myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

विज्ञापन
विज्ञापन
Home ›   Blogs Hindi ›   Kaal Bhairav Jayanti 2023: Bhairav worship removes negativity, know the importance of Kaal Bhairav Jayan

Kaal Bhairav Jayanti 2023: नकारात्मकता को दूर करता है भैरव पूजन जानें काल भैरव जयंती महत्व

Acharyaa RajRani Updated 05 Dec 2023 10:01 AM IST
Kaal Bhairav Jayanti
Kaal Bhairav Jayanti - फोटो : my jyotish
भैरव बाबा भगवान शिव के अवतार हैं और कृष्ण पक्ष की अष्टमी की तिथि काल भैरव जयंती के रुप में पूजनीय है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान काल भैरव को न्याय के देवता भी कहा जाता है. काल भैरव को दुष्टों का अंत करने वाले देव के रुप में स्थान प्राप्त है.

काल भैरव अष्टमी हर माह की कृष्ण अष्टमी को मनाई जाती है और मार्गशीर्ष माह की अष्टमी के दिन कालभैरव जयंती का पर्व संपन्न होता है. इस दिन भगवान भैरव की पूजा करने से सभी भय दूर हो जाते हैं और रोगों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि इसी दिन बाबा काल भैरव का जन्म हुआ था. इन्हें भगवान शिव का रौद्र रूप माना जाता है.

कालभैरव जयंती पर दिल्ली में कराएं पूजन एवं प्रसाद अर्पण, बनेगी बिगड़ी बात -05 दिसंबर 2023

काल भैरव स्वरुप एवं पूजन 
काल भैरव रुद्र के अवतार हैं इसलिए रौद्र उनका स्वरुप है किंतु कल्याण करने वाला है. भक्तों के लिए दयालु और शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान कहा जाता है. इन्हें दंडनायक भी माना जाता है यानी ये बुरे कर्म करने वालों को दंड देते हैं. भगवान काल भैरव के बारे में मान्यता है कि यदि कोई भगवान भैरव के भक्तों को कोई नुकसान पहुंचाता है तो वे उसे दंड देते हैं. जीवन में नकारात्मक चीजों से बचव हेतु भी काल भैरव का पूजन विशेष होता है. 

अनुभवी ज्योतिषाचार्यों द्वारा पाएं जीवन से जुड़ी विभिन्न परेशानियों का सटीक निवारण

भयानक दिखने वाला और भय से रक्षा करने वाला काल भैरव का दर्शन मात्र सभी कष्टों को समाप्त कर देता है.काल भैरव जयंती के दिन जो भी व्यक्ति प्रतिदिन भैरव बाबा की पूजा और चालीसा का पाठ करता है उसके घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं. किसी भी प्रकार की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं. शारीरिक कष्ट भी कभी नहीं सताते हैं. इसके साथ ही बाबा भैरवनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं.  

आपके स्वभाव से लेकर भविष्य तक का हाल बताएगी आपकी जन्म कुंडली, देखिए यहाँ

कालभैरव पूजन से मिलता है ग्रह दोषों से छुटकारा  
हर माह आने वाले आलष्टमी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. इस व्रत में भगवान शिव के काल भैरव स्वरूप की पूजा की जाती है. यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. कालाष्टमी व्रत करने से शत्रुओं का भय और दुर्भाग्य पूरी तरह दूर हो जाता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. भगवान काल भैरव की पूजा करने से अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति मिलती है. परिवार में सुख, शांति और स्वास्थ्य रहता है. भगवान काल भैरव की पूजा करने से रोग, दोष और भय से मुक्ति मिलती है.
 
जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
 
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X