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Home ›   Blogs Hindi ›   shani pradosh vrat 2021 : significance date shubh muhurat

जानें कब और क्यों किया जाता है शनि प्रदोष व्रत ?

Myjyotish Expert Updated 03 May 2021 11:15 PM IST
Shani Dev
Shani Dev - फोटो : Google

हर माह कुछ तिथियाँ पड़ती है ।  जिनमें कुछ तिथि पर विवाहित स्त्री के द्वारा व्रत भी रखा जाता है ।  जिसे व्रती हर माह पूरे विधि विधान से करती है।
प्रदोष भी कुछ इस तरह का है जिसे करने से उनके सभी दोष खत्म हो जाते हैं इसलिए प्रदोष व्रत के अपने मायने हैं बता दें की शनि को पड़ने वाली प्रदोष का अपना महत्व है जिसे करने से व्रती पर भगवान शिव की कृपा तो होती है  ।  साथ ही भगवान शिव की कृपा से अगर उस  व्रती पर शनि देव के साढ़े साती का प्रभाव है तो शिव की कृपा से उसका प्रभाव  कम हो जाता है।

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आज हम जानेगें क्या है शनि प्रदोष 

हिंदूओं की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक मास की त्रयोदशी यानी तेरस को प्रदोष का व्रत रखा जाता है और इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ती है तो यह व्रत शनि प्रदोष कहलाता है  ।

 आज त्रयोदशी तिथि के साथ ही शनिवार का दिन भी है तो इसलिए आज हम शनि प्रदोष का व्रत कर सकते हैं। माना जाता है कि शनि प्रदोष का व्रत करने से भगवान शिव के साथ ही शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं और हमारे सभी कष्ट दूर करते हैं। 

शनि त्रियोदशी पर कोकिलावन शनि धाम में चढ़ाएं 11 किलों तेल और पाएं अष्टम शनि ,शनि की ढैय्या एवं साढ़े - साती के प्रकोप से छुटकारा : 08 मई 2021 | Sade Sati Nivaran Puja

प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में यानी सूर्यास्त के बाद की जाती है, इसी वजह से प्रदोष व्रत शनिवार 24 अप्रैल को ही माना जा रहा है, क्योंकि आज ही शाम से त्रयोदशी तिथि लग रही है। मान्यता है कि शनि प्रदोष का व्रत रखने के बाद शनि से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए। ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या में आपको राहत मिलती है। वहीं कुछ लोग प्रदोष का व्रत संतान की प्राप्ति के लिए भी रखते हैं।

त्रयोदशी तिथि और पूजा मुहूर्त-
वैशाख त्रयोदशी तिथि आरंभ- 08 मई 2021 शाम 05 बजकर 20 मिनट से

वैशाख त्रयोदशी तिथि समाप्त- 09 मई 2021 शाम 07 बजकर 30 मिनट पर
पूजा समय- 08 मई शाम 07 बजकर रात 09 बजकर 07 मिनट तक

पूजा की कुल अवधि 02 घंटे 07 मिनट रहेगी।

प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है इसलिए प्रदोष व्रत 08 मई को किया जाएगा।

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