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Home ›   Blogs Hindi ›   Do not do these good deeds even by mistake, otherwise you may be ruined

Lal Kitab: भूलकर भी ना करें ये अच्छे कार्य, वरना हो सकते हैं आप बर्बाद

Shaily Prakashशैली प्रकाश Updated 24 May 2024 10:11 AM IST
लाल किताब के उपाय
लाल किताब के उपाय - फोटो : My Jyotish

खास बातें

Lal Kitab Ke Upay : कहा जाता है कि कभी-कभी कुछ अच्छा करने से भी जीवन में मुश्किलें पैदा होने लगती हैं। लाल किताब भी कुछ ऐसा ही कहती है। तो आइए जानते हैं लाल किताब के अनुसार आपको कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।
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Lal Kitab Ke Upay : लाल किताब के अनुसार आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार आपको कुछ काम नहीं करना चाहिए। जैसे यदि सूर्य सप्तम में है तो सुबह और शाम को दान नहीं देना चाहिए। इसकी प्रकार से हर ग्रह की स्थिति के अनुसार कुछ ऐसे वर्जित कार्य हैं जिन्हें आप अनजाने में करके अपना जीवन खराब कर सकते हो। आप अपनी कुंडली खोलकर देखें कि कहीं आप भी तो वह कार्य नहीं कर रहे हैं जिन्हें करने की मनाही है।
 

सूर्य ग्रह 


1. कुंडली के सप्तम या अष्टम भाव में सूर्य हो तो तांबे के बर्तन का और सुबह-शाम को किसी भी प्रकार का दान नहीं दें।
2. सूर्य बलवान होने पर सूर्य की वस्तुएं सोना, गेहूं, गुड़ व तांबे का दान नहीं करना चाहिए।
3. सूर्य-चंद्रमा ग्यारहवें भाव में हो तो शराब व मांस का सेवन करने से धन संपत्ति के साथ पद का भी नाश हो जाएगा।
4. सूर्य पांचवें भाव में है तो संतान को त्रास न दें अन्यथा आपको पछताना पड़ेगा।
ये उपाय करें : सूर्य दोष हो तो पिता, ताऊ और पूर्वज को सम्मान दें। एकादशी श्राद्ध करें। रविवार को गुड़ की खीर बनाकर खाएं।
 

चंद्र ग्रह 


1. कुंडली के छठे भाव में चंद्र है तो भूलकर भी दूध या पानी का दान न करें। किसी को पानी नहीं पिलाएं।
2. कुंडली में चंद्र बलवान होने पर चांदी, मोती, चावल आदि का दान न करें।
3. बारहवें भाव में चन्द्रमा हो तो साधुओं का संग करना अशुभ होता है और भिखारियों को नित्य भोजन न कराएं।
4. चंद्र चतुर्थ भाव में है तो कभी भी दूध, जल अथवा दवा का मूल्य नहीं लें।
5. चंद्र-केतु एक साथ हो तो किसी के पेशाब के ऊपर पेशाब न करें। यानी सार्वजनिक मूत्रालय में करें तो पहले पानी ढोल दें।
ये उपाय करें : चंद्र दोष हो तो माता और मौसी को सुखी रखें। मातृ श्राद्ध करें।


मंगल ग्रह 


1. कुंडली में चौथे भाव में मंगल बैठा हो तो वस्त्र का दान नहीं करें और क्रोध करने से बचें।
2. मंगल बलवान होने पर मिठाई, गुड़, शहद आदि मंगल की वस्तुओं का दान न दें।
3. उच्च का मंगल है तो मांस खाते रहने से बर्बादी होगी।
ये उपाय करें : मंगल दोष हो तो भाई, मित्र और रिश्तेदारों से संबंध अच्छे रखें। हनुमान चालीसा पढ़ें।
 

