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जानिए, कब से शुरू होगा विवाह पंचमी सहित अन्य 10 व्रतों का त्यौहार

my jyotish expert Updated 25 Dec 2021 04:06 PM IST
Vivah panchami
Vivah panchami
यह वर्ष का अंतिम माह चल रहा है, इस महीने में विवाह पंचमी, तीन प्रदोष व्रत, मार्गशीर्ष अमावस्या, धनु संक्रांति, संकट चतुर्थी, मोक्षदा एकादशी, क्रिसमस सहित 10 अन्य त्योहार मनाया जाता है. आज हम बात करेंगे दिसंबर महीने में आने वाले  व्रत और त्यौहार के बारे में जैसा कि आप सभी को पता है यह इस वर्ष का आखिरी महीना चल रहा है, और नया वर्ष आने वाला है, जिसको लेकर लोग बहुत उत्सुक है और इसकी तैयारियां प्रारंभ हो गई है, तो आईये जानते है दिसंबर महीने में आने वाले आगामी व्रत और त्योहार के बारे में.....

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सात दिसंबर दिन मंगलवार को विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा का विधि और नियम के साथ होती है, इस दिन दोपहर के समय भगवान गणेश की पूजा अर्चना के साथ व्रत भी रखा जाता है, और शाम के समय इस दिन चांद को नहीं देखा जाता है, क्योंकि ऐसा करने से देखने वाले व्यक्ति पर मिथ्या आरोप लगते हैं, इस दिन भगवान गणेश को पूजा अर्चना के साथ मोदक का भोग लगाएं तो भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं |

8 दिसंबर दिन बुधवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि पंचमी तिथि को नाग दिवाली मनाने का रीति रिवाज है, इस नाग दिवाली को उत्तराखंड के चमोली जिले में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है, इस दिन सर्प की पूजा होती है,और इसी दिन विवाह पंचमी भी मनाया जाता है, ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री राम और माता सीता का मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष के दिन ही विवाह हुआ था,  और यही कारण है कि इस दिन को विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है. अयोध्या और जनकपुर को विशेष रुप से सजाया जाता है, और भगवान श्री राम जी की बारात निकाली जाती है. इसी कारण यह दिन बहुत खास होती है |

14 दिसंबर दिन मंगलवार को प्रलोभन को नष्ट करने के लिए मोक्षदा एकादशी विधि विधान से मनाया जाता है, ऐसा माना जाता है कि इस दिन अगर कोई व्यक्ति विधि विधान से अगर इसका पूजा करता है और व्रत का पालन करता है तो ऐसे व्यक्तियों के पूर्वजों को उनके कर्मों से मुक्ति मिलती है

16 दिसंबर दिन गुरुवार को शुक्ल पक्ष यानी प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है, यह पवित्र हिंदू व्रत है और इस दिन भगवान शिव को पूजा अर्चना की जाती है और यहां चंद्र पखवाड़े की 13वें दिन पड़ती है. ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है तो उसके जीवन में सफलता के साथ मोक्ष प्राप्त होती है |

नौवें महीने की शुरूआत धनु संक्रांति मानी जाती है, जब सूर्य का आगमन धनु राशि में होता है देश के कई अलग-अलग जगहों पर भगवान जगन्नाथ की पूरी रीति रिवाज के साथ अर्चना की जाती है, और तो और भगवान योगेश्वर की पूजा भी की जाती है, और यह बहुत ही शुभ माना जाता है

19 दिसंबर दिन रविवार को मार्गशीर्ष माह मैं पढ़ने वाली शुक्ल पक्ष वाली पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है, इस दिन व्रत रखने से धन और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है |

22 दिसंबर दिन रविवार को संकट चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है, जबकि संकट चतुर्थी हर माह में मनाए जाने वाला एक पवित्र व्रत है, ऐसा माना जाता है किस दिन अगर कोई व्यक्ति भक्ति परम और विधि विधान से विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करता है तो उनके जीवन में खुशिया और धन लाभ मिलता है |

25 दिसंबर दिन रविवार को ईसाइयों का सबसे पसंदीदा त्योहार क्रिसमस होता है, इस त्यौहार को दुनिया भर में मनाया जाता है, यह बहुत ही प्रिय त्यौहार होता है, इस दिन लोग अपने करीबी दोस्तों रिश्तेदारों आदि को मिठाईयां गिफ्ट में देते हैं, और खुशियां मिलजुल कर बैठते हैं |

30 दिसंबर दिन गुरुवार को सफला एकादशी के रूप में मनाया जाता है, यह पौष माह के कृष्ण पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी को कहा जाता है, ऐसा जाना जाता है कि सफला एकादशी का व्रत रखने वाले लोगों को जीवन में अच्छे-अच्छे अवसर प्राप्त होते हैं |

31 दिसंबर दिन शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है, या हिंदू के लिए पवित्र व्रत माना जाता है, इस दिन भगवान शिव की उपासना कि जाती है, और इस व्रत को रखने से बहादुरी, साहस और डर के आगे जीत के रूप में मनाया जाता है, लोगों का मानना है कि इस दिन व्रत रखने से  भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है|

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