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Surya Dakshinayan News: सूर्य के कर्क राशि में जाने से होगी निरयण दक्षिणायन का आरंभ

my jyotish expert Updated 18 Jul 2023 12:17 PM IST
Surya Dakshinayan News: सूर्य के कर्क राशि में जाने से होगी निरयण दक्षिणायन का आरंभ
Surya Dakshinayan News: सूर्य के कर्क राशि में जाने से होगी निरयण दक्षिणायन का आरंभ - फोटो : google
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सूर्य के कर्क राशि में जाने के साथ ही दक्षिणायन का आरंभ होगा. इसके होने से दिन छोटे होने लगेंगे व रातें लंबी होने लगेंगी, सूर्य होंगे दक्षिणायन तो इस परिवर्तन से मौसम में बदलाव होते हुए भी दिखाई देगा. कर्क संक्रांति के बाद सूर्य देव की उत्तरायण की गति पूरी हो जाएगी और इसके साथ ही वे दक्षिणायन हो जाएंगे. जिस तरह सूर्य के उत्तरायण होने पर दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, उसी तरह दक्षिणायन होने पर दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती हैं. सूर्य देव के दक्षिणायन और उत्तरायण का सीधा संबंध मौसम से है. जहां सूरज उगने के साथ ही मौसम गर्म होने लगता है और गर्मी का मौसम आता है, वहीं सूरज के दक्षिण में उगने के साथ ही मौसम ठंडा होने लगता है और गर्मी विदाई लेने लगती है

सारी इच्छाओं को पूरा करने के लिए इस सावन बाबा बैद्यनाथ में कराएं रुद्राभिषेक - 04 जुलाई से 31 अगस्त 2023
 
दक्षिणायन का प्रभाव 
साल में सूर्यदेव छह महीने उत्तरायण रहते हैं और छह महीने दक्षिणायन में रहते हैं. सूर्य हर महीने अपनी राशि बदलता है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब सूर्य उत्तरायण होता है और उसके बाद जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है और मिथुन राशि में प्रवेश करता है, तब दक्षिणायन शुरू होता है. 16/17 जुलाई को कर्क संक्रांति के बाद सूर्य देव की उत्तरायण की गति पूरी हो जाती है और इसके साथ ही वे दक्षिणायन होने लगते हैं जिस प्रकार सूर्य निकलने पर दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, उसी प्रकार सूर्य निकलने पर दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती हैं. पाश्चात्य सायन में 21 जून यानी जिस दिन सूर्य दक्षिणायन होता है उस दिन सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लंबवत पड़ती हैं, जिसके कारण इस दिन व्यक्ति की छाया लगभग न के बराबर हो जाती है. वैदिक ज्योतिष अनुसार यह समय जुलाई के मध्य में पड़ता है.

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन सोमवार उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक 04 जुलाई से 31अगस्त 2023
 
सूर्यदेव के राशि परिवर्तन का प्रकृति पर असर 
सूर्य के राशि बदलाव के साथ ही प्रकृति में जो चेंज होते हैं वह सभी पर पड़ते हैं. इस समय के दौरान सूर्य की गर्मी में कमी का असर दिखाई देता है. दक्षिणायन का जुलाई समय निरयण संक्रांति में विशेष रुप से स्थान रखता है. इस समय पर कर्क में सूर्य का जाना एक विशेष गोचर की घटना भी होती है. इसका असर राशियों पर भी सीधे तौर पर पड़ते देखा जा सकता है. यह समय सर्दीयों के आगमन का भी होता है.

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