myjyotish

7678508643

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Maa Kamakhya Temple: where the water of the Brahmaputra becomes red

52 शक्तिपीठों में प्रमुख कामाख्या देवी का शक्ति पीठ जिनकी महिमा से ब्रह्मपुत्र का पानी हो जाता है लाल, जानें इसके पीछे का रहस्य

myjyotish expert Updated 25 Jun 2021 12:27 PM IST
52 शक्तिपीठों में प्रमुख कामाख्या देवी का शक्ति पीठ जिनकी महिमा से ब्रह्मपुत्र का पानी हो हो जाता है लाल क्या इसके पीछे का रहस्य जानें
52 शक्तिपीठों में प्रमुख कामाख्या देवी का शक्ति पीठ जिनकी महिमा से ब्रह्मपुत्र का पानी हो हो जाता है लाल क्या इसके पीछे का रहस्य जानें - फोटो : google
कामाख्या मंदिर : 

आज हम बात करेगें 52 शक्तिपीठों में से प्रमुख कामाख्या देवी के बारें में जिनकी महिमा बड़ी निराली है, जिसके पीठ से कोई नहीं जाता  खाली हैं ∣ आपको बता दे कि असम के गुवाहाटी से दो मिल दूर पश्चिम में नीलगिरि पर्वत पर स्थित सिद्धि पीठ को कामाख्या मंदिर के नाम से जाना जाता है ∣ जिसका वर्णन कलिका पुराण में भी हमें मिलता है ∣ आपको बता दे कि कामाख्या सबसे पुराना शक्ति पीठ में से एक है ∣ऐसी मान्यता है कि माता सती के योनि का भाग कामाख्या नामक स्थान पर गिरा था। इसके बाद ही इस स्थान पर देवी के पावन मंदिर को स्थापित किया गया। कामाख्या देवी मंदिर मां दुर्गा के शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ है। इस मंदिर में तांत्रिक अपनी सिद्धियों को सिद्ध करने आते हैं।

क्या आपको चाहिए अनुभवी एक्सपर्ट की सलाह ?

SUBMIT


ज्येष्ठा पूर्णिमा पर हरिद्वार में कराएं लक्ष्मी नारायण यज्ञ, होगी सुख-संपत्ति, धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति - 24 जून 2021


कैसे हुआ कामाख्या शक्तिपीठ का निर्माण:

जब माता सती ने अपने पिता के द्वारा शिव के अपमान को न सहन करने के कारण अपनी देह को अग्नि कुण्ड में समहित कर दिया था, जिस कारण भगवान शिव को इतना क्रोध आया था। कि उन्हें माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर तांडव किया था।  जिससे संसार में प्रलय की सम्भावना उत्पन्न हो गयी थी तब भगवान विष्णु ने अपने तब संसार को प्रलय से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को कई हिस्सों में काट दिया, जिस जगह भी ये टुकड़े गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए। माता सती का योनि भाग कामाख्या स्थान पर गिरा था। इसी वजह से इसको कामाख्या देवी के नाम से जाना जाता है। माता सती के कुल 52 शक्तिपीठ हैं, लेकिन एक शक्तिपीठ पाकिस्तान में स्थित है। भारत में कुल 51 शक्तिपीठ हैं।


कुंड की होती है पूजा:

आपको बता दे कि 51 शक्तिपीठ में से सिर्फ कामाख्या मंदिर को महापीठ का दर्जा हासिल है, किन्तु इस मंदिर में मां दुर्गा और मां जगदंबा का कोई चित्र और मूर्ति नहीं है। भक्त मंदिर में बने एक कुंड पर फूल अर्पित कर पूजा करते हैं। इस कुंड को फूलों से ढककर रखा जाता है क्योंकि कुंड देवी सती की योनि का भाग है, जिसकी पूजा-अर्चना भक्त करते हैं। इस कुंड से हमेशा का पानी का रिसाव होता है। इसी वजह से इसे फूलों से ढककर रखा जाता है। 

कब और कैसे मिलेगा आपको अपना जीवन साथी ? अभी बात करें हमारे एक्सपर्ट्स से और जानें


आखिर किस कारण हो जाता है नदी का पानी  लाल:

मान्यता के मुताबिक ब्रह्म पुत्र नदी का पानी तीन दिन के लिए लाल हो जाता है∣। इसका कारण कामाख्या देवी मां के रजस्वला होने को बताया जाता है। जो कि हर साल अम्बुवाची मेले के समय ही होता है ∣इन तीन दिनों में भक्तों का बड़ा सैलाब इस मंदिर में उमड़ता है। भक्तों को प्रसाद के रूप में लाल रंग का सूती कपड़ा भेंट किया जाता है।

ये भी पढ़े:
 

जानें कब है देवशयनी एकादशी, इस दिन से सभी मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम

 

ज्येष्ठा पूर्णिमा आज, जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि एवं महत्व

 

टैरो राशिफल 24 जून, 2021: टैरो कार्ड से जानिए अपना आज का भाग्य


 
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X