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Sawan : बम बम भोले के उद्घोष के साथ शुरू हुआ भोलेनाथ का अभिषेक

my jyotish expert Updated 15 Jul 2023 03:32 PM IST
Sawan : बम बम भोले के उद्घोष के साथ शुरू हुआ भोलेनाथ का अभिषेक
Sawan : बम बम भोले के उद्घोष के साथ शुरू हुआ भोलेनाथ का अभिषेक - फोटो : google
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शिवरात्रि के साथ भक्तों का मेला लगने लगा शिवमंदिरों में. चारों ओर माहौल भक्ति के रंगों में रंगा हुआ दिखाई देता है. भगवन शिव के जय कारों के साथ भक्त अपने प्रभु का अभिषेक करने के लिए अनुग्रहित दिखाई देते हैं. इस समय भक्तों के भीतर दिव्य ऊर्जाओं का प्रादुर्भाव होता है जो भक्ति एवं शक्ति के अदभुद संगम का गवाह भी बनता है. 

सारी इच्छाओं को पूरा करने के लिए इस सावन बाबा बैद्यनाथ में कराएं रुद्राभिषेक - 04 जुलाई से 31 अगस्त 2023
 
सावन शिवरात्रि मुहूर्त
इस बार सावन शिवरात्रि पर वृद्धि और ध्रुव योग के होने पर उपायों को करना बेहद शुभ परिणाम देने वाला होगा. सावन शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित पवित्र महीने की सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक मानी जाती है. इस बार सावन शिवरात्रि पर बेहद शुभ योग बनने जा रहा है.  इस बार अधिक मास के कारण सावन शिवरात्रि पर बन रहा शुभ योग आर्थिक उन्नति के साथ साथ करियर में प्रगति के लिए भी विशिष्ट होगा.

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन सोमवार उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक 04 जुलाई से 31अगस्त 2023
 
सावन शिवरात्रि के अवसर पर शिव मंदिर में जाकर जल में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें और ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करने से आर्थिक तंगी दूर हो जाती है. इस उपाय के द्वारा करियर को गति मिलती है नौकरी और बिजनेस से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं.सावन शिवरात्रि के दिन इस बार वृद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है. इस दिन जो लोग पूरी श्रद्धा से भगवान शिव का व्रत और पूजन करेंगे, उन पर भगवान शिव की कृपा बरसेगी और उनके सभी कष्ट दूर हों

 सावन माह में भोलेनाथ को प्रसन्न करने हेतु काशी में कराएं रुद्राभिषेक - 04 जुलाई से 31 अगस्त 2023

शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का समय
भगवान शिव काल से परे हैं और वे महाकाल हैं. भगवान की पूजा के लिए शुभ समय हर वक्त उपलब्ध होता है. किसी भी समय महादेव की पूजा कर सकते हैं.  सावन शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का संयोग बन गया है. उस दिन शिव गौरी के साथ रहते हैं. शिववास के बाद ही रुद्राभिषेक किया जाता है. रुद्राभिषेक का शुभ समय सुबह से शाम तक है.

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