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Home ›   Blogs Hindi ›   Ashadha Amavasya 2024-When is Ashadha Amavasya- Know the special auspicious time for Ashadha Amavasya

Ashadha Amavasya 2024: कब है आषाढ़ अमावस्या? जानें सही तारीख के साथ स्नान-दान का विशेष मुहूर्त

myjyotish Updated 03 Jul 2024 11:25 AM IST
आषाढ़ अमावस्या
आषाढ़ अमावस्या - फोटो : myjyotish

खास बातें

Ashadh Amavasya July :  इस साल 5 जुलाई को मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या। आषाढ़ अमावस्या के दिन किया जाने वाला पितरों का पूजन से मिलता है पितरों का आशीष तथा स्नान दान करने से मिलती है कष्टों से मुक्ति। 
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Ashadh Amavasya July :  इस साल 5 जुलाई को मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या। आषाढ़ अमावस्या के दिन किया जाने वाला पितरों का पूजन से मिलता है पितरों का आशीष तथा स्नान दान करने से मिलती है कष्टों से मुक्ति। 

Ashadh Amavasya Date 5 जुलाई 2024 को शुक्रवार के दिन है। आषाढ़ अमावस्या पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 5 जलाई के दिन व्याप्त रहेगी और इस दिन अमावस्या स्नान दान के कार्यों को करना शुभ रहेगा।
 

आषाढ़ अमावस्या पूजा मुहूर्त समय Ashadh Amavasya Puja Muhurta Time

इस वर्ष आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि से संबंधित स्नान दान तर्पण इत्यादि सभी कार्य  शुक्रवार, 5 जुलाई को किए जाएंगे। उदयातिथि के आधार पर आषाढ़ अमावस्या का पावन पर्व 5 जुलाई को संपन्न होगा। आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान करने का शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त समय प्रात:काल का होगा जो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:08 बजे से सुबह 04:48 बजे तक रहेगा।

इसके अलावा संपूर्ण दिन स्नान दान के कार्य हेतु शुभ होगा। चर-सामान्य मुहूर्त सुबह 05:29 से 07:13 बजे तक है, लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 07:13 से 08:57 बजे तक है। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 08:57 बजे से सुबह 10:41 बजे तक है। आषाढ़ अमावस्या के दिन अभिजीत मुहूर्त का समय 11:58 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक रहने वाला है। 

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आषाढ़ अमावस्या से दूर होता है पितृ दोष Pitra Dosh is removed from Ashadh Amavasya

आषाढ़ माह की अमावस्या तिथि पितरों के निमित्त होती है। इस दिन किया गया तर्पण कार्य पितृ दोष को दूर करता है। शास्त्रों के अनुसार जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से प्रभावित होता है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां और संकट अचानक आने लगते हैं। परिवार में अचानक मृत्यु या दुर्घटना जैसी स्थितियां अपना प्रभाव डालती हैं। किसी का स्वास्थ्य लंबे समय तक खराब रहने लगता है, बीमारी होती है और लंबे समय तक रहती है और उसमें कोई सुधार नहीं होता है। परिवार में विकलांगता का प्रभाव देखा जाता है। गर्भधारण न कर पाना और परिवार को बढ़ाने में रुकावट, झगड़े और विवाद, दरिद्रता का प्रभाव रहता है।

जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से प्रभावित होता है, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां और संकट अचानक आने लगते हैं। परिवार में अचानक मृत्यु या दुर्घटना जैसी स्थितियां अपना प्रभाव डालती हैं। किसी का स्वास्थ्य लंबे समय तक खराब रहने लगता है, बीमारी होती है और लंबे समय तक रहती है और उसमें कोई सुधार नहीं होता है। परिवार में विकलांगता का प्रभाव देखा जाता है। संतान प्राप्ति में असमर्थता, वंश वृद्धि में बाधा, कलह और दरिद्रता का वास।
 

आषाढ़ अमावस्या पितृ दोष उपाय Ashadha Amavasya Pitra Dosh Upaay


आषाढ़ अमावस्या के दिन सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।आषाढ़ अमावस्या के दिन गाय को गुड़ खिलाना चाहिए।

आषाढ़ अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ पर जल, फूल, दूध और काले तिल चढ़ाकर पितरों को याद करना चाहिए। इसके अलावा इस दिन पीपल का पेड़ लगाना और पितरों की मुक्ति के लिए प्रार्थना करना भी अच्छा होता है।

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आषाढ़ अमावस्या के दिन पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करना चाहिए। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। अमावस्या के दिन पितृ भोग लगाना चाहिए, गाय के गोबर के उपले जलाकर उन पर घी चढ़ाना चाहिए।

यदि आप इससे संबंधित अधिक जानकारी चाहते हैं, तो हमारे ज्योतिषाचार्यों से संपर्क करें।

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