Get Oil Consecration To Destroy Shani Dosh - शनि दोष का विनाश करने के लिए कराएं तेल अभिषेक - Myjyotish News Live
myjyotish
हेल्पलाइन नंबर

9818015458

  • login

    Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Get oil consecration to destroy Shani Dosh

शनि दोष का विनाश करने के लिए कराएं तेल अभिषेक

MyJyotish Expert Updated 27 Apr 2020 06:44 PM IST
Get oil consecration to destroy Shani Dosh
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव सूर्य पुत्र हैं। वह कर्मदाता अर्थात व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसे फल प्रदान करने वाले देव माने जाते हैं। शनि को पितृ शत्रु माना जाता है जिसके कारण मारक, अशुभ व दुःख का कारक ग्रह भी माना जाता है। एक बार यदि शनि की कुदृष्टि किसी व्यक्ति पर पड़ जाए तो उसका जीवन तहस-नहस हो जाता है। उनके प्रकोप से व्यक्ति के घर में केवल दुःख और दरिद्रता का वास होने लगता है। उनके इन्हीं दुष्प्रभावों से बचने के लिए तथा शनि को सदैव प्रसन्न रखने के लिए भक्तों द्वारा उनका तेल अभिषेक किया जाता है।

बहुत कम लोग जानते हैं की शनि को जितना बुरा माना जाता है वह उतना बुरा ग्रह नहीं है। वह मारक व अशुभ भी नहीं बल्कि वह तो एक मात्र ऐसा ग्रह है जिसकी कृपा से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वह प्रकृति में संतुलन स्थापित करके प्राणियों में न्याय करते हैं। शनि केवल उन्हीं को दण्डित करते हैं जो व्यक्ति विषमता और अस्वाभाविकता को आश्रय प्रदान करें। शनिदेव का शनिवार के दिन सरसों के तेल से अभिषेक किया जाता है। इससे शनिदेव बहुत प्रसन्न होते हैं और सदैव अपने भक्तों पर सुख बरसाते रहते हैं।

कथन अनुसार शनि सूर्य देव की पत्नी छाया के पुत्र थे। छाया भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थीं व सदैव उनकी भक्ति में लीन रहती थी। जब शनि देव उनके गर्भ में थे तो वह शिव की भक्ति में इतनी लीन थी की उन्हें खाने पीने का भी सुध नहीं रहता था जिस कारण शनिदेव का रंग श्याम हो गया। पुत्र का यह रंग देख सूर्य ने उन्हें अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया और देवी छाया को अपमानित करने लगे। तभी से शनि देव अपने पिता सूर्य के प्रति शत्रु का भाव रखने लगे। उन्होंने अपने मन में ठान लिया था की उन्हें अपनी माँ के अपमान का बदला लेना ही है।

उन्होंने  भगवान शिव को अपनी घोर तपस्या से प्रसन्न किया तथा उनसे वरदान माँगा। शनिदेव ने कहा की वह अपने पिता से भी शक्तिशाली होना चाहते है। शिव जी ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया की नवग्रहों में शनि का सर्वश्रेष्ठ स्थान होगा, न केवल मनुष्य परन्तु देवता भी उनसे भयभीत होंगे। तभी से सभी शनिदेव को प्रसन्न करने लगे तथा कोई भी उनसे बैर नहीं करता है।
 

  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X