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यदि चाहते हैं संतान तो घर में लगाएं वास्तु के ये चित्र, जानिए 11 टिप्स

Myjyotish Expert Updated 16 Jan 2021 10:49 AM IST
Astrology
Astrology - फोटो : Myjyotish
माता-पिता के लिए संतान सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख होता है। अगर शादी के कुछ वर्ष हो गए हैं और चाह कर भी संतान सुख प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो इसके लिए शारीरिक चिकित्सा के साथ-साथ अगर वास्तु के ये 11 टिप्स भी आजमा लेंगे तो हो सकता है कि सन्तान प्राप्ति के योग बन जाए।
  • ऐसे दंपति जो संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, वे अपने शयन कक्ष में श्रीकृष्ण के बालरूप की तस्वीर लगाएं।
  • यदि आप श्रीकृष्ण के बालरूप वाली तस्वीर नहीं लगाना चाहते हैं तो किसी हंसते-मुस्कुराते सुंदर बालक की तस्वीर भी लगा सकते हैं।
  • यदि श्रीकृष्ण के बालरूप की तस्वीर लगाएंगे तो इसके दो फायदे होंगे। पहला यह कि संतान सुख मिलेगा तथा दूसरा यह कि संतान श्रीकृष्ण जैसी गुणवान भी होगी।
  • संतान सुख में बाधा होने पर शयनकक्ष में हाथी का चित्र या प्रतिमा रख सकते हैं।
  • माना जाता है कि संतान सुख पाने के लिए अपने बिस्तर में हरे रंग की बांसुरी को छुपाकर रखें।
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  • पत्नी को हमेशा पति के बाएं ओर सोना चाहिए। पति-पत्नी का बिस्तार छत की बीम के नीचे नहीं होना चाहिए।
  • ईशान कोण में कोई भी वास्तु दोष जैसे भारी निर्माण, ईशान कोण का कटा होना या ऊंचा होना, सीढ़ियां, टॉलेट आदि का होना संतान सुख होने में रुकावट डालता है। अतः ईशान कोण में कोई भी वास्तु दोष है तो सर्वप्रथम उस दोष का उपाय करें।
  • घर का मुख्य द्वार, पश्चिम के पुष्पदंत पद (पद संख्या 20) या उत्तर दिशा में मुख्य पद (पद संख्या 27) या उत्तर में ही सोम/कुबेर पद (पद संख्या 29) में खोले जाने पर पुत्र संतान होने की सम्भवना प्रबल रूप से बढ़ जाती है।
  • घर का मुख्य द्वार अगर पूर्व दिशा के पर्जन्य पद (पद संख्या 2) में खुलता हो तो कन्याएं जन्म लेती हैं।
  • बृहस्पति ग्रह संतान का नैसर्गिक कारक है। बृहस्पति को बल दें।
  • पति पत्नी को हो सके तो वायव्या दिश के कमरे में सोना चाहिए। गर्भधारण करके के बाद दम्पत्ति को दक्षिण या नैऋत्य भाग के शयन कक्ष सोना चाहिए।
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