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कालाष्टमी 2020 :इन उपायों से करें भैरव नाथ को प्रसन्न

Myjyotish Expert Updated 12 Jun 2020 09:32 PM IST
Kalashtami 2020: please Bhairav Nath with these measures
कालाष्टमी 2020:कालाष्टमी के शुभ दिन को कालभैरव की उपासना करके पूर्ण करने का विधान है। यह पर्व प्रतिमाह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस रूप से जून के महीने में यह पर्व 13 तारिक को मनाया जाएगा। कालाष्टमी के दिन व्रत धारण करने का भी बहुत महत्व माना जाता है। कालभैरव का यह स्वरुप वास्तविक रूप से शिव का ही अंश है। इस दिन भक्तों द्वारा कालभैरव के भजन एवं पाठ के आयोजन भी किए जातें है। इनकी उपासना से धन की समस्या दूर होती है। गंभीर रोग एवं शारीरक पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार भैरव के दो रूप का वर्णन बटुक भैरव और कालभैरव ,जहा बटुक भैरव सौम्य रूप में विख्यात है वही कालभैरव विनाशकाय अर्थात रौद्र रुप है। इनकी पूजा विशेष तौर पर रात्रि के समय में की जाती है। कालाष्टमी के दिन इन उपायों को करने से भैरवनाथ अवश्य ही प्रसन्न होतें है :-
- कालाष्टमी के दिन सरसों का तेल लगाकर कुत्तें को रोटी एवं गुड़ जरूर खिलाएं , कुत्ता कालभैरव की सवारी के रूप में भी जाना जाता है।  रोटी का दान करने से भैरव बहुत प्रसन्न होतें है।

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- कालाष्टमी के शुभ अवसर पर मदिरा का दान भी बहुत लाभकारी माना जाता है।
- कालाष्टमी के दिन व्रत या उपवास अवश्य रखना चाहिए , तथा केवल फल आहार का ही सेवन करना चाहिए।
- मान्यताओं के अनुसार कालभैरव को मीठा बहुत पसंद है। इसलिए यदि कालाष्टमी के दिन जलेबी का भोग कालभैरव को चढ़ाया जाएं तो वह बहुत फलदायी प्रमाणित होता है।
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- कालभैरव की उपासना में देवी दुर्गा की स्तुति का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए कालभैरव की कृपा प्राप्ति के लिए कालाष्टमी के दिन दुर्गा चालीसा का पाठ करना बहुत अच्छा होता है।
- कालाष्टमी के दिन कालभैरव की उपासना के साथ ही साथ माता पार्वती एवं शिव की कथा का पाठ करने से भक्तों का उद्धार होता है।

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