myjyotish

6386786122

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

विज्ञापन
विज्ञापन
Home ›   Blogs Hindi ›   Health effects of chakra imbalance: Know the effects of imbalance of chakras on health.

Health effects of chakra imbalance: जानें चक्रों के असंतुलित होने का स्वास्थ्य पर प्रभाव

Acharyaa RajRani Updated 06 Dec 2023 11:17 AM IST
Health effects of chakra imbalance
Health effects of chakra imbalance - फोटो : my jyotish
शरीर में मौजूद सभी चक्र हमारी जीवन शक्ति को प्रभावित करने वाले होते हैं. इन चक्रों का किसी न किसी पक्ष पर अधिक गहरा असर भी देखने को मिलता है. सभी सातों चक्रों का शरीर पर असर पड़ता है ओर इस असर का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है. 

कालभैरव जयंती पर दिल्ली में कराएं पूजन एवं प्रसाद अर्पण, बनेगी बिगड़ी बात

चक्र का प्रभाव 
यदि इन सातो चक्रों में से कोई भी चक्र असंतुलित हो तो शरीर उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता है. इन चक्रों का शरिर के जिस मूल भाग पर आधिपत्य होता है उस पर यह चक्र विशेष असर डालते हैं. जब शरीर के जिस भाग पर चक र अस्म्तुलित होता है तो वह भाग जल्द से जल्द प्रभावित होता है ओर शरीर रोग ग्रस्त होने साथ ही मानसिक रुप से विचारधारा भी प्रभावित दिखाई देती है. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए शारीरिक चक्रों का संतुलित होना अहम है.  

स्वास्थ्य पर चक्रों का प्रभाव 
मूलाधार चक्र

मूलाधार चक्र रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले भाग पर स्थित होता है. इस चक्र का रंग लाल है. यह चक्र शरीर को सुरक्षित और स्वास्थ्य को संतुलित रखता है इस चक्र के असंतुलन के कारण बार-बार नकारात्मक सोच आती है और व्यक्ति आलसी और असुरक्षित महसूस करने लगता है. 

अनुभवी ज्योतिषाचार्यों द्वारा पाएं जीवन से जुड़ी विभिन्न परेशानियों का सटीक निवारण

स्वाधिष्ठान चक्र
स्वाधिष्ठान चक्र नाभि के नीचे जनांगों के पास होता है. इसका रंग नारंगी होता है. यह जीवन को जुनून से भरता है. इसके अनुकूल होने से यौन सुखों की प्राप्ति एवं प्रजनन संबंधी सुख अच्छा रहता है किंतु इसे असंतुलित होने पर इन चीजों से भय बन जाता है ओर कष्ट की स्थिति उभरती है.  

मणिपुर चक्र
मणिपुर चक्र नाभि के पास कुछ ऊपर स्थित होता है और इसका रंग पीला है. इस चक्र के द्वारा स्वाभिमान, आत्म अभिव्यक्ति की भावना, पद, प्रसिद्धि का सुख मिलता है. लेकिन इस चक्र के अंस्तुलित होने पर इन चीजों से असुरक्षा का भाव बढ़ता है. पेट से जुड़े विकार भी इसके कारण अधिक प्रभावित कर सकते हैं. 

आपके स्वभाव से लेकर भविष्य तक का हाल बताएगी आपकी जन्म कुंडली, देखिए यहाँ

अनाहत चक्र
अनाहत चक्र को हृदय चक्र भी कहा जाता है क्योंकि यह इसके अधिक पास होता है. इसका रंग हरा होता है. यह चक्र रिश्तों का प्रेम प्रदान करता है. प्रेम एवं संतोष को प्रदान करता है. स्वभाव की मधुरता मिलती है. इस चक्र के असंतुलित होने पर कष्ट एवं भय की अनुभूति अधिक होती है. व्यर्थ की चिंता एवं तनाव बने रहते हैं भावनात्मक रुप से व्यक्ति असंतुलित रहता है. 

अजना चक्र
अजना चक्र माथे के मध्य में स्थित होता है जिसे तीसरी आंख के रुप में स्थान प्राप्त होता है. इस चक्र के संतुलित होने से आपके जीवन और दिल-दिमाग में संतुलन होता है और जब यह असंतुलित होता है तो अनिद्रा, मानसिक संताप, नेत्र रोग इत्यादि को प्रदान कर सकता है. 
 
जन्मकुंडली ज्योतिषीय क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
 
सहस्रार चक्र 
इस चक्र को क्राउन चक्र भी कहा जाता है जो हमारी चेतना का बिंदु बनता है. इस चक्र के प्रभावित होने के कारण व्यक्ति मानसिक अस्थिरता को पाता है. किसी प्रकार की दिमागी चिंता एवं रोग इस चक्र के असंतुलित होने पर तेजी से उभरता है.
 
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X