myjyotish

6386786122

   whatsapp

6386786122

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

विज्ञापन
विज्ञापन
Home ›   Blogs Hindi ›   Kalashtami of Ashadh month 2024: When will Kalashtami of Ashadh month be celebrated

Kalashtami of Ashadh month 2024 : आषाढ़ माह की कालाष्टमी कब मनाई जाएगी? जानें कालाष्टमी पूजा मुहूर्त जून 2024

Acharyaa RajRani Updated 27 Jun 2024 11:29 AM IST
आषाढ़ माह की कालाष्टमी
आषाढ़ माह की कालाष्टमी - फोटो : myjyotish

खास बातें

Kalashtami Puja Date in Ashadh Month 2024 : आषाढ़ माह की कालाष्टमी 28 जून 2024 को मनाई जाएगी। काल भैरव की पूजा का ये दिन शास्त्रों के अनुसार हर प्रकार की बाधा को करता है शांत।  कालाष्टमी पूजा से मिलता है मुक्ति का मार्ग।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kalashtami Puja Date in Ashadh Month 2024 : आषाढ़ माह की कालाष्टमी 28 जून 2024 को मनाई जाएगी। काल भैरव की पूजा का ये दिन शास्त्रों के अनुसार हर प्रकार की बाधा को करता है शांत।  कालाष्टमी पूजा से मिलता है मुक्ति का मार्ग। 

Kalashtami Puja Benefits : आषाढ़ माह की कालाष्टमी के दिन काल भैरव और भगवान शिव का पूजन करने से दूर होते हैं सभी प्रकार के ग्रह दोष। नव ग्रहों की मिलती है कृपा। आइये जानें आषाढ़ माह की कालाष्टमी पूजा समय, आषाढ़ कालाष्टमी महत्व।


आषाढ़ माह की कालाष्टमी पूजा डेट 2024 
शास्त्रों के अनुसार काल भैरव की पूजा को करने से दूर होती हैं सभी बाधाएं और भय।  हिंदू धर्म में भगवान भैरव की पूजा सभी तरह के भय को दूर भगाने वाली मानी गई है। अब आषाढ़ माह की कालाष्टमी का शुभ समय इस प्रकार रहेगा। आषाढ़ माह की कालाष्टमी का आरंभ 28 जून 2024 को होगा और आषाढ़ माह की कालाष्टमी की समाप्ति 29 जून को होगी। 
  • आषाढ़, कृष्ण अष्टमी का प्रारम्भ  04:27 पी एम, जून 28
  • आषाढ़, कृष्ण अष्टमी का समापन 02:19 पी एम, जून 29


आषाढ़ माह की कालाष्टमी लाभ 

काल भैरव को बहुत जल्द प्रसन्न होने वाले देवता माना जाता है। लेकिन, गलत काम करने वालों के लिए वे दंड देने वाले देवता के रूप में प्रसिद्ध हैं। इस माह के दौरान काल भैरव की पूजा का प्रभाव बहुत विशेष होता है। इस समय के दौरान काल भैरव होते हैं जागृत जिनके पूजन से दूर होती हैं सभी बाधाएं और भय

हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यता के अनुसार भगवान काल भैरव को देवों के देव यानी भगवान शिव का रूद्र अवतार माना जाता है। इस माह के दौरन किए गए रुद्र पूजन द्वारा भी काल भैरव की शुभता प्राप्त होती है। 

कहा जाता है कि काल भैरव रक्षा और दंड दोनों के देवता हैं। आषाढ़ माह की कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। मान्यता है कि अगर आषाढ़ माह की कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा की जाए तो बड़ी से बड़ी समस्याएं और मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।  
 

भैरव की पूजा से भय दूर होता है


भगवान भैरव की पूजा आप कभी भी कर सकते हैं, लेकिन रविवार का दिन विशेष रूप से भगवान भैरव की पूजा के लिए समर्पित है। भगवान भैरव को भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है, इनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव की पूजा करने से भय का नाश होता है। ऐसे में काल भैरव की पूजा करने से किसी भी तरह के काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
 

काल भैरव पूजा नियम 

काल भैरव अष्टमी के दिन भक्त को भगवान काल भैरव के मंदिर में उनकी आरती करनी चाहिए और भगवान को पीले रंग का झंडा भी चढ़ाना चाहिए। काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए काल भैरव अष्टमी के दिन भगवान को पापड़, पूरी पुए और जलेबी का भोग लगाना शुभ होता है इस भोग को गरीब और जरूरतमंद लोगों में बांट देना उत्तम होता है। ऐसा करने से भगवान काल भैरव की विशेष कृपा आप पर बनी रहेगी।
 

भागवान काल भैरव की आरती

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।
प्रभु जय भैरव देवा।।

तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिंधु तारक। भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक।।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।

वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी। महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी।।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।

तुम बिन देवा, सेवा सफल नहीं होवे। चौमुख दीपक दर्शन से सब दुःख खोवे ॥
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।

तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी। कृपा कीजिये भैरवजी, करिए नहीं देरी।।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।

पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू दमकावत। बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।

कालभैरवजी की आरती जो कोई जन गावे। कहे धरनी धर मानुष मनवांछित फल पावे।।
जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा। जय काली और गौर देवी कृत सेवा।।


यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें।
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support
विज्ञापन
विज्ञापन


फ्री टूल्स

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
X