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Home ›   Blogs Hindi ›   Kalawa Niyam: Know the rules before tying and removing Kalawa

Kalawa Niyam: कलावा बांधने और उतारने से पूर्व जान लें इसके नियम

Nisha Thapaनिशा थापा Updated 02 Jul 2024 10:34 AM IST
कलावा के नियम
कलावा के नियम - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Kalawa Niyam: हमारी सनातन संस्कृति में कलावा बांधने और उतारने को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से जाकत को लाभ प्राप्त होता है। तो आइए इस लेख के जरिए जानते हैं कि कलावा बांधने के क्या नियम है और इसे उतारते समय किन बातों का ध्यान देना चाहिए।
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Kalawa Niyam: सनातन धर्म संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य के दौरान हाथ में कलावा बांधा जाता है, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार कलावे को बेहद शुभ माना गया है। इसके साथ ही आपने देखा होगा कि जब मंदिर में जाते हैं या फिर पूजा में हम बैठते हैं, तो पंडित जी हमारे हाथ में कलावा बांधते हैं। लेकिन कवाला को इतना शुभ क्यों माना जाता है और इसे पहनने और उतारने के लिए क्या नियम हैं आइए इस लेख के जरिए जानते हैं।
 

कलावे का महत्व (Kalawe ka mahatva)


हमारी सनातन संस्कृति में कलावे को रक्षा सूत्र माना गया है इसलिए इसे हाथ में बांधा जाता है, जिससे ये धागा हमारी रक्षा करता है। तभी आपने देखा होगा कि किसी भी धार्मिक कार्य या पूजा या फिर के दौरान भगवान की कृपा प्राप्त करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हाथ में कलावा बांधा जाता है। कलावा लाल और पीले रंग का होता है, जो हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, यह भी कहा जाता है कि लाल और पीला रंग हमारे शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शुभ होता है। 
 

कलावा बांधने के नियम (Kalawa ke niyam)

 

कलावा बढ़ने को लेकर हमारे शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं। शास्त्रों में उल्लेखित है कि कलावे को पुरुषों और कुंवारी लड़कियों के दाहिने हाथ में बांधना चाहिए और विवाहित महिलाओं की बाएं हाथ में कलावा बांधना शुभ होता है। शास्त्र यह भी कहते हैं कि जब आपका कलावा बांध रहे हो, या जब आप किसी के कलावा बंधवा रहे हो, तो अपने हाथ में भेंट के तौर पर कुछ दक्षिणा या सिक्का रखकर मुट्ठी बंद करें और उसके बाद हाथ में तीन, पांच या सात बार कलवार लपेटना चाहिए। कहा जाता है कि हाथ में रखी भेंट को उस व्यक्ति दक्षिणा स्वरूप में दे देनी चाहिए जो आपके हाथ में कलावा बांध रहा है।
 

कलावा उतारने के नियम (kalawa utarne ke niyam)

 

कलावा बांधने के कुछ समय बाद कलावा का रंग थोड़ा फीका सा पड़ जाता है या फिर कुछ लोगों की हाथों में कलावे से एलर्जी होने लगती है, तो इस दौरान यदि वह कलावा उतारना चाहते हैं, तो उन्हें मंगलवार या फिर शनिवार के दिन ही अपने हाथों कलावा उतारना चाहिए। हाथ से उतरे हुए कलावे को पीपल के पेड़ के नीचे ही रखना चाहिए या फिर आप किसी बेहते हुए जल प्रवाहित कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि आपने कलावे को कहीं बाहर नहीं फेंकना है।

तो इस प्रकार से आपको कलावे को बांधने और उतारने से पूर्व इन नियमों पालन करना चाहिए। यदि आप इससे संबंधिक अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषाचार्यों संपर्क करें। 

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