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Home ›   Blogs Hindi ›   Know when Lathmar Holi2022 will be played in Rangili Gali of Barsana, how tradition started.

Lathmar Holi 2022: जानिए बरसाना की रंगीली गली में कब खेली जाएगी लट्ठमार होली, कैसे शुरू हुई ये परंपरा। 

Myjyotish Expert Updated 08 Mar 2022 04:41 PM IST
जानिए बरसाना की रंगीली गली में कब खेली जाएगी लट्ठमार होली, कैसे शुरू हुई ये परंपरा। 
जानिए बरसाना की रंगीली गली में कब खेली जाएगी लट्ठमार होली, कैसे शुरू हुई ये परंपरा।  - फोटो : google

Lathmar Holi 2022: जानिए बरसाना की रंगीली गली में कब खेली जाएगी लट्ठमार होली, कैसे शुरू हुई ये परंपरा। 


वैसे तो होली का त्योहार अपने आप में प्रसिद्ध है। इस दिन का बच्चे बड़े सभी पूरे वर्ष इंतजार करते है। लेकिन बरसाने की लट्ठमार होली की बात ही कुछ और होती है। उसके आगे सब कुछ फीका सा लगता है। बरसाने की लट्ठमार होली को आज लोग बरसाने के अलावा और जगह भी खेलते है। आज हम आपको बताएंगे इस साल किस दिन खेली जाएगी बरसाने की लट्ठमार होली और कैसे शुरू हुई थी यह परंपरा।

बरसाने की लट्ठमार होली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। हर वर्ष होली से कुछ दिन पहले बरसाने में लट्ठमार होली खेली जाती है। इस होली का सीधा संबंध द्वापर युग से है।द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने रंगोली गली में लट्ठमार होली खेल कर इसकी शुरुवात करी थी। जब से यह परंपरा लगातार चली आ रही है। इस साल 11 मार्च को लट्ठमार होली खेली जायेगी। रंगोली गली से चौक तक पूरा इलाका रंगों की छटा से ढक जाता है। इस दिन का दृश्य देखते ही बनता है। दूर दूर से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के भक्त बरसाने लट्ठमार होली खेलने और इस दिन का आनंद लेने आते है।

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कान्हा जी कितने नटखट थे यह तो सभी जानते है। उनकी नटखट लीलायें सभी का मनमोह लेती है। नंदगांव से बरसाने तक सभी कृष्ण जी के दीवाने थे। वह राधा रानी और उनकी सखियों के साथ ठिठोली करने से पीछे नही हटते थे। जिसमे गाँव के बाकी छोरे उनका साथ देते थे। 
होली पर राधा रानी और उनकी सखियों को परेशान करने और उनके साथ होली खेलने बरसाने पहुँच जाते थे। इससे राधा रानी और उनकी सखियां परेशान हो चुकी थी। एक बार कृष्ण जी और उनके सभी सखाओं को सबक सिखाने के लिए राधा रानी और उनकी सखियों ने उनपर लट्ठ बरसाये थे।

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उस वार से बचने के लिए कृष्ण और उनके सखाओं ने ढाल का प्रयोग किया था। तभी से यह परंपरा इसी प्रकार निभाई जा रही है महिलायें लट्ठ से पुरुषों पर वार करती है और वह बचने के लिए ढाल का प्रयोग करते है।

लट्ठमार होली के अगले दिन नंदगांव में होली का आयोजन किया जाता है। जिसमे नंदगांव के सभी महिला और पुरुष भाग लेते है। जो पुरुष यह होली खेलते है उन पुरुषों को होरियरे और उन महिलाओं को हुरियारिनें कहते है। इस बार इस होली का आयोजन 12 मार्च को होगा।

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