myjyotish

9873405862

   whatsapp

8595527218

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   importance amavasya pooja

मौनी अमावस्या का महत्व और व्रत कथा !

Myjyotish Expert Updated 12 Jan 2021 07:18 PM IST
Astrology
Astrology - फोटो : Myjyotish
11 फरवरी 2021 को मौनी अमावस्या है। मौनी अमावस्या के दिन सूर्य तथा चन्द्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं। इस दिन मनु ऋषि का जन्म भी हुआ था। इसलिए इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। मकर राशि, सूर्य तथा चन्द्रमा का योग इसी दिन होता है। इस अमावस्या का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन पवित्र नदियों व तीर्थ स्थलों में स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है।

क्या आपको चाहिए अनुभवी एक्सपर्ट की सलाह ?

SUBMIT


मौनी अमावस्या का फलः
शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि मौनी अमावस्या के दिन व्रत करने से बेटी और जमाई की उम्र बढ़ती है। पुत्री को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। सौ अश्वमेध यज्ञ और एक हजार राजसूर्य यज्ञ का फल मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी में स्नान से मिलता है।

मौनी अमावस्या के दिन व्यक्ति स्नान तथा जप आदि के बाद हवन, दान आदि कर सकता है। इससे पापों का खातमा होता है। इस दिन गंगा स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। माघ मास की अमावस्या तिथि और पूर्णिमा तिथि दोनों का ही महत्व इस मास में होता है।

कुम्भ 2021 में शिव शंकर को करें प्रसन्न कराएं रुद्राभिषेक, समस्त कष्ट होंगे दूर

मौनी अमावस्या व्रत कथाः
कांचीपुरी नगर में एक ब्राह्मण देवस्वामी था। उसकी पत्नी धनवती और पुत्री गुणवती थी। उनके अतिरिक्त उसके सात पुत्र थे। देवस्वामी ने सभी पुत्रों का विवाह करने के बाद पुत्री के विवाह के लिए योग्य वर की तलाश के लिए अपने बड़े बेटे को नगर से बाहर भेज दिया। फिर उसने गुणवती की कुंडली एक ज्योतिषी से दिखाई। ज्योतिषी ने बताया कि विवाह के समय सप्तपदी होते ही यह कन्या विधवा हो जाएगी। यह सुनकर देवस्वामी दुखी हो गया, उसने उपाय पूछा। ज्योतिषी ने बताया कि इस योग का निवारण सिंहलद्वीप निवासी सोमा नामक धोबिन को घर बुलाकर उसकी पूजा करने से ही संभव होगा। यह सुनकर देवस्वामी ने अपने सबसे छोटे पुत्र के साथ पुत्री गुणवती को सोमा धोबन को घर लाने के लिए सिंहलद्वीप भेजा। वे दोनों समुद्र तट पर पहुंचे और समुद्र को पार करने का उपाय सोचने लगे, लेकिन कोई उपाय नहीं सूझा तो दोनों भाई-बहन भूखे-प्यासे एक वट वृक्ष की छाया में उदास हो कर बैठ गए।

ऐसे करें नमनः
मौनी अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें। अपने ईष्ट देव की पूजा करनी चाहिए।  फिर भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि वे उस दिन मौन व्रत रखने में आप पर कृपा रखें। व्रत, तीर्थ आदि शुभ कार्य देवों की कृपा के बिना सफल नहीं होते। वे ऐसे कार्यों में विघ्न-बाधाओं से रक्षा करते हैं। पूजन में अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप करें।

यह भी पढ़े :-           

 पूजन में क्यों बनाया जाता है स्वास्तिष्क ? जानें चमत्कारी कारण

यदि कुंडली में हो चंद्रमा कमजोर, तो कैसे होते है परिणाम ?

संतान प्राप्ति हेतु जरूर करें यह प्रभावी उपाय
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support


फ्री टूल्स

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms and Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X