बुध ग्रह 


1. कुंडली में बुध छठे या अष्टम में है तो बेटी और बहनों से खराब संबंध नहीं रखना चाहिए।
2. कुंडली में सूर्य-बुध की युति ग्यारहवें भाव में बन रही हो तो अपने घर में कोई किराएदार न रखें। वर्ना नुकसान उठाना पड़ेगा।
3. कुंडली में बुध चौथे भाव में हो तो घर में तोता नहीं पालें अन्यथा सुख और शांति नहीं रहेगी।
4. कुंडली में बुध-शुक्र की युति हो तो गादी पर न सोएं।
5. कुंडली में बुध बलवान होने पर- कलम का दान न करें। अन्यथा व्यापार या नौकरी में नुकसान होगा।
ये उपाय करें : बुध दोष हो तो बहन, बुआ, बेटी, साली और ननिहाल पक्ष से संबंध अच्छे रखें। वाणी अच्छी रखें। झूठ न बोलें। नवरात्रि में उपवास रखें।
 

बृहस्पति ग्रह


1. कुंडली में गुरु सप्तम भाव में हो तो कपड़ों का दान न करें।
2. कुंडली में गुरु दशम या चौथे भाव में है तो घर या बाहर मंदिर न बनवाएं।
3. गुरु नवम भाव में है तो मंदिर आदि में दान नहीं करना चाहिए।
4. गुरु पांचवें भाव में है तो धन का दान नहीं करना चाहिए।
6. गुरु बलवान होने पर- पुस्तकों का उपहार नहीं देना चाहिए। 
ये उपाय करें : बृहस्पति दोष हो तो पिता, दादा, गुरु, देवता का सम्मान करें। झूठ बोलने और धोखा देने बचें। गुरुवार का व्रत रखें।
 

शुक्र ग्रह


1. कुंडल में बुध-शुक्र की युति हो तो गादी पर न सोएं।
2. शुक्र बलवान होने पर सिले हुए सुंदर वस्त्र, सेंट और आभूषण उपहार में न दें। 
3. शुक्र भाग्य भाव में हो तो पढ़ाई के लिए छात्रवृति, पुस्तकें व दवा के लिए दान नहीं करें।
ये उपाय करें : शुक्र दोष हो तो नाखून और शरीर के छिद्रों को साफ रखें। पत्नी या किसी अन्य स्त्री का सम्मान करें। शुक्रवार को लक्ष्मी मां की पूजा करें।
 

शनि ग्रह


1. कुंडली में शनि अष्टम भाव में हो तो किसी के लिए मुफ्त आवास का निर्माण न करें।
2. शनि लग्न में व गुरु पंचम में हो तो कभी भी तांबे का दान नहीं करें। 
3. शनि बलवान होने पर शनि की वस्तु शराब दूसरों को न पिलाएं।
4. शनि, आठवें भाव में हो तो भोजन, वस्त्र या जूते आदि का दान न करें।
5. कुंडली में दूसरा घर खाली हो तथा आठवें में अकेला शनि हो तो मंदिर न जाएं। घर पर ही पूजा करें।
6. यदि 6, 8, 12 भाव में शत्रु ग्रह हो तथा भाव 2 खाली हो तो भी मंदिर न जाएं।
ये उपाय करें : शनि दोष हो तो विधवा महिला, काका, मामा, सेवक, सफाईकर्मी और नौकर का सम्मान करें और उन्हें खुश रखें। छाया दान करें।
 

राहु ग्रह 


1. राहु दूसरे भाव में हो तो तेल व चिकनाई वाली चीजों का दान न करें।
2. एक बार भवन निर्माण शुरू हो जाए तो उसे बीच में ना रोकें, अन्यथा अधूरे मकान में राहु का वास हो जाएगा। 
ये उपाय करें : राहु दोष हो तो ससुराल पक्ष से संबंध अच्छे रखें। भोजन कक्ष में ही भोजन करें। शौचालय, सीढ़ियां और स्नानघर को गंदा न रखें।
 

केतु ग्रह 


1. केतु सातवें में हो तो लोहे का दान नहीं करना चाहिए।
2. तीसरे भाव में केतु हो तो दक्षिण मुखी घर में न रहें।
3. चंद्र-केतु एक साथ हो तो किसी के पेशाब के ऊपर पेशाब न करें।
ये उपाय करें : केतु दोष हो तो कुत्ते को रोटी खिलाएं। संतान और नाना पक्ष से संबंध अच्छे रखें। झूठ न बोलें और वाद निभाएं।

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