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Home ›   Blogs Hindi ›   Vastu Tips: Keep these five things at the right place, there will be happiness and prosperity in the house

Vastu Tips: इन पांच वस्तुओं को रखें सही स्थान पर, घर पर होगा सुख समृद्धि का संचार

Nisha Thapaनिशा थापा Updated 12 Jun 2024 04:42 PM IST
घर के लिए वास्तु टिप्स
घर के लिए वास्तु टिप्स - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार आपके घर का सामान यदि सही दिशा में ना हो तो आपको भारी नुकसान हो सकता है। इसके लिए वास्तु शास्त्र में कुछ नियम बताएं गए हैं। आइए इस लेख में जानते हैं।
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Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर की वस्तुएं सही स्थान पर रखी गईं हो, तो इसका सकारात्मक प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। वहीं इसके विपरीत यदि ये वस्तुएं शुभ स्थानों पर नहीं रखी गईं हैं, तो जातक के जीवन में कई प्रकार की अड़चने आ सकती हैं। इसी क्रम में यदि आप इन वस्तुओं को सही स्थान पर रखा जाए तो आपको कई सुख सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। 
 
  • कुबेर यंत्र को इस दिशा में रखें 


हिंदू धर्म में, कुबेर जी धन और समृद्धि के देवता हैं, उन्हें वैभव तथा स्वर्ण के प्रतीक माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) का कारकत्व कुबेर जी संभालते हैं। इसलिए, इस दिशा में किसी भी तरह की रुकावट या नकारात्मक ऊर्जा जमा करने वाली चीजों जैसे शौचालय, जूता स्टैंड और भारी फर्नीचर को हटा देना चाहिए. अपने घर के उत्तर-पूर्व को हमेशा साफ-सुथरा और खुला रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। आप अपने पूरे घर के उत्तरी भाग की उत्तर दीवार पर दर्पण या कुबेर यंत्र लगाकर नई आर्थिक संभावनाओं को सक्रिय करना शुरू कर सकते हैं। 

 

  • दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में तिजोरियां और मुख्य लॉकर


वास्तु शास्त्र के अनुसार, आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के सबसे कारगर तरीकों में से एक है। आपके सभी आभूषण, धन और महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज ऐसे स्थान पर होने चाहिए, जिनका मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर हो। इस दिशा में रखी गई किसी भी चीज़ में वृद्धि होने की संभावना रहती है। ध्यान दें कि अगर तिजोरियों या लॉकरों का मुंह दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर होता है, तो इसका मतलब हो सकता है कि आपको भारी खर्चे उठाने पड़ सकते हैं। वित्तीय समस्याओं और अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि मुख्य तिजोरी या ला़कर का मुख उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर खुलता हो। आप तिजोरी के अंदर लाल कपड़ा बिछा सकते हैं और साथ में आर्थिक सफलता को आकर्षित करने के लिए पीला स्फटिक भी रख सकते हैं। दक्षिण-पश्चिम दिशा को भगवान ऐश्वर्य (कुबेर जी के पुत्र) का क्षेत्र भी माना जाता है, जो धन और समृद्धि का कारक है।इसलिए, इस क्षेत्र में तिजोरी रखना शुभ माना जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि दक्षिण-पश्चिम दिशा हमेशा साफ-सुथरी और अव्यवस्था रहित होनी चाहिए. यहां टूटी-फूटी चीजें या कचरा जमा ना होने दें। लोहे की तिजोरियां दक्षिण-पश्चिम दिशा के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं।

 

  • घर की वस्तुओं को रखें सुव्यवस्थित


वास्तु शास्त्र में बार-बार दिया जाने वाला एक सुझाव है, कि अपना घर साफ-सुथरा, व्यवस्थित और अनावश्यक सामानों से मुक्त रखें। सजावट का सामान भी सीमित और साफ करने में आसान रखें। आपके घर में बहने वाली ऊर्जा इस बात को प्रभावित करती है कि आप अपने रिश्तों, स्वास्थ्य और वित्त का प्रबंधन कैसे करते हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपके रहने वाले कमरे का मध्य भाग अव्यवस्था मुक्त हो। साथ ही, खिड़कियों और दरवाजों को साफ रखें और हर कमरे में स्टोरेज स्पेस को व्यवस्थित बनाए रखें।
अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को रोकती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डालती है। एक साफ-सुथरा घर सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ावा देता है, जो आपके समग्र जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपके घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण सौंदर्यीकरण क्षेत्रों में से एक है। यह वह स्थान है जो सकारात्मक ऊर्जा, धन और समृद्धि को आकर्षित करता है और उनका स्वागत करता है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आपका मुख्य द्वार आकर्षक रूप से बनाया गया हो और उसकी अच्छी तरह से देखभाल की जाए।
 
  • मुख्य द्वार से जुड़ी वास्तु युक्तियां


टूट-फूट से मुक्त द्वार: यह सुनिश्चित करें कि आपके मुख्य द्वार में दरारें, टूटे हुए हैंडल या जंग लगे हुए ताले न हों। एक टूटा हुआ द्वार नकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। द्वार को मजबूत और अच्छी स्थिति में रखने के लिए नियमित रूप से मरम्मत करवाएं।

सुंदर और स्वागत करने वाला द्वार: मुख्य द्वार को आकर्षक रंगों से रंगवाएं, जिससे यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करे। आप सकारात्मकता के प्रतीक माने जाने वाले शुभ रंगों जैसे लाल, पीला या हल्का हरा चुन सकते हैं।

दोषरहित द्वार: मुख्य द्वार पर दर्पण लगाने से बचें। वास्तु के अनुसार, यह दर्पण सकारात्मक ऊर्जा को वापस बाहर निकाल सकता है। इसके अलावा, इस बात का ध्यान रखें कि मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई कचरा पात्र या जूते का स्टैंड न रखें। 

सकारात्मकता बढ़ाने वाले उपकरण: आप अपने मुख्य द्वार के पास कुछ सकारात्मकता बढ़ाने वाले उपकरण लगा सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप प्रवेश द्वार पर एक स्वस्थ पौधा रख सकते हैं। इसके अलावा, आप हवा की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए विंड चाइम्स लगा सकते हैं और मनी प्लांट लगा सकते हैं।
 
  • उत्तर-पूर्व दिशा में एक्वेरियम 


वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा में बहता पानी सकारात्मक ऊर्जा और धन के प्रवाह को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। इस दिशा में छोटे जल स्रोत, जैसे कि एक्वेरियम या छोटे फव्वारे (जिनमें पानी लगातार बहता रहे) रखना शुभ माना जाता है। उत्तर-पूर्व दिशा का कारक देवता शुक्र ग्रह है, जो धन, वैभव और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। इस दिशा में बहता पानी इस ऊर्जा को और मजबूत बनाता है, जिससे धन लाभ और आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होती है।

तो, इस प्रकार से आप इन वस्तुओं को सही दिशाओं पर रखकर अपने घर से वास्तु दोष दूर कर सकते हैं। यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें। 
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