Vishnu Bhagwan Pooja On Thursday, Aarti, Manttra, Katha, Kahani In Hindi - Vishnu Pujan: गुरूवार के दिन संपन्न करें भगवान विष्णु का पूजन, दूर होंगे समस्त कष्ट - Myjyotish News Live
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Vishnu Pujan: गुरूवार के दिन संपन्न करें भगवान विष्णु का पूजन, दूर होंगे समस्त कष्ट

Myjyotish Expert Updated 02 Sep 2020 12:08 PM IST
Thursday pooja
Thursday pooja - फोटो : Myjyotish
गुरुवार के दिन भगवान बृहस्पति की पूजा की जाती है।  गुरुवार के दिन पूजा करने से भगवान विष्णु खुश होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं।  गुरुवार के दिन पूजा करने के लिए पीले कपड़े पहनने चाहिए।  पूजा में सभी चीजें पीले रंग की ही उपयोग में लानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ आपको कुछ चीजों का परहेज करना पड़ता है। बृहस्पतिवार का दिन जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और देवों के गुरु बृहस्पति देव के लिए निर्धारित है। इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा अर्चना की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु पीताम्बरधारी हैं अर्थात् वह पीले वस्त्र पहनते हैं।

अगर आप विष्णु पूजन करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए गुरुवार यानि बृहस्पतिवार का दिन सर्वश्रेष्ठ रहता है। गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल का दान करें और केसर का तिलक लगाएं। जरूरतमंद लोगों को पुस्तकों का दान करें। ऐसा करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होगी और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगीं।

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अगर आप भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की भी पूजा करते हैं तो आपको गृहस्थ जीवन का सुख मिलता है। मां लक्ष्मी धन और वैभव प्रदान करती हैं और भगवान विष्णु के साथ उनकी पूजा करने से आपके सभी आर्थिक कष्ट दूर हो जाते हैं। जो कोई भी अपनी संपन्नता को बढ़ाना चाहता है वो भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा जरूर करें।

विष्णु पूजन की सामग्री:

देव मूर्ति के स्नान के लिए तांबे का लोटा, तांबे का पात्र, जल का कलश, दूश, देव मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र और आभूषण। अक्षत, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, पुष्प, अष्टगंध, तुलसीदल, तिल और जनेऊ। नारियल, पंचामृत, फल, मिठाई, सूखे मेवे, शक्कर, पान और दक्षिणा।

 विष्णु पूजा की विधि:

किसी भी शुभ कार्य या पूजन
 में सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लिया जाता है। गणेश जी प्रथम पूज्य हैं और इसीलिए सबसे पहले इनका पूजन करना मंगलकारी रहता है। गणेश जी का स्नान करें और वस्त्र अर्पित करें। अब पुष्प और अक्षत अर्पित करें। इसके पश्चात् भगवान विष्णु की पूजा करें। भगवान विष्णु का आवाह्न करें और उन्हें आसन दें। अब विष्णु जी को स्नान करवाएं। पहले पंचामृत और फिर जल से स्नान करवाएं। अब विष्णु जी को वस्त्र पहनाएं। इसके बाद आभूषण और यज्ञोपवीत पहनाएं। फूलों की माला पहनाएं। सुगंधित इत्र अर्पित करें और माथे पर तिलक लगाएं। तिलक के लिए अष्टगंध का प्रयोग कर सकते हैं। अब धूप और दीप अर्पित करें। भगवान विष्णु को तुलसीदल विशेष प्रिय है इसलिए विष्णु पूजन में इसका प्रयोग जरूर करें। भगवान विष्णु के पूजन में चावलों का प्रयोग नहीं किया जाता है इसलिए आप इनके स्थान पर तिल का प्रयोग कर सकते हैं। घी का दीपक जलाएं और आरती करें। आरती के बाद नेवैद्य अर्पित करें और इस मंत्र का जाप करें :

ऊं नमो नारायणाय नम: ।।

भगवान विष्णु की पूजा में इन बातों का ध्यान रखें:
  • भगवान विष्णु के पूजन में तुलसी का प्रयोग जरूर करना चाहिए लेकिन अगर आप विष्णु जी के साथ उनकी पत्नी मां लक्ष्मी की भी पूजा कर रहे हैं तो उसमें तुलसी का प्रयोग ना करें। मां लक्ष्मी के पूजन में भी तुलसी का प्रयोग करना वर्जित माना गया है।
  • जब भी भगवान विष्णु का पूजन करें तो धुले हुए और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गंदे कपड़े पहनकर कभी भी पूजा में ना बैठें।
  • पूजन में भगवान की प्रतिमा के आगे कभी भी बासी फूल ना रखें। रोज़ नई ताजी फूल माला अर्पित करें।
  • पूजन के समय जूठे मुंह ना बैठें। पूजन में बैठने से पहले मुंह साफ कर लें या कुल्ला करके बैठें। पूजा के समय कुछ ना खाएं।
  • भगवान विष्णु और उनके अवतार कृष्ण जी के पूजन में घी का दीपक जलाया जाता है।
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 भगवान विष्णु की पूजा करने का लाभ:
  • भगवान विष्णु का पूजन करने से जीवन के सभी सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।
  • जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया कि विष्णु जी संसार के पालनहार हैं और उनकी पूजा करने से आपको संसार के हर दुख से मुक्ति मिल सकती है।
  • पैसों की तंगी हो या संतान की प्राप्ति, सुख, समृद्धि, वैभव, धन और यश की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है।
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