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इस संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे शुभ योग, जानें कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी?

myjyotish expert Updated 28 May 2021 12:06 PM IST
इस संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे शुभ योग, जानें कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी?
इस संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे शुभ योग, जानें कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी? - फोटो : google

हिंदू पंचांग के अनुसार, जेठ की शुरूआत में कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी 29 मई यानी शनिवार के दिन मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। संकष्टी गणेश भगवान को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इस दिन भक्त व्रत भी रखते हैं जिससे भक्तों पर गणेश भगवान की कृपा बनी रहती है और उनकी मनोकामना भी पूरी होती है। 

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बता दें कि संकष्टी चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने का भी विशेष महत्व होता है। ऐसे में चंद्रोदय शनिवार यानी कल 29 मई की चतुर्थी में ही विद्यमान रहेंगे, जिस कारण एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत कल यानी 29 मई दिन शनिवार को रखा जाएगा।

एकदन्त संकष्टी का समय-

एकदन्त संकष्टी चतुर्थी शनिवार यानी 29 मई 2021
संकष्टी के दिन चंद्रोदय – रात  10 बजकर 34 मिनट तक
चतुर्थी तिथि की शुरुआत – कल यानी 29 मई 2021 को सुबह  06 बजकर 33 मिनट से लेकर अगले दिन तक 30 मई 2021 सुबह 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। 
एकदन्त संकष्टी चतुर्थी के मौके पर शुभ और शुक्ल दो शुभ योग बन रहे हैं। यह शुभ योग 29 मई सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग की शुरुआत हो जाएगी।
बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इस दिन के शुभ और शुक्ल योग में किए गए सभी कार्यों में सफलता हासिल होती है।

अधिक जानने के लिए हमारे ज्योतिषियों से संपर्क करें।

पूजन विधि-

इस शुभ दिन सुबह सबसे पहले उठकर स्नान करें और साफ व अच्छे कपड़े धारण करें। इसके बाद भगवान गणेश जी को लाल या पीले रंग के वस्त्र पर विराजमान करें। इसी के साथ अपनी पूजा की शुरुआत करें और व्रत का संकल्प भी लें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश भगवान जी को शुभ मुहूर्त में जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप आदि अर्पित करें।
पूजा करते समय गणेश जी के मंत्र ऊं गं गणपतये नम: का जप करें। मंदिर में घी का दीया जलाएं और इसी के साथ भगवान की आरती करना शुरू करें। 
शाम के समय में चंद्रमा को अर्घ्य देना अति शुभ माना गया है। अर्घ्य में शहद, चंदन, रोली मिश्रित दूध आदि सामग्री शामिल होनी चाहिए।

विकट संकष्टी चतुर्थी महत्व

कहते है इस दिन संकष्टी चतुर्थी व्रत रखने से मनुष्य के समस्त पाप और कष्टों का निवारण होता है। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को बुद्धी व समृद्धि के लिए विशेष माना जाता है। इसलिए इनकी कृपा से जीवन में धन, सुख और समृद्धि आती है।

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