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Vinayak Chaturthi Ganpati 108 Atharvashirsha Path Aur Doorba Sahastraarchan Puja Kashi Durg Vinayank Mandir

काशी दुर्ग विनायक मंदिर में पाँच ब्राह्मणों द्वारा विनायक चतुर्थी पर कराएँ 108 अथर्वशीर्ष पाठ और दूर्बा सहस्त्रार्चन, बरसेगी गणपति की कृपा ही कृपा -10 सितम्बर, 2021

By: माई ज्योतिष विशेषज्ञ

Rs. 1,500
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अथर्वशीर्ष पाठ और दूर्बा सहस्त्रार्चन का फल

  • गणेश जी होंगे अत्यधिक प्रसन्न
  • धन-वैभव-बुद्धि व प्रसिद्धि में वृद्धि
  • असाध्य रोगों से मुक्ति व दीर्घायु
  • आर्थिक कष्टों का निवारण
  • वैवाहिक सुख व गृह शांति
  • पाप ग्रह दोषों की समाप्ति

नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।

प्रथम पूज्य गौरी पुत्र श्री गणेश जी का तो नाम लेने मात्र से समस्त शुभ कार्य सफल हो जाते हैं। गणेश जी के पूजन से समस्त मनोकामना पूर्ण हो जाती है। गणेश जी को पूजने की इच्छा हेतु अथर्वशीर्ष पाठ का अत्यधिक महत्व है। एक ही बार अथर्वशीर्ष पाठ से मनचाहा वरदान मिल जाता है। अथर्वशीर्ष का पाठ सुनकर श्री गणेश जी को अत्यधिक सुख मिलता है और जितना सुख उन्हें मिलता है उससे कहीं अधिक वे अपने भक्तों सुखी करते हैं। 

श्री गणेश जी को दूर्बा अत्यधिक प्रिय है। एक, सात या ग्यारह दूर्बा गणपति पर चढ़ाने से वे व्यक्ति द्वारा मन में सोचे गए कार्य को पूर्ण कर देते हैं। ऐसे में भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि अर्थात् विनायक (गणेश) चतुर्थी को 108 बार अथर्वशीर्ष पाठ और 1008 दूर्बा से ब्राह्मणों द्वारा गणेश जी का पूजन करने से असम्भव भी सम्भव हो सकता है। विघ्न विनाशक कई गुना प्रसन्न होकर पूजन करने या करवाने वाले को धन-वैभव-बुद्धि-प्रसिद्धि देते हैं। साथ ही, असाध्य रोग, आर्थिक कष्ट, वैवाहिक जीवन की परेशानी व ग्रह दोषों का निवारण भी गणपति कर देते हैं।

हमारी पूजा सेवाएं :-
विनायक चतुर्थी की तिथि को वाराणसी के दुर्ग विनायक मंदिर में पूरे विधिविधान से 108 श्री अथर्वशीर्ष पाठ व दूर्बा सहस्त्रार्चन 5 ब्राह्मणों द्वारा कराया जाएगा। पूजन से पूर्व पंडित जी संकल्प कराएंगे। पूजन के समय आपको एक लिंक भेजा जाएगा, जिसके माध्यम से आप पूजन को लाइव देखकर पूजा का आनंद व लाभ ले सकेंगे।पंडित जी को आपकी ओर से रु1000/- दक्षिणा भी दी जाएगी।  

प्रसाद

  • सिंदूर
  • मौली
  • सिद्ध गणेश यंत्र 

जानिये हमारे पंडित जी के बारे में

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