myjyotish

9873405862

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Mahakumbh 2021 : haridwar significance facts covid and kumbh

श्रद्धा और आस्था का महापर्व है कुम्भ, जानें इससे जुड़ी कुछ विशेष बातें

Myjyotish Expert Updated 14 Apr 2021 11:02 PM IST
Kumbh
Kumbh - फोटो : Myjyotish

कुंभ मेला हिंदुओ के महत्त्वपूर्ण पर्व के रूप में विख्यात है। ऐसी मान्यता है कि इंदु के बेटे जयंत के द्वारा समुद्र मंथन से प्राप्त अमृत कलश लेकर भागते समय नासिक, उज्जैन, प्रयागराज तथा हरिद्वार में कुछ बूंदों के गिरने से यह स्थान पवित्र हो गये। कुंभ के पर्व का आयोजन हर 12 वर्षों के अंतराल पर किसी एक पवित्र नदी के तट पर होता है। हरिद्वार में गंगा,उज्जैन में शिप्रा, नासिक में गोदावरी और प्रयागराज में त्रिवेणी (गंगा,यमुना,सरस्वती) के संगम पर कुंभ मेला का आयोजन होता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के वृंदावन और दक्षिण के कुंभकोणम में कुछ परंपरा का भी संदर्भ मिलता है।                                                                                    

क्या आपको चाहिए अनुभवी एक्सपर्ट की सलाह ?

SUBMIT

भारतीय पंचांग के अनुसार प्रयाग में कुंभ माघ महीने की अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा के मकर राशि में होने पर आयोजित होता है। हरिद्वार में कुंभ जब सूर्य मेष राशि में और बृहस्पति कुंभ राशि में प्रवेश करते हैं तब यहां कुंभ का आयोजन होता है। नासिक में कुंभ जब बृहस्पति और सूर्य सिंह राशि में प्रवेश करते हैं तो नासिक में कुंभ मेले का आयोजन होता है। उज्जैन में कुंभ जब सूर्य मेष राशि में और  बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करे तब उज्जैन में कुंभ मेला लगता है इसे सिंहस्थ भी कहा जाता है।                                    
                                                    
ऐतिहासिक तथ्यों पर गौर करें तो सम्राट हर्षवर्धन के राज्य काल में 629 ईसा पूर्व में भारत आए चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी पुस्तक 'भारत की यात्रा' में कुंभ मेले का जिक्र किया है।

प्रयाग कुंभ में ऐसा पहली बार हुआ जब किन्नर अखाड़े की भी पेशवाई निकली। कुंभ मेला अखाड़ों के पहुंचने पर आध्यात्मिक रंग में सराबोर हो जाता है। हाथी घोड़ा बैंड बाजों तथा रथ पालकी के साथ साधु संतों की शाही पेशवाई निकलती है। सुबह होने से पहले साधु-संत अपने तंबुओं से निकलकर घाट की तरफ जाते हैं। शाही स्नान की परंपरा को देखने और समझने के लिए देश-विदेश से पर्यटक भी पहुंचते हैं। शाही स्नान कुंभ मेले का बहुत अहम हिस्सा है और इस दौरान एक खास समय में पवित्र नदी के जल में डुबकी लगाई जाती है
 

कुंभ 2021 में करें पूर्वजों को प्रसन्न, सम्पूर्ण सफलता हेतु कराएं पितृ पूजन (Pitru Puja Online)

कुंभ मेला दुनिया में अपनी आधुनिकता और विलक्षणता के लिए प्रसिद्ध है। यह दिव्य है ,भव्य है जिसका आधार आध्यात्म में है। कल्पवास में रहने वाले श्रद्धालु भक्त आस्था विश्वास की नगरी, तंबुओं के शहर में आकर देवताओं को प्रणाम करते हैं तथा तृप्त होकर यज्ञ दान देते हैं। कुंभ पुण्य के संगम के साथ-साथ एक आस्था का विश्वास है कि इससे हम परमात्मा के करीब जाएंगे और आध्यात्मिक रूप से जागृत होंगे और हमें ज्ञान की प्राप्ति होगी। इसी भरोसे के साथ लोग आते हैं।                                          

                                       
ऐतिहासिक विरासत कुंभ मेले में श्रद्धालुओं के सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं। सैकड़ों जवान अपने मोटर बोट के साथ निगाहें रखते हैं। पैरामिलिट्री,पुलिस की व्यवस्था जिससे पूरा मेला क्षेत्र चारों तरफ से सुरक्षित महसूस कर सके। आतंकी वारदात से बचने के लिए एआईएस के कमांडो निगरानी करते हैं। यात्रियों की रहने की व्यवस्था,स्वास्थ्य शिविर भी पर्यटकों के सुगमता के लिए लगाए जाते हैं। कुंभ में बिछड़ने की कहानियां सिर्फ किताबों में न रह जाए। इसके लिए कंप्यूटरीकृत खोया पाया केंद्र हाईटेक तकनीकी का इस्तेमाल किया जाता है।

 यूनेस्को ने कुंभ को विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर बताया है । इस भीड़ में जाति,लिंग भेद, धर्म की कोई भेदभाव नहीं होता । कुंभ का आयोजन लगभग 50 दिन तक चलता है और इसी दौरान करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार कुंभ मेला 11 मार्च 2021 को उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला चल रहा है और  चिंता की बात यह है कि कोरोना पूरे भारत देश में बहुत तेजी से फैल रहा है और कुंभ मेले में कई साधु-संत कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

ये भी पढ़े :

नवरात्रि 2021 : नवदुर्गा से जुड़े ये ख़ास तथ्य नहीं जानते होंगे आप

कालिका माता से जुड़े ये ख़ास रहस्य, नहीं जानते होंगे आप

जानें कुम्भ काल में महाभद्रा क्यों बन जाती है गंगा ?


                                                
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X