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Home ›   Blogs Hindi ›   janmashtami 2021 will be 5248th birth anniversary of lord krishna

इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण होने वाले हैं 5248 वर्ष के, जानिए कब है इस वर्ष जन्माष्टमी और इस से जुड़ी जरूरी बातें

my jyotish expert Updated 13 Aug 2021 04:11 PM IST
sawan krishna puja
sawan krishna puja - फोटो : google
janmashtami 2021 जन्माष्टमी अनेक हिंदू पर्वों में से एक पर्व होता है जिसे बहुत ही खास माना जाता है। जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन को हर साल जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस बार भी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी मनाई मनाई जाएगी। यह अष्टमी तिथि इस वर्ष 29 अगस्त 2021 की रात 11:25 से शुरू होकर अगले दिन 30 अगस्त की देर रात के 1:00 बज कर 59 मिनट पर खत्म हो जाएगी। इसका मतलब है कि इस बार जन्माष्टमी 30 अगस्त को रात में ही मनाई जाएगी। हर साल जन्माष्टमी के त्यौहार पर दुनिया भर के कृष्ण मंदिरों में कृष्ण भगवान का जन्मदिन मनाते हुए उन्हें नहलाया जाता है उनका अभिषेक किया जाता है उनके लिए छप्पन भोग तैयार किए जाते हैं। इन 56 लोगों में भगवान की सभी मनपसंद मिठाइयां व खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। भगवान कृष्ण को सबसे ज्यादा पसंद मक्खन और मिश्री होता है और इसीलिए दुनिया भर के मंदिरों में उनके भक्तों द्वारा माखन और मिश्री का भोग लगाया जाता है। भगवान कृष्ण का जन्मदिन हर वर्ष बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है और बड़े-बड़े मंदिरों में भगवान कृष्ण का होने वाले अभिषेक का लाइव प्रसारण भी टीवी पर किया जाता है। इस वर्ष भगवान कृष्ण का 5248वां जन्मदिन होगा। तो आइए जानतें हैं इस खास दिन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें : 

इस जन्माष्टमी से जुड़ी खास बातें ज़रूर जानिए 

1. कई प्रकार के वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म 3112 ईसा पूर्व को हुआ था लेकिन हिंदू परंपरा के अनुसार इस वर्ष भगवान कृष्ण का ये 5248वां जन्मदिन होगा। हालांकि शोध बार बार अपडेट होते हैं इसलिए इन्हें इतना पुख्ता नहीं माना जाता है।

2. हिंदू पुराणों की मानें तो भगवान कृष्ण विष्णु के 8वें अवतार हैं और इन्होंने भी आधी रात के समय सबसे शुभ मुहूर्त में जन्म लिया था। उस समय उस मुहूर्त पर जितने भी ग्रहों का पहरा था वे सब ही बहुत शुभ थे। भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि के योग से मिले दिन पर ही हुआ था। ज्योतिष बताते हैं कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म रात 12 बजे हुआ था जिसे शून्य काल का वक्त भी कहते हैं।

3. ऐसा भी माना जाता है कि जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था तब 8 अंको का शुभ योग बना था जिसे दुनिया की सभी परिस्थितियों में से सबसे अलग माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि हर व्यक्ति का जन्म एक अलग परिस्थिति में ही होता है लेकिन जो लोग दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण कार्य के लिए आते हैं और महान कहे जाते हैं, उनकी जन्म परिस्थिति ही कठिन और बाकियों से बहुत ज्यादा अंतर वाली होती है। ये तो सभी जानते हैं कि कृष्ण के जन्म के दौरान उनके माता पिता कंस की कैद में थे। बाहर बहुत तेज बारिश हो रही थी जिस कारण यमुना नदी में घोर तूफान था। कृष्ण के माता पिता को कृष्ण की मौत का डर था क्योंकि उनके पिछले 7 बच्चों को भी कंस ने मार दिया था। उस दिन खूब अंधेरा था। 

4. जैसा कि बताया गया कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था और जन्माष्टमी के व्रत के लिए उदया तिथि मनाना जरूरी होता है इसलिए इस वर्ष जो भी लोग जन्माष्टमी का व्रत रखेंगे उन्हें ये ध्यान रखना है कि वे 30 अगस्त को ही व्रत रखें। अगले दिन 31 अगस्त को आप अपना व्रत सुबह 9 बजकर 44 मिनट के बाद खोल सकते हैं। इसी समय रोहिणी नक्षत्र भी पूरा होगा।  

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