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Home ›   Blogs Hindi ›   Supt Grah: Know what is a Supt Grah and when does it awaken

Supt Grah: जानिए सुप्त ग्रह क्या है और यह कब होते हैं जागृत

Nisha Thapaनिशा थापा Updated 16 Jun 2024 04:24 PM IST
सुप्त ग्रह कब जागते हैं? जानें इसके उपाय
सुप्त ग्रह कब जागते हैं? जानें इसके उपाय - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Supt Grah: जब किसी जातक की कुंडली के किसी ग्रह में दूसरे ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती है उसे सुप्त ग्रह कहा जाता है। लेकिन इन ग्रहों को जगाने के विषय में लाल किताब में बताया गया है। आइए इस लेख में जानते हैं।
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Supt Grah: कुंडली में जब ग्रह दूसरे ग्रह की दृष्टि में नहीं होता है, तो उसे सुप्त ग्रह या फिर सोया हुआ ग्रह कहा जाता है। सुप्त ग्रह का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यह ग्रह उस भाव में बैठकर कार्य नहीं करेगा, बल्कि इसका अर्थ यह है कि उस ग्रह का प्रभाव केवल उसी भाव तक ही सीमित रहेगा। लाल किताब कहती है कि जब कोई सुप्त ग्रह किसी भाव के शुभ या अशुभ स्थिति में बैठा हो तो, इसका असर उस भाव के लिए जारी रहता है। इसके साथ ही यदि ग्रह अपने पक्के घर में बैठा है, तो वह पूर्ण रूप से कार्य करेगा और जागा हुआ माना जाएगा। उदाहरण के लिए जैसे कि सूर्य का पक्का घर पहला होता है, मंगल का तीसरा, बृहस्पति का दूसरा, पांचवा और नवां, चंद्रमा का चौथा, बुध का छठां, बुध और शुक्र का सातवां, मंगल शनि का आठवां, शनि का दसवां और 11वां भाग होता है। इस भाव में यदि ये ग्रह विराजमान होते हैं तो वह कभी सुप्त नहीं होते हैं। तो आइए जानते हैं इन ग्रहों को जागृत करने के क्या उपाय हैं और यह कब जागते हैं। 
 

सोए हुए ग्रहों को जागृत करने के उपाय


यदि जातक की कुंडली का पहला भाव खाली है, तो उसे मंगल का उपाय करना चाहिए। दूसरा घर सुप्त है, तो उसे चंद्रमा का उपाय करना चाहिए। तीसरा घर यदि सोया है तो उसे बुध का उपाय करना चाहिए। चौथे घर को जगाने के लिए चंद्रमा का उपाय उपयुक्त माना जाता है। पांचवें घर के लिए  सूर्य का उपाय। छठे घर को जगाने के लिए राहु का उपाय।  सातवें घर को जगाने के लिए शुक्र का और आठवें घर को जगाने के लिए चंद्रमा का उपाय। नौवें घर के लिए बृहस्पति और दसवें  घर के लिए शनि का उपाय करना चाहिए।  इसके साथ ही 11वें  घर के लिए बृहस्पति और 12वें घर के लिए केतु के उपाय उपयुक्त माने गए हैं।
 

कब जागते हैं सुप्त ग्रह

 

  • इसके साथ ही ग्रह समय के साथ स्वयं ही जागृत हो जाते हैं, लाल किताब कहती है कि यदि किसी की कुंडली में बृहस्पति ग्रह सुप्त है, तो वह व्यक्ति जब अपना कारोबार या नौकरी शुरू करेगा तो सोया हुआ बृहस्पति जागृत हो जाएगा यह समय 16 से 21 वर्ष के बीच का होगा।
  • यदि किसी जातक की कुंडली में सूर्य ग्रहण सुप्त है, तो वह सरकारी नौकरी या सरकारी कार्य करने पर ही जागेगा और यह समय अवधि 22 वर्ष के बाद की होगी।
  • यदि जातक का चंद्र ग्रह सुप्त है तो वह एक बार फिर से पढ़ाई शुरू करने के बाद जागेगा और यह अवधि होती है 24 वर्ष के बाद की होगी। शुक्र ग्रह यदि सुप्त है, तो वह विवाह के बाद ही जागता है, लेकिन विवाह 25 वर्ष की आयु के बाद ही होना चाहिए। 
  • जब व्यक्ति का मंगल सुप्त है, तो वह भी विवाह के बाद ही जागता है और यह उम्र 28 वर्ष के बाद की होगी। 
  • जब किसी जातक का बुध सूक्त है, तो वह जातक के व्यापार करने के बाद ही जाग सकता है इसके लिए 35 वर्ष के बाद की उम्र बताई गई है।
  • यदि शनि सुप्त है, तो 36 वर्ष की आयु के बाद जब वह जातक मकान बनवाएगा तभी जाग सकता है।
  • राहु सुप्त है,  तो वह 42 वर्ष की बाद ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध स्थापित करने के बाद ही जागता है।
  • लाल किताब कहती है कि जब केतु सुप्त है, तो वह 48 वर्ष के बाद यानि कि संतान के पैदा होने के बाद ही जागता है। 
तो, इस प्रकार से आप जान सकते हैं कि सुप्त ग्रह को कैसे जागृत किया जाता है। यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें।
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