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Home ›   Blogs Hindi ›   Ashadha Purnima 2024: Aushadh Purnima Know Date, Pooja Muhurta auspicious effects

Ashadha Purnima 2024 : शुभ योगों में मनाई जाएगी आषाढ़ पूर्णिमा जानें तिथि, पूजा मुहूर्त शुभ प्रभाव

Acharya RajRani Updated 11 Jul 2024 09:55 AM IST
आषाढ़ पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा - फोटो : myjyotish

खास बातें

Ashadha Purnima Puja : इस वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई शनिवार को आरंभ होगी और 21 जुलाई को समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 21 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। 
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Ashadha Purnima Puja : इस वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 20 जुलाई शनिवार को आरंभ होगी और 21 जुलाई को समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 21 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। 

Ashadha Purnima Significance आषाढ़ पूर्णिमा के दिन को गुरु पूर्णिमा के रुप में भी मनाया जाता है। इस कारण आषाढ़ पूर्णिमा का दिन अपने आप में बेहद विशेष होता है। 
 

आषाढ़ पूर्णिमा 2024 कब मनाई जाएगी  ashadha purnima kab hai 

इस वर्ष आषाढ़ पूर्णिमा तिथि का आरंभ 20 जुलाई को शाम के समय  05:59 बजे से शुरू होगी और आषाढ़ पूर्णिमा यह तिथि 21 जुलाई रविवार को दोपहर 15:46 बजे समाप्त होगी। आषाढ़ पूर्णिमा व्रत 20 जुलाई को रखा जाएगा क्योंकि उसी दिन शाम को पूर्णिमा होगी और स्नान और दान 21 जुलाई रविवार को होगा। उस दिन आप ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान और दान का कार्य कर सकते हैं। उस दिन सुबह 05:37 बजे से ही स्नान और दान कर लेना उत्तम होगा। 
 

आषाढ़ पूर्णिमा 2024 चंद्रोदय समय Ashadha Purnima 2024 Moonrise Timings


20 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम 6:47 बजे होगा। जो लोग व्रत रखेंगे, उनके लिए 20 जुलाई का दिन होगा इस दिन चंद्रोदय के बाद चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए और अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली का चंद्र दोष दूर होता है। 
 

आषाढ़ पूर्णिमा 2024 स्नान और दान Ashadha Purnima 2024 Bath and Donation

इस बार आषाढ़ पूर्णिमा सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी,  आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:37 से प्राप्त होगा। शास्त्रों में मान्यता है कि इस दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। महर्षि वेद व्यास के सम्मान में इस आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार देखा जाए तो हर माह की पूर्णिमा को बहुत ही पवित्र माना जाता है, लेकिन आषाढ़ मास की यह गुरु पूर्णिमा अपने आप में एक विशेष महत्व रखती है। 
 

आषाढ पूर्णिमा पर करें उपाय 

इस दिन को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है, मान्यता है कि इस दिन महर्षि द्वैपायन व्यास का जन्म हुआ था। इसी कारण इस दिन गुरुओं का पूजन करना सबसे उत्तम कार्य माना गया है। गुरु पूजन द्वारा ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि इस माह की अंतिम तिथि होती है और इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन लोग विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। वैसे तो हर माह की पूर्णिमा तिथि बेहद खास होती है, लेकिन आषाढ़ पूर्णिमा अलग होती है। मान्यता है कि आषाढ़ की पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से साल भर में किए जाने वाले अन्य सभी व्रतों के समान ही फल प्राप्त होता है। 

इस दिन पूजा-पाठ करने और भगवान शिव व चंद्र देव की पूजा करने से व्यक्ति को चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति ठीक नहीं है तो आपको इस दिन पूजा-पाठ जरूर करनी चाहिए इस दिन दान-पुण्य करना भी बहुत शुभ माना जाता है। 
 
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