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किन 3 राशियों पर चल रही है शनि साढ़े साती, जानिए शनि दोष को कम करने के ये उपाय

My jyotish expert Updated 16 Sep 2021 11:33 AM IST
शनि साढ़ेसाती दोष
शनि साढ़ेसाती दोष - फोटो : google
शनि किसी जातक की जन्म राशि से द्वादश या प्रथम या द्वितीय स्थान में होते हैं तो यह स्थिति शनि की साढ़ेसाती कहलाती है। शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह है। गति धीमी होने की वजह से इनका प्रभाव काफी दिनों तक रहता है। 2020 से ही शनिदेव स्वयं  की राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। जब शनि किसी एक पर भ्रमण करते हैं, तब कुछ राशियों पर साढ़ेसाती तो कुछ ढैय्या चलने लगती है।
शनि इस समय मकर राशि में वक्री चाल से चल रहे हैं, जिसमें मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती, और मिथुन व तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। अगर किसी राशि पर शनि का अशुभ प्रभाव पड़ता है, तो जातक के जीवन में तरह-तरह की समस्याएं आने लगती हैं। कोई काम होने से पहले खराब हो जाता है। तबीयत में खराबी आ सकती है। व्यापार में समस्याएं हो सकती हैं। नौकरी की समस्या आने लगती है। कुछ राशियों पर शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष के कुछ उपाय बताए हैं उन उपायों को करने से समस्याओं में कमी आने लगती है।

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कब तक शनि की साढ़ेसाती का असर रहेगा धनु राशि पर?
धनु राशि में साढ़ेसाती 2 नवंबर 2014 से प्रारंभ हुई है जो कि 17 जनवरी 2023 तक चलेगी। धनु राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है 2023 में यह पूरी तरह से धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी।

कब खत्म होगा मकर राशि से साढ़ेसाती?
धनु राशि के स्वामी गुरु अभी मकर राशि यानी गुरु अपनी नीच राशि में गोचर कर रहे हैं। जो कि 6 अप्रैल 2021 तक मकर राशि में गोचर करेंगे। शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण मकर राशि पर चल रहा है। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव 2025 में मकर राशि से खत्म होगा। जब शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे मकर राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति  मिलेगी।

कब खत्म होगा कुंभ राशि से साढ़ेसाती?
कुंभ राशि को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा, शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति के लिए। 2020 से कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो गई थी। कुंभ राशि पर अब शनि का पहला चरण चल रहा है। 29 अप्रैल 2022 को कुंभ राशि में शनि प्रवेश करेंगे। जिसका प्रभाव 23 फरवरी 2028 तक रहेगा।

शनि की साढ़ेसाती से बचने के उपाय।

•पीपल के पेड़ में जल और दिया जलाएं हर शनिवार को।
•शनि देव के चरणों में सरसों का तेल, काली उड़द, काला तिल और दीए जलाएं।
•शनि दोष को कम करने के लिए किसी ज्योतिष की सलाह से नीलम रत्न धारण करें।
•हर शनिवार के दिन हनुमान चालीसा तथा सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमान जी की आराधना करने से शनि दोष से छुटकारा मिलता है।
•जरूरतमंदों की सहायता करें इससे शनिदेव प्रसन्न रहते हैं।
•शिव चालीसा कथा शिव जी की आराधना करने से ही शनि दोष खत्म होता है।
•हर शनिवार गेहूं के आटे का दिया बनाकर शनिदेव को दीपक जलाएं।
•शनिवार के दिन काले वस्त्र और लोहे आदि का दान करें।
•शनिवार को चने और गुड़ का शनिदेव को भोग लगाएं।
•शनिदोष को कम करने के लिए कौवे और पंछियों को अन्न खिलाना शुभ होता है।

इन उपायों को करने से शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

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