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Hanuman Worship Rules : कलयुग में कैसे की जाती है हनुमान जी की साधना

MyJyotish Expert Updated 02 Aug 2022 11:23 AM IST
कलयुग में कैसे की जाती है हनुमान जी की साधना
कलयुग में कैसे की जाती है हनुमान जी की साधना - फोटो : google

कलयुग में कैसे की जाती है हनुमान साधना, जानें बजरंगी की पूजा से जुड़े सभी जरूरी नियम


हर हिंदू घर में हनुमान जी पूजा की जाती है।हनुमान जी के उपासना से कष्ट को खत्म करना ,मनोकामना पूर्ति और भय को दूर भगाया जा सकता है। हनुमान जी को चिरंजीवी का आशीर्वाद प्राप्त है। वह प्रत्येक युग में धरती पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में विराजमान है। जो हनुमान जी के सच्चे भक्त होते है उन्हें कभी भी किसी प्रकार का कोई भय नहीं होता है। वो व्यक्ति निडर हो जाता है। हनुमान जी की वंदना करने के लिए जरूरी नहीं की आप मंदिर ही जाए। आप अपने घर के पूजा स्थल पर ही सच्चे मन से पूजा करके प्रभु हनुमान जी के कृपा का पात्र बन सकते हैं।

अगर शनि ग्रह कमजोर है तो आप शनिवार के दिन हनुमान जी पूजा पाठ करें। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही कुंडली के ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। अपने हिंदू धर्म में शनि देव को कर्म फल दाता कहा जाता है। हनुमान जी की साधना में इस बात का ध्यान रखें कि साधना पवित्रता और शुद्धता के साथ होना चाहिए।अगर आपको मानसिक तनाव से मुक्ति नहीं मिल रही है तो आप प्रतेक दिन सुबह नहाधोकर पूजा पाठ करें साथ ही  हनुमान जी का आठ अक्षरों वाले मंत्र का जाप करें –
ॐ हां हीं हूं हैं हौं हः ॐ । ॐ हां, ॐ हीं, ॐ हूं, ॐ हैं, ॐ हौं, ॐ हः।इस मंत्र का 108 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप करने से आपको जल्दी ही मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।
आइए जानते है की हनुमान जी की पूजा कब और कैसे करें साथ ही कुछ जरूरी बातें।

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कब और कैसे करें हनुमान जी की पूजा–

हनुमान जी की पूजा करने के अपने अलग ही नियम होते है। क्योंकि हनुमान ब्रह्मचारी है,तो उनके पूजा में पवित्रता के साथ शुद्धता भी होनी चाहिए।हनुमान जी की पूजा किसी भी समय की जा सकती है। लेकिन जब भी पूजा करे तो उसी नियमित समय पर रोज पूजा करें। हनुमान जी को लाल फूल,फल,मिठाई (लड्डू) अर्पित करे।हनुमान जी की पूजा हमेशा लाल आसानी पर बैठकर करना चाहिए। पूजा के दौरान हनुमान जी के पास देशी घी का दीपक जलाएं। हनुमान जी की पूजा कभी भी करे तो साथ में राम जी की भी करें क्योंकि दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे है। हनुमान जी के प्रभु है श्री राम। आप चाहते है की आप पर हनुमान जी की कृपा हमेशा बनी रहे तो आप इस मंत्र का जाप करें 
ॐ हं हनुमते नम:। ' ''अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्। सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।

हनुमान जी की पूजा में चढ़ाएं इन चीजों का प्रसाद–

हनुमान जी को भोग में मीठा बहुत पसंद है। उन्हें आप हर मंगलवार को अगर कुछ भी नही चढ़ा पा रही है तो मोती चूर के लड्डू भोग में लगाए। वैसे आप उनको विधिवत भोग लगाए। हनुमान जी को भोग में, गेंहू के आटे में नारियल का भूरा, दूध,घी,चीनी,इलायची मिलाकर एक रोटी बनाकर मीठा रोटी का भोग हर मंगलवार और शनिवार के दिन लगाएं। हनुमान जी को गुण और चना भी बहुत पसंद है। हनुमान जी को मंगलवार के दिन पंचमेवा या  बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। हनुमान जी को पंचामृत का भोग भूल कर भी ना लगाएं।

इस अवस्था में भूलकर भी न करें हनुमान जी की पूजा–

 हनुमान जी की पूजा पूरी सात्विकता से करनी चाहिए। किसी भी प्रकार का कोई मन में पाप ना हो। हनुमान जी की पूजा हमेशा स्वच्छ कपड़े और तन मन से शुद्ध होकर करें। हनुमान जी के पूजा का जितना भी समान है सभी को साफ सुथरा रखें। अगर घर में सूतक काल चल रहा है तो आप उस समय हनुमान जी की पूजा ना करें। इसके साथ ही घर में किसी भी देवी देवता की पूजा नहीं की जाती है। ब्रह्मचर्य का विशेष रूप से पालन करें। भूलकर भी कामुक कल्पनाएं मन में ना लाए। 
शनिवार या मंगलवार के दिन भूलकर भी सफेद या काले वस्त्र पहन कर पूजा ना करें। हनुमान जी को लाल और केसरिया रंग प्रिय है। इस दिन आप केसरिया या काल कपड़ा पहन कर ही पूजा करें

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महिलाओं के लिए हनुमान जी की पूजा का नियम–

हनुमान जी की पूजा कोई भी कर सकता है चाहे वो स्त्री हो या पुरुष दोनों ही समान रूपों में हनुमान जी की पूजा कर सकते है। लेकिन ये हनुमान जी की पूजा है तो ब्रह्मचर्य का पालन भी जरूरी है।मान्यता है की कलयुग में हनुमान जी की पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। हनुमान जी को कलयुग का राजा कहा जाता है।
शास्त्रों में बताया गया है की महिलाएं हनुमान जी की पूजा नहीं कर सकती है।क्योंकि महिलाओं को हर महीने पीरियड्स आते है। तो अगर ये व्रत या कोई अनुष्ठान कर रही है और बीच में पीरियड्स आ गया तो वो किया गया अनुष्ठान भंग हो जायेगा। यहां तक की हनुमान जी का व्रत भी नहीं रख सकती है।
 

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