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Home ›   Blogs Hindi ›   Stairs are the place of Rahu, know how the stairs should be according to Vastu

Vastu for Stairs: सीढ़ियां हैं राहु का स्थान! चोरी, हानि, कर्ज से रहेंगे परेशान, जानें इसके लिए वास्तु का नियम

Shaily Prakashशैली प्रकाश Updated 18 Jun 2024 04:51 PM IST
सीढ़ियों के लिए वास्तु
सीढ़ियों के लिए वास्तु - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Vastu For Stairs: यदि आप वास्तु के अनुसार सीढ़ियां नहीं बनवाते हैं तो आपको भारी नुकसान हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि इस विषय के लिए वास्तु क्या कहता है।
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Vastu for Stairs: सीढ़ियां यदि वास्तु के अनुसार नहीं बनी हैं तो राहु का बुरा प्रभाव प्रारंभ हो जाएगा। इससे चोर-उचक्कों का भय, व्यापार में हानि और कर्जदार होने की नौबत आ सकती है। संतान की प्रकृति पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। इससे घर का मुखिया हर समय परेशान ही रहता है। लाल किताब और वास्तु के अनुसार जानिए कि सीढ़ियां कैसी, किस दिशा में होना चाहिए और किस तरह की सीढ़ियां होना चाहिए?
 

सीढ़ियों की दिशा कौन-सी है?


सीढ़ियों की दिशा दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य कोण है। बेसमेंट के लिए सीढ़ियां पूर्व, उत्तर या ईशान कोण में होनी चाहिए। भूतल की छत पर या पहली मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां ईशान कोण में नहीं बनाएं। इससे आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य की हानि, नौकरी एवं व्यवसाय में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस दिशा में सीढ़ी का होना अवनति का प्रतीक माना गया है। दक्षिण-पूर्व मतलब आग्नेय में सीढ़ियों के होने से बच्चों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहता है। घर के मुख्य द्वार के एकदम सामने सीढ़ियां नहीं होना चाहिए। मुख्य दरवाजे खुलते ही सीढ़ियां नहीं होना चाहिए।
 

किस तरह की सीढ़ियां बनाएं?


सीढ़ियां कई प्रकार की होती है। जैसे- लकड़ी, पत्थर, सीमेंट या लोहे की। सीढ़ियां खासकर पत्थर या लकड़ी की होना चाहिए। सीढ़ियों का प्रत्येक पायदान बराबर होना चाहिए। सीढ़ियों के किनारे टूटे-फूटे नहीं होने चाहिए। लोहे या धातु के फ्रेम कभी सीढ़ियों में नहीं लगाने चाहिए। सीढ़ियों के दोनों ओर या तो डिजाइनदार रेलिंग हों या फिर मजबूत पतली दीवार होना चाहिए। सीढ़ियों पर या उनकी दीवारों पर देवी-देवताओं के रेखाचित्र नहीं उकेरना चाहिए।
 

सीढ़ियों का घुमाव किस ओर रखें?


यदि घुमावदार सीढ़ियां हों, तो फिर इसका घुमाव बाएं से दाएं हाथ की ओर होना चाहिए। खासकर दक्षिणावर्ती घुमाव उचित माना गया है। 
 

सीढ़ियों की संख्या कितनी होना चाहिए?


सीढ़ियां सदैव विषम संख्या में होना चाहिए। जैसे- 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 23, 29 आदि संख्या में हो। आमतौर पर घर में 17 सीढ़ियां शुभ मानी जाती हैं।
 

सीढ़ी की चौड़ाई-ऊंचाई कितनी होना चाहिए?


सीढ़ी की चौड़ाई 10 इंच और ऊंचाई 8 इंच से अधिक नहीं रखना चाहिए। बड़ी इमारतों, सार्वजनिक स्थानों और व्यापारिक परिसरों में यह नियम लागू नहीं होता है। वहां पर इमारत की चौड़ाई-ऊंचाई के अनुपात में सीढ़ियां बनाई जाती है।
 

सीढ़ियों के नीचे हो स्टोर रूम?


सीढ़ियों के नीचे यदि जगह खाली है तो स्टोर या स्विच रूम बनाया जा सकता है लेकिन उसके नीचे दुकान, टॉयलेट, बाथरूम, पलंग या बैठने का आसन आदि नहीं बनाना चाहिए। इसी के साथ ही इसे अटाला या कचरे का स्थान भी न बनाएं।
 

ब्रह्म स्थान में नहीं बनाएं सीढ़ियां?


सीढ़ियां कभी भी घर, मकान या दुकान के बीचों-बीच या ब्रह्म स्थान में नहीं बनाना चाहिए। भीतर की बजाय घर के बाहर बनी सीढ़ियां अधिक सुविधाजनक मानी गई हैं।
 

साफ, स्वच्छ और सुंदर हों सीढ़ियां


सीढ़ियों को हमेशा साफ, स्वच्छ और सुंदर बनाए रखें अन्यथा वहां पर राहु सक्रिय होकर जीवन में उथल-पुथल मचा देता है। जीवन में घटना-दुर्घटना बढ़ जाती है, शत्रु सक्रिय हो जाते हैं और व्यक्ति कर्ज में डूब जाता है।

यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें।
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