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जानिए क्यों की जाती है गुरुवार के दिन भगवान बृहस्पति की पूजा

My Jyotish Expert Updated 09 Apr 2020 01:20 PM IST
Know why Lord Jupiter is worshiped on Thursday
गुरुवार को भगवान बृहस्पति की पूजा की जाती है।  इस पूजा से परिवार में सुख-शांति का आगमन होता है। कुमारी कन्याएं भी जल्द विवाह के लिए भी गुरुवार का व्रत किया करती है। श्रीमद्भागवत के अनुसार एकादशी व पूर्णिमा के अवसर पर भगवान विष्णु की पूजा से मनुष्य की इस लोक में की सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं। पूर्णिमा तथा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। अटूट दांपत्य व घर-परिवार की सुख शांति के लिए इनकी पूजा अर्चना की जाती है।

वैदिक काल से ही विष्णु सम्पूर्ण विश्व की सर्वोचत्म शक्ति के रूप में माने गए हैं। गुरूवार के दिन इनकी पूजा पूरे विधि -विधान से पूर्ण करनी चाहिए। ऐसा करने से इनकी असीम अनुकम्पा अपने भक्तों पर बरसती है। उस दिन लोग व्रत और उपवास भी रखते हैं। इस दिन सुबह - सुबह लोग स्नान-आदिकर पूजा-पाठ करते हैं। बृहस्पति देव की पूजा पीलें वस्तुओं से की जाती है जैसे की पीला फूल, चने की दाल, पीली मिठाई, पीले चावल और हल्दी, इस दिन केले के पेड़ की पूजा भी करनी चाहिए। कथा व पूजन के समय मन, वचन से शुद्ध होकर भगवान विष्णु से मनोकामना पूर्ति हेतु प्रार्थना करनी चाहिए। 

प्राचीन काल से चली आ रही कथाओं के अनुसार एक नगर की रानी को अपने पति के दान पुण्य करने से बहुत दुःख था इसलिए उन्होंने एक विष्णु रुपी ब्राह्मण से यह दान पुण्य समाप्त करने का रास्ता माँगा तभी ब्राह्मण के बताएं उपायों से तीन बृहस्पति वार में ही राजा का सारा धन समाप्त हो गया। उन्होंने बताया था की रानी अगर मांस मदिरा का सेवन करें, बाल धोये, कपड़ें आदि बृहस्पतिवार के दिन धोये तोह इस समस्या का अंत हो जाएगा। परन्तु ये सब करने से उनका सारा धन ही नष्ट हो जाता है इसलिए यह नियमित कार्य गुरूवार के दिन नहीं करने चाहिए।

राजा का सारा धन नष्ट हो जाने के कारण दोनों अन्न जल के लिए तरस जाते हैं। तब रानी अपनी दासी को पास के गांव में अपनी बहन के घर भेजती है और उससे पांच सेर अनाज मांग कर लाने को कहती हैं। रानी की बहन स्वयं रानी के महल पहुँचती हैं और उससे बृहस्पति भगवान के पूजन के बारे में बताती हैं। पूजा के कुछ हफ़्तों में राजा का सारा धन मान-सम्मान वापस लौटने लगता है। भगवान विष्णु की कृपा से राजा और रानी को संतान सुख की भी प्राप्ति होती है इसलिए कहा जाता है की यदि सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा की जाए तो वह अवश्य ही अपने भक्तों के सभी दुःख हर लेते हैं।

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