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Gaumutra: जानें क्यों गौमूत्र को माना जाता है पवित्र, क्या वाकई इसके सेवन से दूर होती हैं बीमारियां?

Nisha Thapaनिशा थापा Updated 01 Jun 2024 05:23 PM IST
गौमूत्र का महत्व
गौमूत्र का महत्व - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Gaumutra: गौमूत्र में कई लाभकारी तत्व सम्मिलित होते हैं, जिसके कारण इसके अत्यधिक पवित्र माना गया है। यह इतना पवित्र होता है कि लोग इसका सेवन भी करते हैं। तो आइए जानते हैं गौमूत्र को इतना परित्र क्यों माना जाता है।
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Gaumutra: हिन्दू धर्म में गाय को बहुत ही पवित्र माना गया है और गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गौ माता में 33 कोटी देवी-देवताओं का वास माना जाता है। गौ माता के दूध से लेकर गौमूत्र और गोबर तक को बहुत ही पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसमें वह तत्व पाएं जाते हैं, जो हमारे लिए और प्रकृति के लिए लाभदायक होते हैं। इसके लिए पौराणिक महत्व तो है ही, साथ ही गाय माता को पवित्र मानने का वैज्ञानिक पहलू भी है। इसी कड़ी में जानते हैं कि आखिर गौमूत्र को पवित्र क्यों माना जाता है और इसमें कौन से  तत्व पाए जाते हैं। 

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार सभी गायों के गौमूत्र को पवित्र नहीं माना गया है। इसमें केवल कामधेनु गाय ही शामिल है। गाय को किसान का परम साथी भी माना जाता है। पहले के समय में जिसके पास जितनी अधिक गायें होती थीं, उस व्यक्ति को उतना ही समृद्ध माना जाता था। गाय ना सिर्फ दूध देती थीं, बल्कि गाय के गोबर को जैविक खाद के तौर पर खेती के लिए उपयोग में लाया जाता था। हालांकि अब वर्तमान स्थिति में किसानों के घरों में गायों की संख्या कम होती जा रही है और खेती में भी कैमिकल वाली खाद का उपयोग किया जाने लगा है। इसके साथ ही वर्तमान में कामधेनु गाय की जगह अन्य हाइब्रिड गायों ने ले ली हैं। देखा जाए तो अन्य नस्लों की गायें भले ही दूध देती हों, लेकिन उनके पदार्थों में लाभकारी तत्व नहीं पाए जाते हैं।  
 

सूर्यकेतु नाड़ी से गौमूत्र बनता है पवित्र 


गाय ही एकमात्र वह पशु है, जो ऑक्सीजन ग्रहण करती है और ऑक्सीजन ही छोड़ती है और इसका वैज्ञानिक प्रमाण भी है। गाय जिस भी स्थान पर रहती है वहां पर सदैव सकारात्मक ऊर्जा का समावेश रहता है। इसके साथ ही गाय की पीठ पर एक सूर्यकेतु नाड़ी होती है। कहा जाता है कि सूर्यकेतु नाड़ी से सूर्य की सकारात्मक किरणें गाय के पूरे शरीर में जाती हैं और वह गाय के दूध और गौमूत्र को पवित्र बनाती हैं। असल में यह किरणें स्वर्ण किरणें होती हैं और दूध एवं गौमूत्र के सेवन में यह हमारे शरीर में जाती है।
 

गौमूत्र एक औषधि 


गौमूत्र में बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं, जिसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम क्लोराइड, अमोनिया, फॉस्फेट आदि तत्व शामिल है। जिन कारणों से गौमूत्र का महत्व और बढ़ जाता है। कई स्थानों में अभी भी गौमूत्र को जड़ी-बूटी के तौर पर उपयोग में लाया जाता है। कुछ शोधों में यह भी साबित हुआ है कि गौमूत्र के सेवन में व्यक्ति की रोध प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बीमारियां दूर होती हैं।

इसके अलावा यदि आपके पास ज्योतिष से संबंधिक कोई सवाल है, तो आप ज्योतिषाचार्यों से संपर्क कर सकते हैं। 
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