myjyotish

9818015458

   whatsapp

8595527216

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   rahu ketu Birth story in hindi Mythological significance

Rahu Ketu Story: कब और कैसे उत्पन्न हुए थे राहु - केतु जानें पौराणिक कथा

Myjyotish Expert Updated 21 Sep 2020 11:19 AM IST
Rahu Ketu Transit 2020
Rahu Ketu Transit 2020 - फोटो : Myjyotish
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में नौ ग्रह होते हैं । जिसमें राहु - केतु की गिनती छाया ग्रह के रूप में होती हैं । यह दोनों ग्रह पापी ग्रह भी कहे जाते हैं।राहु -केतु के बारे में कहा जाता है की यह एक ही शरीर के दो भाग है जिसमें राहु सिर है और केतु धड़।  पर्सनलाइज्ड रिपोर्ट से जानें राहु केतु राशि परिवर्तन किस प्रकार करेगा आपको प्रभावित

अगर व्यक्ति को धड़ के ऊपर के किसी हिस्से में स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी है तो राहु की कुदृष्टि हो सकती है वही अगर धड़ के नीचे कोई स्वास्थ्य परेशानी है तो यह केतु की कुदृष्टि हो सकती हैं। लोग राहु केतु से अक्सर डरते है और यह लाज़मी भी है क्योंकि दोनों पापी ग्रह है । इनके जन्म की भी एक पौराणिक कहानी आइए जानते है इनका जन्म कैसा हुआ और कहा हुआ ।

स्कन्द पुराण के अवन्ति खंड के अनुसार उज्जैन में राहु और केतु का जन्म हुआ था । यह ग्रह सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण का दंश देते हैं, इन्हें छाया ग्रह भी कहा जाता हैं । पौराणिक कथा के अनुसार महाकाल वन में जब भगवान विष्णु मोहिनी रूप धारण कर समुन्द्र मंथन में से निकले अमृत का वितरण कर रहे थे । इस दौरान एक स्वर्भानु नाम का राक्षस देवता का रूप धारण कर वहाँ आकर बैठ गया और अमृत पान कर लिया। राक्षस के इस छल से क्रोधित भगवान विष्णु ने उस राक्षस का सिर धड़ से अलग कर दिया, क्योंकि उस राक्षस ने अमृत पान कर लिया था इसलिए उनके शरीर के दोनों भाग जीवित रहे। जो आज राहु और केतु के नाम से जाने जाते हैं।

कामाख्या नवग्रह मंदिर में कराएं सामूहिक पूजन, राहु केतु गोचर के अशुभ प्रभाव होंगे दूर : 23-सितम्बर-2020

राहु-केतु परिवर्तन 2020
राहु-केतु सितंबर के महीने में राशि में परिवर्तन करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में पाप ग्रह के रूप में माने जाते राहु और केतु हमेशा साथ साथ ही राशि परिवर्तन करते हैं। 23 सितंबर को केतु मंगल की राशि और राहु शुक्र की राशि वृष और वृश्चिक में आएंगे।  राहु-केतु अगर बिगड़ जाएं तो जीवन को नरक बना देते हैं और अगर देने पर आएं तो गरीब को भी राजा बना देते हैं। इसलिए इन दोनों का राशि परिवर्तन कई लोगों के लिए राहत लेकर आता हैं, तो कुछ राशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

यह भी पढ़े :-   

Rahu Ketu Transit 2020: राहु - केतु राशि परिवर्तन, जानें इसके शुभ - अशुभ प्रभाव

राहु एवं केतु किस प्रकार आपकी कुंडली को प्रभावित कर सकतें है ? 

यदि आप है कोर्ट केस और मुकदमों से परेशान, तो जरूर करें यह उपाय !

  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X