Ganga Dussehra 2020: Know When Is The Festival Of Ganga Dussehra? - गंगा दशहरा 2020 : जानिए कब है गंगा दशहरा का पर्व ? - Myjyotish News Live
myjyotish

9818015458

   whatsapp

8595527216

Whatsup
  • Login

  • Cart

  • wallet

    Wallet

Home ›   Blogs Hindi ›   Ganga Dussehra 2020: Know when is the festival of Ganga Dussehra?

गंगा दशहरा 2020 : जानिए कब है गंगा दशहरा का पर्व ?

MyJyotish Expert Updated 30 May 2020 02:05 PM IST
Ganga Dussehra 2020: Know when is the festival of Ganga Dussehra?
1 जून 2020 , सोमवार के दिन पूर्ण भारत में इस वर्ष गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाएगा। यह पर्व पाप का नाश एवं सुख - समृद्धि दायक का प्रतिक है। गंगा दशहरा के शुभ दिन पर देवी गंगा के पूजन से व्यक्ति के जीवन में कष्टों का वास समाप्त हो जाता है। माँ गंगा पवित्रता का प्रतिक है उनकी उपासना से व्यक्ति के भीतर नकारात्मक ऊर्जाओं की अशुद्धि समाप्त होती है एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचरण होता है। गंगा दशहरा के दिन 10 महादान करने से 10 विभिन्न तरह के पापों से मुक्ति प्राप्त होती है। यह पाप किसी भी प्रकार के हो सकतें है , अर्थात वह सामान्य जीवन में मानसिक , शारीरिक एवं वाणी के माध्यम से किए जाने से विस्तृत किए गए है। माँ गंगा के अवतरण के रूप में मनाया जाता है गंगा दशहरा का यह महापर्व। गंगा दशहरा पर कराएं गंगा आरती एवं दीप दान , पूरे होंगे रुके हुए काम - 1 जून 2020


गंगा दशहरा का पर्व जेष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। बहुत सी धार्मिक कथाओं के अनुसार माँ गंगा कैलाश निवासी महादेव की अर्धांगिनी माता पार्वती की बहन के रूप में दर्शाई गई है। जिसके कारण उनकी उपासना से माता पार्वती के आशीर्वाद की भी प्राप्ति होती है। माँ गंगा राजा भागीरथी के कठोर तप से प्रसन्न होकर धरती पर अवतरित हुई थी जिसके पश्चात उन्हें शिव शंकर ने अपनी जटाओं में स्थान दिया था। इसलिए महादेव की कृपा भी माँ गंगा के भक्तों को बहुत ही सरलता से प्राप्त हो जाती है। गंगा नदी गंगोत्री से निकलकर पूर्ण देश में अलग - अलग स्थानों में भ्रमण करती है।

गंगा दशहरा पर कराएं गंगा आरती एवं दीप दान
, पूरे होंगे रुके हुए काम - 1 जून 2020

गंगा दश्हरा का विशेष महत्व पूजन एवं दान - दक्षिणा से जुड़ा होता है। इसी दिन मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है। देवी गंगा सांसारिक रुपी विष के नाशक के रूप में समस्त संसार को दुष्प्रभावों से बचाती है। संसार की सभी वस्तु , प्राणी एवं मनुष्य माँ गंगा के आँचल में शुद्ध हो जातें है। प्रतिदिन घर के भीतर गंगाजल का छिड़काव करने से व्यथा एवं रोगों का वास नहीं रहता। वह समस्त संसार को आनंद प्रदान करती है जिसके कारण उन्हें आनंदरूपिणी के नाम से भी जाना जाता है। पूजन के समय हाथ में गंगाजल को लेकर संकल्प करने से व्यक्ति के सभी दुःख - दर्द दूर हो जातें है। तथा उसके सुख से परिपूर्ण जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गंगा दशहरा पर 10 दान से पाएं समस्त पापों से छुटकारा 
  • 100% Authentic
  • Payment Protection
  • Privacy Protection
  • Help & Support

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
X