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यदि आपकी कुंडली में रूचक योग है तो हो जाए सक्रिय, मिलेगा पड़ा पद

Myjyotish Expert Updated 30 Dec 2020 06:56 PM IST
Astrology
Astrology - फोटो : Myjyotish
यदि आपकी जन्म कुंडली में मंगल का रुचक योग है तो आप निष्क्रिय ना रहे बल्कि समयानुसार अपना पराक्रम दिखाते रहे। यदि आप समय पर हर कार्य करेंगे और गंभीरता से करेंगे तो आप सर्वोच्च पद पर आसानी से पहुंच सकते हैं कई लोगों की कुंडली में यह योग होता है परंतु किसी अन्य ग्रहों के बुरे प्रभाव के कारण वे इस योग का भरपूर लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में आप अपनी कुंडली को जांचे और यदि आपकी कुंडली में यह योग किसी भी तरह से बन रहा है तो बस आपका थोड़ा सा सक्रिय रहने और निरंतर सक्रिय रहने की जरूरत है। आप अपना लक्ष्य हासिल कर लेंगे। कुंडली में पंच महापुरुष मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि होते हैं। इन 5 ग्रहों में से कोई भी मूल त्रिकोण या केंद्र में बैठे हैं तो श्रेष्ठ है। ज्योतिष में पंचमहापुरुष योग की चर्चा बहुत होती है। पंच मतलब 5, महा मतलब महान और पुरुष मतलब सक्षम व्यक्ति। पंच में से कोई भी एक योग होता है तो व्यक्ति सक्षम हो जाता है और उसे जीवन में संघर्ष नहीं करना होता है।  ये हैं वे पांच महायोग:-  उपरोक्त 5 ग्रहों से संबंधित 5 महायोग के नाम इस तरह हैं- मंगल का रुचक योग, बुध का भद्र योग, गुरु का हंस योग, शुक्र का माल्वय योग और शनि का शश योग होता है। आओ जानते हैं कि मंगल का रुचक योग

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मंगल का रुचक योग:- यह योग मंगल से संबंधित है। यदि आपकी कुंडली में मंगल लग्न से अथवा चंद्रमा से केन्द्र के घरों में स्थित हों अर्थात मंगल यदि कुंडली में लग्न अथवा चन्द्रमा से 1, 4, 7 अथवा 10वें घर में मेष, वृश्चिक अथवा मकर राशि में स्थित है तो आपकी कुंडली में रूचक योग है। मंगल स्वराशि मेष या वृश्चिक का हो या उच्च मकर में होकर केंद्र में हो तो रुचक योग बनता है।

क्या होगा इस योग से:-  रूचक योग का व्यक्ति साहसी और पराक्रमी होता है। उसमें शारीरिक बल भी भरपूर होता है और वह अपनी सेहत को बनाए रखता है। उसकी मानसिक क्षमता भी बहुत शक्तिशाली होती है और वह समयानुसार उचित तथा तीव्र निर्णय लेने की क्षमता रखता है। वह कारोबारी क्षेत्र में सफलता और प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है। जमीन-मकान के व्यवसाय से वह लाभान्वित होता है। किसी उच्च पद पर विराजमान होकर व्यवस्था को संभालता है। शासन और प्रशासन में ऐसे बहुत लोग होते हैं।

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