ॐ जय एकादशी…॥

नाम षटतिला माघ मास में, कृष्णपक्ष आवै।
शुक्लपक्ष में जया, कहावै, विजय सदा पावै॥ ॐ जय एकादशी…॥

विजया फागुन कृष्णपक्ष में शुक्ला आमलकी।
पापमोचनी कृष्ण पक्ष में, चैत्र महाबलि की॥ ॐ जय एकादशी…॥

चैत्र शुक्ल में नाम कामदा, धन देने वाली।
नाम बरुथिनी कृष्णपक्ष में, वैसाख माह वाली॥ ॐ जय एकादशी…॥

शुक्ल पक्ष में होय मोहिनी अपरा ज्येष्ठ कृष्णपक्षी।
नाम निर्जला सब सुख करनी, शुक्लपक्ष रखी॥ ॐ जय एकादशी…॥

योगिनी नाम आषाढ में जानों, कृष्णपक्ष करनी।
देवशयनी नाम कहायो, शुक्लपक्ष धरनी॥ ॐ जय एकादशी…॥

कामिका श्रावण मास में आवै, कृष्णपक्ष कहिए।
श्रावण शुक्ला होय पवित्रा आनन्द से रहिए॥ ॐ जय एकादशी…॥

अजा भाद्रपद कृष्णपक्ष की, परिवर्तिनी शुक्ला।
इन्द्रा आश्चिन कृष्णपक्ष में, व्रत से भवसागर निकला॥ ॐ जय एकादशी…॥

पापांकुशा है शुक्ल पक्ष में, आप हरनहारी।
रमा मास कार्तिक में आवै, सुखदायक भारी॥ ॐ जय एकादशी…॥

देवोत्थानी शुक्लपक्ष की, दुखनाशक मैया।
पावन मास में करूं विनती पार करो नैया॥ ॐ जय एकादशी…॥

परमा कृष्णपक्ष में होती, जन मंगल करनी।
शुक्ल मास में होय पद्मिनी दुख दारिद्र हरनी॥ॐ जय एकादशी…॥

जो कोई आरती एकादशी की, भक्ति सहित गावै।
जन गुरदिता स्वर्ग का वासा, निश्चय वह पावै॥ॐ जय एकादशी…॥
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