myjyotish

8595527216

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Trimbakeshwar Jyotirling History & Significance

महादेव का त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग क्यों माना जाता हैं ख़ास, जानें इसका पौराणिक महत्व

Myjyotish Expert Updated 02 Mar 2021 04:25 PM IST
Trimbakeshwar
Trimbakeshwar - फोटो : Myjyotish
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग जोकि नासिक से 30 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र के पश्चिम में स्थित है यह ज्योतिर्लिंग त्रयंबक गांव में स्थित है त्र्यंबकेश्वर मंदिर की भव्य इमारत सिंधु-आर्य शैली का उत्कृष्ट नमूना है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग की  विशेषता इसलिए है क्युकी  भगवान शिव के साथ ब्रह्मा और विष्णु विराजमान है ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि त्र्यंबकेश्वर मंदिर के अंदर एक छोटे से गड्ढे में तीन छोटे छोटे लिंग है जिन्हें ब्रह्मा विष्णु और शिव देवों के प्रतीक माना गया है बाकी सभी ज्योतिर्लिंगों से इसलिए इस ज्योतिर्लिंग को सबसे विशेष दर्जा दिया गया है बचे हुए ज्योतिर्लिंगों में केवल एक यही ज्योतिर्लिंग है जिसे भगवान शिव के अलावा ब्रह्मा विष्णु  तीनों का वास है त्र्यंबकेश्वर मंदिर और गाँव ब्रह्मगिरि नामक पहाड़ी की तलहटी में स्थित है। इस गिरि को शिव का साक्षात रूप माना जाता है। इसी पर्वत पर पवित्र गोदावरी नदी का उद्गमस्थल है।

क्या आपको चाहिए अनुभवी एक्सपर्ट की सलाह ?

SUBMIT

 
इस मंदिर का निर्माण काले पत्थरों से हुआ है इस मंदिर का स्थापत्य शैली भी अत्यंत अद्भुत है यह मंदिर गोदावरी नदी के किनारे स्थित है इस मंदिर को शिव का साक्षात रूप इसलिए माना जाता है क्योंकि यह ब्रम्हगिरी नामक पहाड़ी पर स्थित है और इसी पहाड़ी से पवित्र नदी गोदावरी का उद्गम हुआ है
 
पौराणिक कथा:
 
प्राचीन समय में ब्रह्मगिरी पर्वत पर देवी अहिल्या के पति ऋषि गौतम रहते थे और तपस्या करते थे। क्षेत्र में कई ऐसे ऋषि थे जो गौतम ऋषि से ईर्ष्या करते थे और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते थे। एक बार सभी ऋषियों ने गौतम ऋषि पर गौहत्या का आरोप लगा दिया। सभी ने कहा कि इस हत्या के पाप के प्रायश्चित में देवी गंगा को यहां लेकर आना होगा। तब गौतम ऋषि ने शिवलिंग की स्थापना करके पूजा शुरू कर दी। ऋषि की भक्ति से प्रसन्न होकर शिवजी और माता पार्वती वहां प्रकट हुए। भगवान ने वरदान मांगने को कहा। तब ऋषि गौतम से शिवजी से देवी गंगा को उस स्थान पर भेजने का वरदान मांगा। देवी गंगा ने कहा कि यदि शिवजी भी इस स्थान पर रहेंगे, तभी वह भी यहां रहेगी। गंगा के ऐसा कहने पर शिवजी वहां त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप वास करने को तैयार हो गए और गंगा नदी गौतमी के रूप में वहां बहने लगी। गौतमी नदी का एक नाम गोदवरी भी है।

इस महाशिवरात्रि अपार धन ,वैभव एवं संपदा प्राप्ति हेतु ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रूद्राभिषेक : 11 मार्च 2021
 
विशेष नियम त्र्यंबकेश्वर मंदिर के:
 
जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि इस ज्योतिर्लिंग में तीन देवता यानी कि ब्रह्मा विष्णु और महेश का वाश है
त्र्यंबकेश्वर शिवलिंग की एक विशेषता यह भी है कि यह आकार में काफी छोटा है जिसकी वजह से भक्तजनों को प्रवेश नहीं दिया जाता दर्शन के लिए केवल उन्हें शिवलिंग के ऊपर एक शीशा लगा हुआ है जिससे भगवान के दर्शन करने होते हैं मंदिर के समीप एक कुंड बना हुआ है और लोगों का मानना यह भी है कि कुंड  में स्नान करने के बाद अगर कोई शिवलिंग के दर्शन करें तो  उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है
यहाँ का एक प्रमुख नियम यह भी है की गर्भ  ग्रह में प्रवेश के लिए पुरुषों को ऊपर किसी भी प्रकार का वस्त्र पहनने की मनाई है इसके अलावा उन्हें किसी भी प्रकार के चमड़े की वस्तु को अंदर ले जाना भी वर्जित है
 
समय सारणी:
दर्शन का समय 5:30 से 9:00 तक
5:30 बजे मंगल आरती
7:00 से 9:00 तक विशेष पूजा:रुद्राभिषेक, मृत्युंजय मंत्र और लघुरुद्रभिषेक
1:00 PM: मध्याह्न आरती
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X