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बुधवार के दिन कैसे करें श्री गणेश की उपासना, जानें विधि एवं महत्व !

Myjyotish Expert Updated 23 Feb 2021 01:11 PM IST
Ganesh Pooja
Ganesh Pooja - फोटो : Myjyotish
हिन्दू धर्म विश्व का प्राचीनतम एवम् सबसे समृद्ध धर्म है। यह सिर्फ धार्मिक मान्याओं के आधार पर ही नहीं अपितु वैज्ञानिक एवम् गणितीय खोजों के आधार पर भी है। इसी कडी में हमारा ज्योतिष शास्त्र भी आता है जो आधुनिक खगोल विज्ञान का आधार है। हम पुरातन काल से यह विश्वास करते आये हैं कि नौ ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में किसी व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों, सूर्य, चंद्रमा राहु केतु आदि की स्थिति पर व्यक्ति का चरित्र एवम् विकास निर्भर करता है। इन नौ ग्रहों में बुध ग्रह भी एक है। बुध ग्रह की स्थिति को व्यक्ति के तार्किक एवम् बौद्धिक विकास के लिए उत्तरदाई माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति के जन्म के समय बुध ग्रह की स्थिति सही स्थान पर ना हो तो तो उसके बौद्धिक एवम् तार्किक विकास पर प्रभाव पड़ता है। भगवान गणेश को बुध ग्रह का स्वमी माना जाता है इसलिए बुधवार के दिन इनकी पूजा करने से कुंडली का बुध दोष समाप्त होता है।

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भगवान गणेश की पूजन विधि
  • बुधवार को गणेश जी की पूजा करने के लिए उपवास करना चाहिए।
  • यह उपवास शुक्ल पक्ष में करने पर ज्यादा श्रेयष्कर होता है।
  • यह पूजा करने के लिए प्रातः काल उठकर स्नान करना चाहिए तत्पश्चात एक ताम्र पात्र में गणेश जी की प्रतिमा प्रतिमा को लेकर पूर्व की ओर मुख करके उसे स्नान कराना चाहिए।
  • गणेश जी के लिए उपवास करते हुए नमक के सेवन से बचना चहिए।
  • इसके पश्चात फूल धूप दीप एवम् प्रसाद लेकर सच्चे हृदय से प्रार्थना करते हैं।
  • गणेश जी को मोदक अत्यंत पसंद है इसलिए इन्हें प्रसाद में मोदक चढ़ाना शुभ होता है और भगवान गणेश जल्दी प्रसन्न होते हैं।
  • भगवान गणेश को दुर्वा यानी दूब अत्यंत प्रिय है इसलिए इन्हें दुर्वा अर्पित करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
  •  ॐ गं गणपतये नमः।। मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए।
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