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देश में नए कोरोना वेरियेंट ओमिक्रॉन की दस्तक, जानिए क्या कहता है ज्योतिष?

My jyotish expert Updated 14 Dec 2021 11:11 AM IST
Omicron
Omicron - फोटो : my jyotish
दिसम्बर, 2019 से अब तक कोरोना के कारण राहत नहीं मिली है। कोरोना महामारी से अभी पूरी तरह निजात भी नहीं मिला थी कि अब कोरोना अन्य रूप में ओमिक्रॉन वायरस के नाम से नवम्बर में साउथ अफ्रीका के गाउटेंग की लैब में मिला। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी को सचेत किया है कि SARS-CoV-2 का यह नवीनतम वेरिएंट पहले कोविड से ग्रसित हो चुके या पूरी तरह से वैक्सीनेशनेटेड लोगों को भी आसानी से संक्रमित कर सकता है।

सुनने में आया है कि आमिक्रॉन पहले से ही इंग्लैंड की राजधानी लंदन में उपस्थित था। परन्तु साक्ष्य बताते हैं कि नवम्बर, 2021 की 24 तारीख़ को दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने विश्व को ओमिक्रॉन की पुष्टि की। इस नए वेरियेंट ओमिक्रॉन के दस्तक देने के साथ ही वैश्विक महाशक्ति अमेरिका को कोविड से लड़ने का संकट बढ़ा हुआ है। अमेरिका के मिशिगन राज्य में कोरोना संक्रमण के एक ही दिन में 11783 नए मामले आने के साथ ही 235 रोगियों की मृत्यु होने की पुष्टि की गई है। यहाँ बढ़ते कोरोना मामलों के चलते अस्पतालों में वेंटिलेटरों की अत्यधिक कमी भी है। इंडियाना में भी 49 प्रतिशत से मामलों में वृद्धि हुई है। ज्ञात हो कि अब तक अमेरिका में ओमिक्रॉन के 43 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

कई समाचारों के अनुसार, 19 नवम्बर को नीदरलैंड में सर्वप्रथम ओमिक्रॉन का मामला हुआ था। लेकिन, पुष्टि 24 नवम्बर को साउथ अफ़्रीका में हुई। प्राप्त जानकारी को आधार मानते हुए ओमिक्रॉन की कुंडली के अनुसार, ओमिक्रॉन की चन्द्र राशि कर्क है। स्वयं के घर में चंद्रमा दो डिग्री पर कर्क राशि में 50′ 11″ रेखांश पर विद्यमान है। ओमिक्रॉन के रोगी को अन्य कोरोना वेरियेंट की ही भाँति मेहनत ना करने पर भी सदैव थकान महसूस होती है और शरीर आराम माँगता है।

पुष्टि के समय को जन्म समय माने तो ओमिक्रॉन की जन्म कुंडली में 08 डिग्री का सूर्य 09′ 53″ रेखांश पर, 07 डिग्री का केतु 21′ 18″ रेखांश पर तथा 05 डिग्री का बुध 27′ 41″ रेखांश पर एक साथ वृश्चिक राशि में हैं। इससे संक्रमित रोगी को गले में खरास ना होकर खरोंच की समस्या है। जिस कारण गले में दर्द बढ़ने के साथ ज़ख़्म जैसा महसूस भी होता है। लेकिन, ज़ख़्म होने आशंका कम है। क्योंकि, आरोग्य का कारक सूर्य ओमिक्रॉन की वृश्चिक राशि में है।

ओमिक्रान की कुंडली के अनुसार, सूर्य के साथ-साथ केतु और बुध तीनों ग्रह शनि ग्रह के नक्षत्र अनुराधा में थे। महामारी के लिए ज़िम्मेदारी दर्शाते हुए, वर्तमान में शनि और प्लूटो एक साथ हैं। ओमिक्रॉन में बुखार और माँसपेशियों में दर्द के साथ ही रात्रि में पसीना आता है, चाहे वह व्यक्ति किसी ठंडे स्थान पर सो रहा हो। दिसम्बर की 5 तारीख़ से वृश्चिक राशि में स्वामी ग्रह मंगल के प्रवेश होने के कारण ओमिक्रॉन का ख़तरा बना रहेगा। ओमिक्रॉन वेरियेंट के रोगी में तेज बुख़ार की अपेक्षा कई दिनों तक रहने वाला कम तापमान का बुखार माइल्ड रहता है। ओमिक्रॉन में शरीर का तापमान कई दिनों तक बढ़ता है। गले में दर्द बढ़ने के साथ ही सूखी खाँसी के कारण खाने-पीने में बहुत दिक़्क़त होती है। 

ब्रिटेन के नेशनल हेल्थ मिशन ने ऑमिक्रॉन से बचाव हेतु आज से तीस वर्ष से 39 वर्ष की आयु सीमा के 75 लाख में से 35 लाख व्यक्तियों को बूस्टर डोज देने की मंजूरी दे दी है। परन्तु, आने वाली 16 तारीख़ को सूर्य ग्रह के राशि परिवर्तन के पश्चात् भी मंगल और केतु ग्रह ओमिक्रॉन के पुष्टि समय के अनुसार बनी कुंडली में वृश्चिक राशि में ही साथ रहेंगे। इस युति के कारण नकारात्मक प्रभाव युक्त अंगारक दोष का निर्माण होगा। जिस कारण फ़िलहाल ब्रिटेन के इस फ़ैसले का असर धीमा होगा।

बनाई गई कुंडली में बारहवें भाव में शनि स्वयं के घर में 14 डिग्री पर मकर राशि में 18′ 42″ रेखांश पर स्थित है। प्रारम्भ में, अधिकतर सभी ओमिक्रॉन के मामलों की जानकारी दक्षिण की ओर से ही आई है। महाराष्ट्र के नागपुर में रविवार को दक्षिण अफ्रीका के बुरकीना फासो से दिल्ली लौटे 40 वर्षीय संक्रमित व्यक्ति से चला। दिल्ली में नेगेटिव जाँच आई। परन्तु, नागपुर एयरपोर्ट पर उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया। बाद में, जाँच करने पर उसे ओमिक्रॉन पॉजिटिव घोषित किया गया। कर्नाटक में 34 वर्षीय संक्रमित साउथ अफ्रीका से ही वापिस आया था। 27 नवम्बर को मुंबई होते हुए आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयरलैंड से आए 34 वर्षीय विदेशी यात्री को ओमिक्रॉन संक्रमित पाया गया।

शनि के स्वामित्व वाले पहले घर में गुरू कुम्भ राशि में पुल्लिंग अवस्था में स्थिर है। जिस कारण सतर्क रहने की अत्यधिक आवश्यकता है। चौथे घर में राहु वृषभ राशि में स्थिर है। जिसकी दृष्टि सूर्य, बुध तथा मंगल की ओर है। चूँकि, इस घर का स्वामी शुक्र है। ज्योतिष के अनुसार, इस प्रभाव से देश में कोरोना वैक्सीनेशन तेजी से वृद्धि कर रहा है। भारत में वैक्सीनेशन का आँकड़ा लगभग 133 करोड़ पहुँच गया है। नए साल की 17 तारीख़ को मंगल के राशि परिवर्तन करने पर स्थितियाँ नियंत्रण में आती दिखने लगेंगी।
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