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अक्षय तृतीया से प्राप्त होगा अक्षय पुण्य

MyJyotish Expert Updated 25 Apr 2020 03:28 PM IST
Akshaya Tritiya will get Akshaya Punya
बैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला पर्व अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन किसी भी व्यक्ति को पंचांग देखकर कार्य करने की आवश्यकता नहीं होती है वह कोई भी कार्य इस दिन सफल बना सकता है। इस दिन की श्रेष्ठता इसी से पता चलती है की विवाह ,गृह प्रवेश ,नामकरण संस्कार, वाहन खरीददारी, आभूषण खरीददारी इस दिन यह शुभ ही माना जाता है। अक्षय तृतीया की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में धन -धान्य की कोई कमी नहीं रहती।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सभी शुभ कार्य किए जाते हैं ताकि उनका अक्षय फल प्राप्त हो इसलिए ही इस पर्व को अक्षय तृतीया कहा जाता है। विशेष तौर पर यह पर्व महिलाओं का माना जाता है। इस दिन सोने चांदी की खरीददारी का भी रिवाज है। इस दिन किए गए कार्यों का फल ताउर्म आपको प्राप्त होता है। तथा व्यक्ति की समस्त कष्टों का भी विनाश होता है। इस दिन माँ लक्ष्मी के पूजन से सदैव माँ की कृपा अपने भक्तों पर बनी रहती है। उन्हें सुख -संपत्ति की प्राप्ति होती है।

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अक्षय का अर्थ होता है कभी न समाप्त होने वाला उसी प्रकार इस दिन व्यक्ति द्वारा किए गए कार्यों का सुख वह जीवन भर भोगता है। अक्षय तृतीया का दिन उपवास के लिए भी बहुत उत्तम माना जाता है। इस दिन ईश्वर अपने भक्तों की कोई प्रार्थना अनसुनी नहीं करते। माना जाता है की यदि कोई भी व्यक्ति अपने या अपने स्वजनों द्वारा की गयी भूल के लिए ईश्वर के समक्ष क्षमा प्रार्थी होता है तो भगवान उसकी प्रार्थना जरूर स्वीकार करते हैं। तथा उसे समृद्ध जीवन का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

अक्षय तृतीया का दिन व्रतोत्सव और त्यौहार दोनों ही रूपों में जाना जाता है। इस दिन मूंग और दाल की खिचड़ी बिना नमक डाले बनाई जाती है। घरों में अक्षय तृतीया के दिन पक्की रसोई भी नहीं बनाई जाती है। इस दिन ब्रह्म बेला में स्नानादि करके व्रत या उपवास का संकल्प करना चाहिए। प्रतिमा के रूप में भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की आराधना की जाती है जिनके आशीर्वाद से भक्तों के घरों में सुख -शान्ति ,धन-धान्य व आशीर्वाद बना रहता है।

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