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Home ›   Blogs Hindi ›   Why should we not look into the eyes of Shani Dev? Know the mythological significance

Shani Dev Eyes: शनि देव की आंखों में देखना क्यों होता है अशुभ? जानें पौराणिक महत्व

Nisha Thapaनिशा थापा Updated 29 Jun 2024 02:24 PM IST
शनि देव की आंखों में क्यों नहीं देखना चाहिए
शनि देव की आंखों में क्यों नहीं देखना चाहिए - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Shani Dev Eyes: शनि देव की आंखों में देखना हमारी हिन्दु संस्कृति में अशुभ माना जाता है, लेकिन ऐसा क्यों हैं? इसके पीछे कुछ पौराणिक महत्व भी है। तो आइए इस लेख में जानते हैं कि शनि देव की आंखों को देखना क्यों अशुभ है। 
 
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Shani Dev Eyes: हिंदू धर्म में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। उनकी दृष्टि को अत्यंत तीव्र और प्रभावशाली माना जाता है। हम सब बचपन से ये बात सुनते आए हैं कि शनि देव की मूर्ती के समीप जाकर उनकी आंखों में नहीं देखना चाहिए और इसका उत्तर हमें सदैव यह मिला है कि उनकी आंखों में देखना अशुभ होता है और ऐसा ही कुछ शास्त्रों में कहा गया है कि शनि देव की आंखों में देखना अशुभ होता है। तो आइए इस लेख में इस तर्क के पीछे के पौराणिक महत्व को समझते हैं। 
 

शनि देव की आंखों में क्यों नहीं देखना चाहिए (Shani Dev ki aankhon me kyu nahi dekhna chahiye)

 

शनि देव सूर्य देव के पुत्र हैं और उनका विवाह चित्ररथ की पुत्री से हुआ। शनि देव की पत्नी परम तेजस्विनी थीं। एक बार उनकी पत्नि को पुत्र प्राप्ति की कामना हुई और वो पुत्र की कामना की पूर्ति के लिए शनि देव के पास गईं, लेकिन इस दौरान शनि देव अपने ध्यान में लीन थे, जिस वजह से उन्हें इस संसार की कोई सूध ही नहीं थी। उनकी पत्नी, शनि देव की प्रतिक्षा करते हुए थक गईं और फिर वह क्रोधित हो गईं। क्रोधवश उन्होंने शनि देव का श्राप दे दिया कि आज के बाद आप जिसे भी देखेंगे वह नष्ट हो जाएगा। फिर जब शनि देव का ध्यान टूटता है, तो वह अपनी पत्नि को मनाते हैं औैर फिर उनकी पत्नी को अपने इस श्राप का पाश्चताप हुआ, लेकिन वह अब अपने श्राप को वापिस नहीं ले सकती थीं। इसके बाद से शनि देव अपनी दृष्टि को नीचे करके ही रहने लगे, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि उनकी दृष्टि से कोई भी व्यक्ति नष्ट हो। इसलिए कहा जाता है कि शनि देव की आंखों में नहीं देखना चाहिए। 

एक और पैराणिक मान्यता के अनुसार, जब शनि देव का जन्म हुआ था, तब उनका रंग बेहद ही गहरा था और उनकी आंखों से तेज प्रकाश निकल रहा था। सूर्य देव को लगा कि मेरे पुत्र का रंग इतन गहरा कैसे हो सकता है, इसलिए उन्होंने शनि देव को अपने पुत्र के रूप में स्वीकार करने से मना कर दिया। इस घटना से शनि देव क्रोधित हो गए और जैसे ही शनि देव की दृष्टि सूर्यदेव में पड़ती है, तो सूर्य देव की चमक फीकी पड़ जाती है और उनका भी रंग शनि देव को समान हो जाता है। फिर सभी देवता शनि देव को समझाते हैं और सूर्य देव को क्षमा मांगने के लिए कहते हैं। हालांकि सूर्य देव का रंग फिर से तेजस्वी हो जाता है, मगर कहा जाता है कि जो भी उनकी आंखों में देखता है, तो वह व्यक्ति उसके नेत्रों के तेज का शिकार हो सकता है।
 

शनि देव को प्रसन्न कैसे करें? (Shani dev ki kripa kaise prapt krein)

  • शनि देव को प्रसन्न करने के लिए आप शनिवार का व्रत रख सकते हैं, शनि मंदिर में जा सकते हैं, और शनि देव की पूजा कर सकते हैं।
  • आप नीले और काले रंग के वस्त्र पहन सकते हैं, क्योंकि शनि देव को यह रंग प्रिय है।
  • आप शनि देव को तेल, तिल, और काले उड़द का दान कर सकते हैं।

तो, शनि देव के नेत्रों में नहीं देखने के पीछे ये पौराणिक मान्यताएं छुपी हुईं हैं। यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें। 
 

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