myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Jagannath Rath Yatra: These rituals are performed amidst the 10-day festival of Jagannath Yatra

Jagannath Rath Yatra : जगन्नाथ यात्रा के दस दिवसीय पर्व के बीच निभाई जाती है ये रस्में

MyJyotish Expert Updated 08 Jul 2022 05:04 PM IST
जगन्नाथ यात्रा के दस दिवसीय पर्व के बीच निभाई जाती है ये रस्में
जगन्नाथ यात्रा के दस दिवसीय पर्व के बीच निभाई जाती है ये रस्में - फोटो : Google

जगन्नाथ यात्रा के दस दिवसीय पर्व के बीच निभाई जाती है ये रस्में , जानिए इनके क्या है मायने ! 


जगन्नाथ चारों धामों में से एक है। इस जगह पर भगवान श्री कृष्ण अपने बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ विराजमान है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है यह है की यहां जो तीनों भाई बहन की मूर्ति है वो किसी पत्थर या ईट की नहीं है बल्कि चंदन की लकड़ी से बना हुआ है। हर 12 साल बाद इन मूर्तियों को बदला जाता हैं। 
जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ महीने में भव्य रूप से निकली जाती है। हिंदू धर्म में इस यात्रा का बहुत महत्व है।

मान्यता है की सिर्फ इस रथ यात्रा में शामिल होने से ही मात्र मरणोपरांत विष्णु लोक की गति होती है।रथ यात्रा आषाढ़ माह के द्वितीय तिथि को शुरू होती है शुक्ल पक्ष के 11 दिन समापन होता है। यानी रथ यात्रा का समापन 12 जुलाई को है। जब श्री हरि वापस आते है। इस साल रथ यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस यात्रा में लोग देश विदेश से शामिल होने आते है। धार्मिक मान्यता है कि जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल होने से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती हैं। आइए आपको बताते है की रथ यात्रा के समय कौन कौन सी रस्में होती है :–

मात्र रु99/- में पाएं देश के जानें - माने ज्योतिषियों से अपनी समस्त परेशानियों का हल 

छेरा पहरा —
रथ यात्रा निकलने से पहले छेरा पहरा रस्म पूरी की जाती है। तीनों रथों पर लकड़ी के घोड़ें को लगाया जाता है। फिर श्री जगन्नाथ जी भक्त इस रथ को तीन किलोमीटर तक खींचते है। तीनों रथों पर सवार भाई बहन अपने मौसी गुड़िचा के यहां पहुंचते है।  यही पर श्री हरि अपने भाई बहन के साथ तीन दिन तक रह कर फिर जाते है।

9 जुलाई को होगी रथ यात्रा की वापसी  —
श्री जगन्नाथ जी और उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा अपने मौसी गुड़िचा के घर तीन दिन के विश्राम के बाद 9 जुलाई को अपने अपने स्थान लौटेंगे। अर्थात आषाढ़ मास की दसवीं तिथि को रथों की वापसी होगी। उसके बाद तीनों रथों को ठीक मंदिर के सामने लगाया जाता है लेकिन उसी समय रथ में से श्री हरि को नहीं हटाया जाता है।एक दिन पूरा रथ में ही रहते है। उसके बाद अपने अपने स्थान पर जाते है।

सुना बेशा रस्म —
सुना बेशा रस्म देवशयनी एकादशी व्रत के दिन की जाती है। हिंदू धर्म में देवशयनी एकादशी का बहुत महात्म है। ये रस्म 10 जुलाई को पूरी की जाएगी। इस दिन तीनों सिंह द्वार पर पहुंचेंगे और उन्हें आभूषण पहनाया जायेगा।

अधर पना रस्म —
रथ यात्रा में ये रस्म बहुत खास होता है क्योंकि इस रस्म में श्री हरि ( जगन्नाथ ) के लिए पीने के लिए पना बनाया जाता है। ये रस्म 11 जुलाई को पूरी की जाएगी। इस दिन कुएं से पानी निकल कर मक्खन,पनीर,केला,जायफल,शक्कर, कालीमिर्च आदि अन्य मसाला को मिलाकर भगवान के लिए पना बनाए जाता है। और इस पने को भगवान को पिलाया जाता है।इसे अधर पना रस्म भी कहते है।

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

नीलाद्री बीजे —
रथ यात्रा का सबसे आखरी रस्म है। ये रस्म 12 जुलाई को होगी। नीलाद्री बीजे रस्म के साथ ही यात्रा के रस्में समाप्त हो जाती है। इसमें भगवान जगन्नाथ , बलराम और सुभद्रा जी को मंदिर के गर्भ गृह में रत्न सिंहासन पर एक बार फिर से विराजमान किया जाता है। एक बार फिर से मंदिर में शंखोनाद बजने लगते।
 

ये भी पढ़ें

  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X