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Onam festival 2023 : ओणम कब है और क्या है इसका महत्व जानें विस्तार से

my jyotish expert Updated 29 Aug 2023 12:28 PM IST
Onam festival 2023 : ओणम कब है और क्या है इसका महत्व जानें विस्तार से
Onam festival 2023 : ओणम कब है और क्या है इसका महत्व जानें विस्तार से - फोटो : my jyotish
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ओणम का पर्व दक्षिण भारत के विशेष पर्वों में से एक है. इस दिन पर  त्यौहार राजा महाबली की घर वापसी और श्री विष्णु के पृथ्वी पर अवतरण की याद दिलाता है. ओणम की शुरुआत काफी समय से हो जाती है. यह दस दिवसीय पर्व काफी विशेष होता है. दक्षिण भारत के अनुसार अथम के साथ शुरू हुआ और थिरुवोनम के साथ समाप्त होता है. इस वर्ष 31 अगस्त को ओणम उत्सव के अंत होता है. 

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ओणम का त्यौहार राक्षस राजा महाबली की पाताल लोक से पृथ्वी लोक तक की यात्रा को समर्पित है. ऐसा माना जाता है कि थिरुवोणम के दिन, राक्षस राजा महाबली के प्रत्येक घर में आकर अपनी प्रजा का हालचाल लेते हैं.  मान्यता है कि ओणम के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से लोगों के घर में कोई दुख नहीं होता, सुख-संपत्ति और बरकत बनी रहती है.
 
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ओणम उत्सव का धार्मिक महत्व 
पौराणिक कथाओं में, केरल के राजा महाबली ने देवताओं को हराया और तीनों लोकों पर शासन किया. उनके शासनकाल में सर्वत्र समृद्धि एवं वैभव का था ओर लोगों के पास सबसे अच्छा समय था. महाबली की लोकप्रियता ने देवताओं को असुरक्षित बना दिया और उन्होंने भगवान विष्णु से हस्तक्षेप करने को कहा. राजा को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए कहा. पृथ्वी पर महाबली के शासन को समाप्त करने के लिए. भगवान ने खुद को वामन के रूप में परिवर्तित किया और राजा के पास जाकर उनसे तीन पग भूमि का दान मांगा राजा ने भगवान को दिया वचन पूर्ण किया. तब भगवान ने राजा महाबली को पाताल काल में भेज दिया गया, लेकिन उन्हें विष्णु द्वारा वर्ष में एक बार अपनी भूमि पर जाने की इच्छा भी प्राप्त होती है. ओणम का त्यौहार राजा की घर वापसी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.

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ओणम कैसे मनाया जाता है?
केरल में हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले इस उत्सव को फसल उत्सव से भी जोड़ा जाता है. ओणम को केरल में सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है और इस साल यह 20 अगस्त से 31 अगस्त तक मनाया जाएगा.  मुख्य रूप से मलयाली परिवारों द्वारा मनाया जाने वाला ओणम नए साल की शुरुआत के साथ आता है, जिसे कोल्ला वर्षम भी कहा जाता है. नई फसल की बेहतर पैदावार के लिए किसान त्योहार पर पूजा अर्चना करते हैं. इस दिन केरल में प्रसिद्ध समुद्र तट दौड़ और कथकली नृत्य का आयोजन किया जाता है. परंपराओं के अनुसर इस दिन कई उत्सव मनाए जाते हैं.   उल्लास से भरा यह त्योहार बहुत ही शुभ एवं पवित्र समय माना जाता है. 
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