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मोहिनी एकादशी पर कैसे करें पूजा, जानें विधि एवं महत्व

Myjyotish expert Updated 13 May 2021 11:37 AM IST
Astrology
Astrology - फोटो : Google

 
मोहिनी एकादशी हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को मनायी जाती हैl हिंदू पंचाग के अनुसार इस बार 23 म ई को मोहिनी एकादशी हैl इस तिथि को एकादशी मोहिनी के नाम से भी जाना जाता हैl

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 वेदव्यास की महाभारत में भी मोहिनी एकादशी का वर्णन मिलता है  l पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धर्म राज युधिष्ठिर ने भी इस व्रत को  किया है l
 
बता दें कि एक बार धर्म राज युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से कहा कि आप मुझे कोई ऐसा व्रत बताएं, जो सभी तरह की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला साथ ही कष्ट को हरने वाला हो, तब  श्रीकृष्ण कहते हैंl धर्म राज युधिष्ठिर अपने बहुत अच्छा प्रश्न किया हैl मैं आपको आज एक ऐसे ही व्रत के बारे में बताऊंगा l और फिर भगवान श्री कृष्ण ने मोहिनी एकादशी व्रत को बताया थाl
 
 
मोहिनी एकादशी शुभ मुहूर्त
 
एकादशी तिथि प्रारम्भ: 22 मई 2021 को 09 : 15 ए एम बजे से.
 
एकादशी तिथि समाप्त: 23 मई 2021 को 06 : 42 ए एम बजे तक.

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आज हम जानेगें कैसे करे मोहिनी एकादशी की पूजा
 
 1.एकादशी व्रत के एक दिन पूर्व यानी दशमी को तामसिक भोजन न करें। 
 
2.एकादशी के दिन सुबह के समय गीता पाठ करना दोगुना फल देता है। 
 
3.एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहिए। इसे इस दिन मांस का सेवन करने बराबर माना गया है। 
 
4.महिलाओं को इस दिन झाड़ू नहीं लगानी चाहिए। इससे जीव हत्या हो सकती है। 
 
5.एकादशी का उपवास द्वादशी पर तोड़ें। और पहले जो भी खाएं, उसमें तुलसी दल जरूर डालें। 
एकादशी वाले दिन बाल या नाखून नही काटने या कटवाने चाहिए। 
 
6.व्रत वाले दिन सुबह और शाम को विष्णु जी के मंत्र और आरती का जाप करें। 

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