myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Ganga Saptami 2022: Ganga Saptami will be celebrated in Ravi Pushya Yoga

Ganga Saptami 2022: रवि पुष्य योग में मनाई जाएगी गंगा सप्तमी  

Myjyotish Expert Updated 04 May 2022 12:38 PM IST
रवि पुष्य योग में मनाई जाएगी गंगा सप्तमी  
रवि पुष्य योग में मनाई जाएगी गंगा सप्तमी   - फोटो : google

रवि पुष्य योग में मनाई जाएगी गंगा सप्तमी  


गंगा सप्तमी हिंदुओं के लिए एक शुभ दिन है जिसे देवी गंगा के पृथ्वी पर आगमन के सम्मान में मनाया जाता है. इस वर्ष गंगा जयंती  गंगा सप्तमी 08 मई रविवार को मनाई जाएगी. गंगा सप्तमी के दिन रविपुष्य योग का निर्माण हो रहा है जिसके कारण ये अत्यंत ही शुभ समय होगा. 

इस दिवस को 'गंगा जयंती' या 'गंगा पूजन' के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि हिंदू किंवदंतियों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि देवी गंगा ने इस दिन पृथ्वी पर पुनर्जन्म लिया था. गंगा सप्तमी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को मनाई जाती है. गंगा सप्तमी पर अधिकांश हिंदू तीर्थ स्थानों में जहां गंगा नदी गुजरती है, जैसे इलाहाबाद और ऋषिकेश में त्रिवेणी संगम, भक्तों द्वारा विशेष पूजा और प्रार्थना की जाती है. यह भारत के उत्तरी राज्यों में पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाई जाती है. 

जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

गंगा सप्तमी पर महत्वपूर्ण पूजा समय

गंगा सप्तमी पूजा के लिए मध्याह्न काल पूजा का समय 08 मई 11:05 पूर्वाह्न - 08 मई, 1:41 अपराह्न
सप्तमी तिथि 07 मई, 2022 दोपहर 2:57 बजे शुरू होगी
सप्तमी तिथि समाप्त 08 मई, 2022 शाम 5:00 बजे

गंगा सप्तमी के दौरान पूजन 

गंगा सप्तमी के दिन, भक्त सूर्योदय से पहले उठते हैं और पवित्र गंगा में डुबकी लगाते हैं. इस दिन मां गंगा की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है. गंगा नदी के पूजन में गंगा आरती करते हैं. कई घाटों पर 'गंगा आरती' की तैयारी की जाती है और इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं. गंगा सप्तमी के दिन दीपदान करने वाली रस्म बहुत ही शुभदायक होती है. हिंदू धर्म में गंगा को देवी माँ के समान माना जाता है. सभी लोग जीवन में प्रसिद्धि और मोक्ष हेतु पूर्ण समर्पण और भक्ति के साथ देवी गंगा की पूजा करते हैं. गंगा सप्तमी के दिन गंगा नदी के किनारे विशाल मेलों का भी आयोजन किया जाता है.  इस दिन गंगा सहस्रनाम स्तोत्रम और गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत ही शुभ माना जाता है.

बगलामुखी जयंती पर शत्रुओं पर विजय व धन की समस्या से छुटकारा पाने हेतु कराएं सामूहिक 36000 मंत्रों का जाप

गंगा सप्तमी कथा का महत्व

गंगा सप्तमी की कथा और महत्व को पुराणों में विस्तार रुप से दर्शाया गया है. हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी गंगा पहली बार 'गंगा दशहरा' के दिन पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. हालाँकि एक बार ऋषि जाह्नु ने गंगा का पानी पिया और देवताओं और राजा भगीरथ से विनती करने के बाद ही उन्होंने वैशाख शुक्ल पक्ष सप्तमी को एक बार फिर गंगा को छोड़ दिया. तब से यह दिन देवी गंगा के पुनर्जन्म का प्रतीक है और इसे 'जहनु सप्तमी' भी कहा जाता है. ऋषि जाह्नु की पुत्री होने के कारण देवी गंगा को जाह्नवी भी कहा जाता है.

गंगा नदी को भारत में बहुत पवित्र माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि गंगा नदी में पवित्र स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं. इसके अलावा ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जो व्यक्ति 'मंगल' के प्रभाव में हैं, उन्हें गंगा सप्तमी पर देवी गंगा की पूजा करनी चाहिए. 

अधिक जानकारी के लिए, हमसे instagram पर जुड़ें ।

अधिक जानकारी के लिए आप Myjyotish के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें।
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X